Log Jadui Farmula Dhuudh rahe hai Motape ka-लोग जादुई फार्मूला ढूढ़ रहे है मोटापे का

यह सच है कि मोटापा कम करने का ऐसा कोई जादुई फॉर्मूला अभी तक नहीं बना है लेकिन अगर रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इसे जरूर कम किया जा सकता है वैसे भी आज कल लोग मोटापा कम करने के लिये ना जाने कौन कौन से हथकंडे अपनाते हैं तो ऐसे में अगर आप इस आसान से घरेलू नुस्खे अपना लेगें तो इसमें कोई बुरार्इ नहीं है-


Jadui Farmula Motape ka


मैं अक्सर ब्लॉग पर देखता हूं कि तरह तरह के उपाय लोग अक्सर एक दूसरे से बांटते हैं उनमें सबसे ज्यादा मोटापा कम करने के उपाय है ये अजीब सी बात है-


आज से 15-20 साल पहले लोग पूछा करते थे कि हम मोटे कैसे हो सकते हैं...? जबकि आज लोग पूछते हैं कि हम पतले कैसे हो सकते हैं....? 

अब में और तब में बेशक बहुत अंतर आ गया है- हमारा रहन सहन पूरी तरह से बदल गया है- हमारी खाने पीने की आदत  बदल गयी है औऱ बदल गयी है हमारी जीवनशैली- 

हालांकि बाजार में इन दिनों मोटापा कम करने की हजारों दवा मौजूद हैं इनमें से आधी से ज्यादा तो सिर्फ खट्टे-मीठे चूर्ण हैं-जिन्हें खाने के बाद पता चलता है कि हम ठगे गए है- 

खैर ये तो बाजार की बात है जिसकी ज्यादा डिमांड होती है वो बाजार में बेचा जाता है-मोटापा कम करने के लिए हम अक्सर दवाओं की ओर भागते हैं-लेकिन हम कभी भी अपनी दिनचर्या को ठीक करने की बात नहीं सोचते हैं-

fast food and obesity-फास्ट फूड और मोटापा-

एक समय था जब लोग सुबह पार्कों में जाकर व्यायाम किया करते थे- लोगों का खानपान बेहद संतुलित था- लेकिन-आज चाइनिंग फास्ट फूड और साँस ने ना सिर्फ बच्चों की बल्कि बड़ों के भी पेट खराब किए हुए हैं- इसमें बाजार में मिलने वाला लाल कलर का साँस जो कि असल में सड़े कद्दू का होता है औऱ सोया साँस  जो काले रंग का होता है और चाउमीन में डला होता है सेहत के लिए बेहद खतरनाक है- लेकिन हम इन्हें लगातार खा रहे हैं औऱ पेट की बैंड बजा रहे हैं बस जिह्वा का टेस्ट नहीं बिगडना चाहिए भले पेट बिगड जाए बीमारियाँ लग जाए- इतना ही नहीं हम अपने बच्चों को भी यही खिला रहे है क्यों आप अपने ही बच्चों के दुश्मन बने है-

गलत ढंग से आहार-विहार यानी खान-पान और रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है आपकी कमर मोटी हो जाती है और कूल्हे भारी हो जाते हैं इसी अनुपात से हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है जबड़ों के नीचे गरदन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण हैं-


मोटापे से जहाँ शरीर भद्दा और बेडौल दिखाई देता है वहीं स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ disease(व्याधियाँ) पैदा हो जाती हैं लिहाजा ये सच है कि मोटापा किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता है- 

बहुत कम स्त्रियाँ मोटापे का शिकार होने से बच पाती हैं- हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयाँ, तले पदार्थों का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है-

what causes obesity-मोटापा का क्या कारण है-

पहले की स्त्रियां तो घर में कपडे इत्यादि धो लेती थी उनकी एक्सार्साइज हो जाती थी इसलिए मोटापा नहीं होता था ...जबसे वाशिंग मशीन आई है एक मुसीबत साथ लाई है मोटापा ....कपडे मशीन में डाले और सोफे पे रक्खा रिमोट टी वी का हाथ में लिया  सीरियल नहीं छूटे बस मोटापा फिर किसको आएगा ....?


