20 फ़रवरी 2015

देश में पहली बार आई ये मशीन, 10 साल पहले ही बता देगी किसे है कैंसर....!

*  अब 3 से 10 साल पहले महिलाओं में बच्चेदानी और पुरुषों में मुंह के कैंसर का पता लग जाएगा। अब तक दोनों किस्मों के कैंसर का पता तब लगता था, जब कैंसर अगली और जानलेवा स्टेज में पहुंच जाता था।

* इसके लिए मेडिकल कॅालेज में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) सिस्टम लगाया गया है। मशीन में सैंपल डालने के साढ़े 3 घंटे बाद रिपोर्ट आ जाएगी। इस तरह की यह देश की पहली मशीन है।


* पंजाब में मुंह और बच्चेदानी के कैंसर के सबसे अधिक मरीज सामने रहे हैं। दोनों किस्मों के कैंसर को पहली स्टेज में डिटेक्ट करने के लिए यह मशीन लगाई गई है। कैंसर अरली डिटेक्शन के लिए इस तरह की यह देश की पहली मशीन है, जो बताएगी कि मरीज को यदि कैंसर होना है तो कितने समय में हो सकता है।

* पॉपुलेशन वेस्ड कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के तहत यह मशीन करीब 80 लाख में खरीदी गई है। पहले कैंसर पता लगाने के लिए पैप स्मीयर टेस्ट तकनीक अपनाई जाती थी, जिससे कैंसर का पूरी तरह से पता नहीं लग पाता था, और मरीज को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।


* एचपीवी मशीन सिर्फ सैंपल की जांच करके यह बताएगी कि मरीज को कैंसर कितने समय बाद होगा। यदि मरीज के अंदर कैंसर के सैल पाए जाते हैं तो मशीन कैंसर सेल का डीएनए टेस्ट करेगी, और बताएगी कि कैंसर कहां से आया है। बेक्टन डिक्नसन कंपनी के सर्विस मैनेजर हरजिंदर सिंह ने बताया कि मशीन पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। मशीन में एक बार 30 सैंपल डाले जा सकते हैं। साढ़े 3 घंटे में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।



* पैथालॉजी डिपार्टमेंट के हेड डा. मंजीत सिंह बल ने बताया कि पंजाब में बढ़ते बच्चेदानी ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या को देखते हुए मशीन मंगवाई गई है। यदि मरीज के अंदर कैंसर सैल का समय पर पता लग जाता है तो उसके इलाज में भी तेजी आएगी। समय पर कैंसर का इलाज संभव होगा। एचपीवी 3 घंटे में देगी सैंपल की रिपोर्ट।






* मशीन में एक मॉनिटर लगा है, जिसमें मशीन की हर एक्टिविटी दिखती है। मशीन के अंदर स्लाइड बनाकर एक साथ 30 सैंपल डाले जाते हैं। मशीन की मैग्नेटिक बीट्स वायरस को अलग कर देते हैं। डिस्पले पर जाता है कि मरीज के शरीर में कैंसर के सैल हैं या नहीं है।
loading...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Tags Post

Information on Mail

Loading...