अब तक देखा गया

17 मार्च 2018

पेट में गैस बनना या अफारा क्या है

Gas in the Stomach


जब कभी भूख न लगना, गलत-खान पान और लापरवाही आदि के कारण पेट में दूषित वायु इकट्ठी हो जाती है जो आध्यमान या अफारा को पैदा करती है इसके परिणामस्वरूप पेट की नसों में खिंचाव महसूस होने लगता है ऐसी अवस्था में मरीज बेचैन हो उठता है उसका पेट फूलने लगता है जब गैस (अफारा) ऊपर की ओर बढ़ने लगती है तो हृदय पर दबाब बढ़ता है जिससे घबराहट सी महसूस होती है यह गैस जब पेट में काफी समय तक रुक जाती है तो पेट में काफी दर्द करती है जिसे अफारा या पेट में गैस का बनना कहते है-

पेट में गैस बनना या अफारा क्या है

अफारा क्या है क्यों होता है-


1- उदर-वायु एक आम तथा कभी न कभी हर किसी को होने वाली समस्‍या है पेट गैस को अधोवायु बोलते हैं यह तब होती है जब शरीर में भारी मात्रा में गैस भर जाती है इसे पेट में रोकने से कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे एसिडिटीकब्जपेटदर्दसिरदर्दजी मिचलानाबेचैनी आदि- 

2- खान-पान में अनियमितता करने के कारण हमारे पेट में बहुत गैस पैदा होने लगती है यह बनकर निष्कासित होती रहे तब तक तो तकलीफ नहीं होती मगर जब यह निकलने का नाम न ले और अफारा बना रहे तब बड़ी ही कठिनाई होती है असहनीय स्थिति से गुजरना पड़ता है पेट में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं-

3- आध्यमान (अफारा) यानी (पेट में गैस का बनना) वायु के इकट्ठा होने से पेट के फूलने के कारण पेट में कब्ज़ पैदा हो जाती है कब्ज के कारण जब आंतों में मल एकत्रित होता है तो मल के सड़ने से दूषित वायु (गैस) की उत्पति होती है दूषित वायु को जब कहीं से निकलने का रास्ता नहीं मिलता है तो उस दूषित वायु से पेट फूलने लगता है इससे अग्निमांद्य (भूख का न लगना, अपच) और अतिसार (दस्त) आदि रोग उत्पन्न हो जाते हैं अधिक मात्रा में भोजन करने, बाजारों में अधिक तेल-मिर्च, गर्म मसालों का सेवन करने से पाचन क्रिया की विकृति के साथ आध्यमान की बढ़ोत्तरी होती है-

4- कषैली, कड़वी, तीखी और रूक्ष (सूखा) वस्तुओं को खाने, खेद (दु:ख), अत्यन्त ठण्डे पदाथों का सेवन, अधिक संभोग के कारण वीर्य की कमी, मल-मूत्र के प्रेशर के रोकने से, चिंता, भय (डर), अधिक रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) से मांस क्षीण, अधिक उल्टी और दस्त के कारण अफारा हो जाता है आमदोष और वृद्धावस्था से व्यक्तियों की नसों में वायु (गैस) भरकर दोषों को बढ़ाकर शरीर के अंगों को जकड़ कर दर्द पैदा हो जाने से भी यह विकार उत्पन्न हो जाता है-

पाचन संबधी विकार-


1- बींस, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल, फास्ट फूड, ब्रेड और किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से-

2- खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने से क्‍योंकि इसमें गैसीय तत्व होते हैं इसके साथ बासी खाना खाने से और खराब पानी पीने से भी गैस हो जाती है-

भोजन और परहेज-

1- छोटा अनाज, पुराना शालि चावल, रसोन, लहसुन, करेला फल, पटोल के पत्ते, फल और बथुआ आदि आध्यमान (अफारा) से पीड़ित रोगी इन सभी का प्रयोग खाने में कर सकते हैं

2- बंदगोभीकचालूअरबीभिण्डी और ठण्डी चीजें वायुकारक खाद्य पदार्थ हैं जिसके सेवन करने से पेट में वायु बनती है और अफारा हो जाता है- 

3- चावल, राजमा, उड़द की दाल, दही, छाछ, लस्सी और मूली का प्रयोग न करें क्योंकि यह अफारा को अधिक कर देता है- 

4- अफारा होने पर कड़वे, तीखे, कषैले, सूखे और भारी अनाज (अन्न), तिल, शिम्बी मांसाहारी भोजन, अप्राकृतिक और विषम आसन, मैथुन, रात में जागना, व्यायाम और क्रोध (गुस्सा) आदि को छोड़ देना चाहिए ऐसा करने से अफारा रोग होता है-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

loading...

4 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी एक नाक जाम रहती है कभी कभी दोनो नाक खुलती है कुछ समय के लिए व शरीर के एक भाग बाए नसो मे काफी तनाव महसुस होता है. सांस लेने मे भी तकलीफ होती है.नसे जैसे जाम सी लगती है

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. शुद्ध गाय का घी रात को सोते समय दो-दो बूंद दोनों नाक में डाले और एक दाना काली मिर्च का पानी से रोज लिया करे समस्या समाप्त होगी

      हटाएं
  2. mujhe ges bhot banti hai or mai ghar se bahar rehta hu to koi saral sa upay batao

    उत्तर देंहटाएं
  3. aap ke is post se madat mili
    जिंदगी को सकारात्मक प्रेरक और ज्ञानवान बने
    इस लिकं पर क्लिक करे
    http://vaigyatm.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं

Information on Mail

Loading...