शरीर पर अधिक चर्बी बढ़ने से पेट बाहर निकल आता है और हाथ-पैर, गर्दन, कमर इत्यादि जगहों पर भी चर्बी जमा हो जाती है- जिससे शरीर बेड़ौल होने लगता हैं बहुत कम लोग ऐसे हैं जो वसा से दूर रह पाते हैं यानी लोग मिठाईयों, तले पदार्थों और स्‍नैक्स इत्यादि को आसानी से नहीं छोड़ पाते है-पहले सुबह चबा- चबा लोग चने का सेवन करते थे मुंह व्यायाम होता था और सेहत भी ठीक हो जाती थी अब नींद खुली तो बेड पे चाय और मेगी का सेवन होता है जबकि मैदा और आरारोट सिर्फ कब्ज ही बना सकता है -


भोजन के अन्त में पानी पीना भी उचित नहीं है बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए- इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता बल्कि मोटापा हो भी तो कम हो जाता है-


आपको अपना आहार भूख से थोडा कम ही लेना चाहिए- इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता है तथा पेट में गैस नहीं बने इसका भी खयाल रखना चाहिए- गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है दोनो समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए-


अब मैं आपको कुछ ऐसे उपाय बताता हूं जो मोटापा कम करने में सहायत सिद्ध हो सकते हैं। और आपकी सेहत भी ठीक कर सकते हैं-

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1- पहला उपाय ये है कि आपको आलस  छोड़ना पड़ेगा और समय से विस्तर से उठ जाए - सुबह जल्दी उठने की आदात डाले औऱ सैर पर निकले-कम से कम एक घंटा सैर करें और हल्का व्यायाम करें या फिर हो सके तो तेज तेज चले-

2- सुबह उठकर गर्म पानी पीये कम से कम दो गिलास और पेट साफ होने के बाद एक घंटा कुछ ना खाए-

3- नीबूं पानी पीये अपनी सेहत हिसाब से- नमकीन या मीठा और इसमें शहद मिलाया जाए तो मोटापा तेजी से कम होता है इसके अलावा नमक कम खाये-

4- पत्ता गोभी खाये खूब बढ़िया उबालकर-

5- तुलसी के पत्तो का रस 10 बूंद और दो चम्मच शहद एक ग्लास पानी मे मिलाकर कुछ दिन पीने से मोटापा कम होता है  तली -भुनी व मैदे से बनी चीजे न खाये- ताजी सब्जियां व ताजे फल लें- खाने के बाद एक कप तेज गरम पानी घूंट लेकर पीए- मोटापा कम होगा-

6- अनामिका अंगुली के टौप भाग पर अंगूठे से दबाकर कम से कम 5 मिनट तक एक्यूप्रेशर करे- दिन में दो या तीन बार ऐसा कर सकते हैं शरीर का वेट सन्तुलित रहेगा

7- इसके अलावा अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो इसे पीना छोड़े- अगर नहीं छोड़ सकते तो कम कर दें- और साथ ही इसके साथ तली भुनी चीजे खाना बंद करें- इसकी जगह सलाद खाए- और अगर आप मांसाहारी है तो आप- रोस्टेड चिकन खाये- वो भी एक या दो पीस और हां...इस दिन एक घंटा ज्यादा व्यायाम करना ना भूले-

8- खाना खाते समय कभी पानी न पीएं- खाने के कम से कम 10-15 मिनट बाद गुनगुना पानी पीएं- 

9- बादी या वात पैदा करने वाले पदार्थ जैसे चावल, अरबी, मीट आदि का सेवन कम ही करें और रात को तो बिल्कुल न खाएं- खाने के बाद टी.वी नहीं देखें और न तत्काल सोएं बल्कि कुछ देर टहलें-

10- हफ्ते में एक बार गर्म पानी से पेट पर सेक करें- ऎसा करने से पसीना अधिक आएगा और चर्बी कम होगी- पेट की स्किन(Abdominal Skin) में कसाव आता है-

11- आप अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा बढाएं- ये पचने में ज्यादा समय लेते हैं और पेट देर तक भरा रहता है- अंडे का सफेद भाग, फैट फ्री दूध व दही, ग्रिल्ड फिश और सब्जियां आपको स्लिम व फिट बनाएंगी-

12- दोपहर और रात के बीच में भूख लगने पर तले स्नेक्स खाने के बजाय ग्रीन या ब्लैक टी पिएं-इसमें Thaynain(थायनाइन) नामक अमीनो एसिड होता है जो मस्तिष्क में रिलैक्स केमिकल्स(Relax Chemicals) का स्त्राव करता है और आपकी भूख पर कंट्रोल करता है तथा गर्भावस्था के समय पेट पर तेल से धीरे-धीरे मालिश करते रहना चाहिए-प्रसव बाद हल्के दबाव के साथ पेट को बांध कर रखें- ऎसा करने पेट ज्यादा उभरेगा नहीं-

13- भोजन में गेहूं के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें- इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ- इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएं- इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा-

14- पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए-इस हेतु एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें और जब भाप उठने लगे- तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें- दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें- प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है- कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा-

15- अगर आप Pot-bellied obesity(थुलथुले मोटापे)से परेशान हैं तो लहसुन की दो कलियां भून लें उसमें सफेद जीरा व सौंफ तथा सैंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें- इसका सेवन सुबह खाली पेट गर्म पानी से करें- लहसुन की चटनी खाना चाहिए और लहसुन को कुचलकर पानी का घोल बनाकर पीना चाहिए- लहसुन की पांच-छ: कलियां पीसकर पानी  में भिगो दें- सुबह पीस लें और उसमें भुनी हींग और अजवाइन व सौंफ के साथ ही सोंठ व सेंधा नमक, पुदीना मिलाकर चूर्ण बना लें- 5 ग्राम चूर्ण रोज फांकना चाहिए-


एक और जादुई फार्मूला भी अपनाये-

Log Jadui Farmula Dhuudh rahe hai Motape ka


यदि आप इस चाय को अगर आप नियमित पीयेगे -तो आप देखते ही देखते पतले हो जायेगे - चलो आपको बता ही देते  है कि कैसे बनाई जाती है ये हनी एंड सिनामन चाय(Honey and Cinnamon Tea)-


सामग्री-

शहद - 2 चम्‍मच
दालचीनी - 1 चम्‍मच
पानी - एक कप यानी 237 मिलीलीटर

व‍िधि-

1 कप पानी में 1 भाग दालचीनी और 1 चम्‍मच शहद मिला कर खौला लें अब एक कप में दूसरा भाग दालचीनी डाल कर उसके ऊपर से खौलाया हुआ पानी उडे़लें- फिर इसे ढंक दें और पीने लायक ठंडा होने दें- जब पानी ठंडा हो जाए तब उसमें शहद मिला कर मिक्‍स करें- रात को सोने से पहले आधा कप चाय पियें और आधी कप चाय को ठंडा हो जाने के बाद फ्रिज में रख दें- फिर बची हुई चाय को दूसरे दिन बिना गरम किये हुए पियें-

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अन्य कुछ और प्रयोग- 


केवल सेवफल का ही आहार में सेवन करने से लाभ होता है- अरनी के पत्तों का 20 से 50 मि.ली. रस दिन में तीन बार पीने से स्थूलता दूर होती है-

चंद्रप्रभावटी की 2-2 गोलियाँ रोज दो बार गोमूत्र के साथ लेने से एवं दूध-भात का भोजन करने से 'डनलप' जैसा शरीर भी घटकर छरहरा हो जायेगा-

आरोग्यवर्धिनीवटी की 3-3 गोली दो बार लेने से व 2 से 5 ग्राम त्रिफला का रात में सेवन करने से भी मोटापा कम होता है- इस दौरान केवल मूँग, खाखरे, परमल का ही आहार लें साथ में हल्का सा व्यायाम व योगासन करना चाहिए-

एक गिलास कुनकुने पानी में आधे नींबू का रस, दस बूँद अदरक का रस एवं दस ग्राम शहद मिलाकर रोज सुबह नियमित रूप से पीने से मोटापे का नियंत्रण करना सहज हो जाता है-

मोटापा घटाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय-

गेहूं ,चावल,बाजरा और साबुत मूंग को समान मात्रा में लेकर सेककर इसका दलिया बना लें ! इस दलिये में अजवायन 20 ग्राम तथा सफ़ेद तिल 50 ग्राम भी मिला दें ! 50 ग्राम दलिये को 400 मि.ली.पानी में पकाएं ! स्वादानुसार सब्जियां और हल्का नमक मिला लें ! नियमित रूप से एक महीनें तक इस दलिये के सेवन से मोटापा और मधुमेह में आश्चर्यजनक लाभ होता है-

अश्वगंधा के एक पत्ते को हाथ से मसलकर गोली बनाकर प्रतिदिन सुबह,दोपहर,शाम को भोजन से एक घंटा पहले या खाली पेट जल के साथ निगल लें ! एक सप्ताह के नियमित सेवन के साथ फल,सब्जियों,दूध,छाछ और जूस पर रहते हुए कई किलो वजन कम किया जा सकता है -

मूली के रस में थोडा नमक और निम्बू का रस मिलाकर नियमित रूप से पीने से मोटापा कम हो जाता है और शरीर सुडौल हो जाता है -

आहार में गेहूं के आटे और मैदा से बने सभी व्यंजनों का सेवन एक माह तक बिलकुल बंद रखें तथा इसमें रोटी भी शामिल है अब  अपना पेट पहले के 4-6 दिन तक केवल दाल,सब्जियां और मौसमी फल खाकर ही भरें और दालों में आप सिर्फ छिलके वाली मूंग कि दाल ,अरहर या मसूर कि दाल ही ले सकतें हैं चनें या उडद कि दाल नहीं तथा सब्जियों में जो इच्छा करें वही ले सकते हैं  गाजर,मूली,ककड़ी,पालक,पतागोभी,पके टमाटर और हरी मिर्च लेकर सलाद बना लें . सलाद पर मनचाही मात्रा में कालीमिर्च,सैंधा नमक,जीरा बुरककर और निम्बू निचोड़ कर खाएं  बस गेहूं कि बनी रोटी छोडकर दाल,सब्जी,सलाद और एक गिलास छाछ का भोजन करते हुए घूंट घूंट करके पीते हुए पेट भरना चाहिए . इसमें मात्रा ज्यादा भी हो जाए तो चिंता कि कोई बात नहीं . इस प्रकार 6-7 दिन तक खाते रहें . इसके बाद गेहूं कि बनी रोटी कि जगह चना और जौ के बने आटे कि रोटी खाना शुरू करें फिर  5 किलो देशी चना और एक किलो जौ को मिलकर साफ़ करके पिसवा लें ! 6-7 दिन तक इस आटे से बनी रोटी आधी मात्रा में और आधी मात्रा में दाल,सब्जी,सलाद और छाछ लेना शुरू करें .एक महीने बाद गेहूं कि रोटी खाना शुरू कर सकते हैं लेकिन शुरुआत एक रोटी से करते हुए धीरे धीरे बढाते जाएँ . भादों के महीने में छाछ का प्रयोग नहीं किया जाता है इसलिए इस महीनें में छाछ का प्रयोग नां करें -..

एरण्ड की जड़ का काढ़ा बनाकर उसको छानकर एक एक चम्मच की मात्रा में शहद के साथ दिन में तीन बार नियमित सेवन करने से मोटापा दूर होता है -

चित्रक कि जड़ का चूर्ण एक ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सुबह शाम नियमित रूप से सेवन करने और खानपान का परहेज करनें से भी मोटापा दूर किया जा सकता है -

बिना बुझा चूना 15 ग्राम पीसकर 250 ग्राम देशी घी में मिलाकर कपड़े में छानकर सुबह-शाम 6-6 ग्राम की मात्रा में चाटने से मोटापा कम होता है-

सहजन के पेड़ के पत्ते का रस 3 चम्मच की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा का ढीलापन दूर होता है और चर्बी की अधिकता कम होती है-

अर्जुन के 2 ग्राम चूर्ण को अग्निमथ के काढ़े में मिलाकर पीने से मोटापा दूर होता है-

भृंगराज के पेड़ के ताजे पत्ते का रस 5 ग्राम की मात्रा में सुबह पानी के साथ प्रयोग करने से मोटापा कम होता है-

विडंग के बीज का चूर्ण 1 से 3 ग्राम शहद के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से मोटापा में लाभ मिलता है।

वायविंडग, सोंठ, जवाक्षार, कांतिसार, जौ और आंवले का चूर्ण शहद में मिलाकर सेवन करने से मोटापा में दूर होता है-

तुलसी के कोमल और ताजे पत्ते को पीसकर दही के साथ बच्चे को सेवन कराने से अधिक चर्बी बनना कम होता है। तुलसी के पत्तों के 10 ग्राम रस को 100 ग्राम पानी में मिलाकर पीने से शरीर का ढीलापन व अधिक चर्बी नष्ट होती है।तथा तुलसी के पत्तों का रस 10 बूंद और शहद 2 चम्मच को 1 गिलास पानी में मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से मोटापा कम होता है-

रात को सोने से पहले त्रिफला का चूर्ण 15 ग्राम की मात्रा में हल्के गर्म पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इस पानी को छानकर शहद मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करें। इससे मोटापा जल्दी दूर होता है। त्रिफला, त्रिकुटा, चित्रक, नागरमोथा और वायविंडग को मिलाकर काढ़ा में गुगुल को डालकर सेवन करें। त्रिफले का चूर्ण शहद के साथ 10 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार (सुबह और शाम) पीने से लाभ होता है-

हरड़ 500 ग्राम, 500 ग्राम सेंधानमक व 250 ग्राम कालानमक को पीसकर इसमें 20 ग्राम ग्वारपाठे का रस मिलाकर अच्छी तरह मिलाकर सूखा लें। यह 3 ग्राम की मात्रा में रात को गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करने से मोटापे के रोग में लाभ मिलता है-

सोंठ, जवाखार, कांतिसार, जौ और आंवला बराबर मात्रा में लेकर पीसकर छान लें और इसमें शहद मिलाकर पीएं। इससे मोटापे की बीमारी समाप्त हो जाती है-

सोंठ, कालीमिर्च, छोटी पीपल, चव्य, सफेद जीरा, हींग, कालानमक और चीता बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण सुबह 6 ग्राम चूर्ण में गर्म पानी के साथ पीने से मोटापा कम होता है-

गिलोय, हरड़, बहेड़ा और आंवला मिलाकर काढ़ा बनाकर इसमें शुद्ध शिलाजीत मिलाकर खाने से मोटापा दूर होता है और पेट व कमर की अधिक चर्बी कम होती है-

गिलोय 3 ग्राम और त्रिफला 3 ग्राम को कूटकर चूर्ण बना लें और यह सुबह-शाम शहद के साथ चाटने से मोटापा कम होता है-

गिलोय, हरड़ और नागरमोथा बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। यह 1-1 चम्मच चूर्ण शहद के साथ दिन में 3 बार लेने से त्वचा का लटकना व अधिक चर्बी कम होता है-

गुग्गुल, त्रिकुट, त्रिफला और कालीमिर्च बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को अच्छी तरह एरण्ड के तेल में घोटकर रख लें। यह चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मोटापा की बीमारी ठीक होती है-

तिल के तेल से प्रतिदिन मालिश करने से शरीर पर बनी हुई अधिक चर्बी कम होती है-

दही को खाने से मोटापा कम होता है।तथा छाछ में कालानमक और अजवायन मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है-

100 ग्राम कुल्थी की दाल प्रतिदिन सेवन करने से चर्बी कम होती है-

पालक के 25 ग्राम रस में गाजर का 50 ग्राम रस मिलाकर पीने से शरीर का फैट (चर्बी) समाप्त होती है। 50 ग्राम पालक के रस में 15 ग्राम नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त होता है-

डिकामाली (एक तरह का गोंद) लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग की मात्रा में गर्म पानी के साथ मिलाकर सुबह-शाम पीने से मोटापा कम होता है-

एरण्ड की जड़ का काढ़ा बनाकर 1-1 चम्मच की मात्रा में शहद के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से मोटापा दूर होता है।तथा एरण्ड के पत्तों का रस हींग मिलाकर पीने और ऊपर से पका हुआ चावल खाने से अधिक चर्बी नष्ट होती है। एरंड को अंडी भी कहा जाता है -

पिप्पली का चूर्ण लगभग आधा ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम शहद के साथ प्रतिदिन 1 महीने तक सेवन करने से मोटापा समाप्त होता है-

पीप्पल 150 ग्राम और सेंधानमक 30 ग्राम को अच्छी तरह पीसकर कूटकर 21 खुराक बना लें। यह दिन में एक बार सुबह खाली पेट छाछ के साथ सेवन करें। इससे वायु के कारण पेट की बढ़ी हुई चर्बी कम होती है-

पिप्पली के 1 से 2 दाने दूध में देर तक उबाल लें और दूध से पिप्पली निकालकर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। इससे मोटापा कम होता है-

जवाखार  35 ग्राम और चित्रकमूल 175 ग्राम को अच्छी तरह पीसकर चूर्ण बना लें। यह 5 ग्राम चूर्ण एक नींबू का रस, शहद और 250 ग्राम गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट लगातार 40 दिनों तक पीएं। इससे शरीर की फालतू चर्बी समाप्त हो जाती है और शरीर सुडौल होता है। या फिर जौखार का चूर्ण आधा-आधा ग्राम दिन में 3 बार पानी के साथ सेवन करने से मोटापा दूर होता है-

प्रतिदिन अनन्नास खाने से स्थूलता नष्ट होती है क्योंकि अनन्नास चर्बी को नष्ट करता है-

मोटापा कम करेगी  यह स्पेशल चाय एक चम्मच सूखा अदरक पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, दो चम्मच गुड़, आधा चम्मच सौंफ, एक टी बैग और एक कप पानी। सौंफ को दो मिनट पानी में उबालिए और गर्म पानी में 1 मिनट के लिए टी बैग डालें। इससे फ्लेवर आ जाएगा। और चाय का स्वाद भी कुछ बदल जाएगा जो पीने में अच्छा लगेगा। आखिर में सारे पदार्थ इसमें मिला दें और गुड़ मिलाकर इसे घोलें। जब गुड़ मिल जाए तो स्वाद के साथ पीएं-

आपको दूर करना हो शूगर या फिर मोटापा या आ रही हो कैलोरी की दिक्कत तीनों मर्ज में स्टीविया का करेंगे यूज तो होगा लाभ भरपूर-


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विशेष-

सबसे पहले मोटापे से पीड़ित रोगी को समझना चाहिए कि जब तक आप अपने खान-पान में सुधार नहीं करेगें, तब तक आपका मोटापा दूर नहीं हो सकता है- सादा भोजन और व्यायाम शरीर में अधिक चर्बी को पिघलाता है- मालिश उसमें सहायता करती है और रोगी के शरीर मे कमजोरी नहीं आने देती है, साथ ही चर्बी घटने पर शरीर के मांस को ढीला नहीं पड़ने देती, बल्कि मालिश शरीर को मजबूत तथा आकर्षक बना देती है- इसलिए मोटापा कम करने वाले व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने भोजन में सुधार करे तथा प्रतिदिन व्यायाम करें- ठण्डी मालिश मोटापा दूर करने में विशेष सहायता करती है, इसके अलावा तेल मालिश या सूखी मालिश भी की जा सकती है- वैसे तेल मालिश का उपयोग कम ही करें तो अच्छा है क्योंकि तेल की मालिश तभी अधिक लाभ देती है जब रोगी उपवास कर रहा हो-

रोगी को उबली हुई सब्जियां, क्रीम निकला हुआ दूध, संतरा, नींबू आदि खट्टे फल तथा 1-2 चपाती नियमित रूप से कई महीने तक लेनी चाहिए रोगी को तली और भुनी हुई चीजों को अपने भोजन से पूरी तरह दूर रखना चाहिए- उपचार के दौरान रोगी को बीच-बीच में 1-2 दिन का उपवास भी रखना चाहिए- उपवास के दिनों में केवल नींबू पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए- इस प्रकार के भोजन व उपचार से कुछ दिनों तक तो रोगी को कमजोरी महसूस होगी, परन्तु कुछ दिनों के अभ्यास से जब शरीर इसका आदि हो जाएगा, तब रोगी अपने को अच्छा महसूस करने लगेगा-

जिन लोगों को मोटापा थायराइड ग्रंथि की गड़बड़ी के कारण हो गया हो, उन्हें मोटापा दूर करने के लिए क्रीम निकले दूध के स्थान पर गाय का दूध पीना चाहिए, इससे रोगी को कोई नुकसान नहीं होगा- रोगी के लिए आवश्यक यह है कि वह एक समय में ही भोजन करे और सुबह और शाम 250 ग्राम से 300 ग्राम दूध के साथ कुछ फल भी ले, इससे रोगी को जल्दी लाभ होगा-


Upcharऔर प्रयोग -
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