करे आप और लाभ ले -

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अन्धविश्वाश से दूर रहने वाले सज्जन इस पोस्ट पे ध्यान न दे क्युकि उनके लिए ये पोस्ट सार्थक नहीं है -


अगर विश्वाश हो करे और देखे -फिर तर्क करे -क्युकि इस ग्रुप में कोई दान-दक्षिणा की प्रथा नहीं है सिर सेवा भाव से काम कर रहे है अगर एक व्यक्ति को भी लाभ होता है तो मेरी पोस्ट को सार्थकता मिल जाती है ...!


छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं।


घर में किसी भी व्यक्ति की रोग की अवस्था में घर की सभी घडियों को चालू हालत में रखें।


पांवों का कैसा भी रोग हो सोलह दांत वाली पीली कौडी में सूराख करके बांध लें।


नींद न आने पर श्वेत घुंघची की जड को तकिए के नीचे रखकर सोएं।कुछ ही दिन में नींद अच्छी आने लगेगी बिना पैसे की दवा है श्वेत घुघुची सुनार या पंसारी से मिल जायेगी |


चक्कर आने की अवस्था में किसी भी रविवार या मंगलवार को गुलाबजल में 2 माशा गोरोचन पीसकर सेवन कर लें।ये भी जड़ी बूटी बेचने वाले पंसारी से ले बस असली हो |


सुलेमानी रत्न को चांदी की अंगूठी में पहनने से स्मरणशक्ति का विकास होता है। सुनार या रत्न विक्रेता से ले |


श्वेत गुंजा की जड को गाय के शुद्ध घृत में पीसकर लेप लैयार करें। यह लेप शिश्न पर मलने से कामशक्ति की वृद्धि के साथ स्तंभन शक्ति में भी वृद्धि होती है।


शनिवार  के दिन एक रुपये  का सिक्का या सरसों  का तेल किसी  कोढ़ी को दान करे लाभ के रूप में |


महाकाली का पूजन शुद्ध  घी के दीपक से करे. मनोकामना के लिए |


काम में जाने से पहले  पूजा घर में  रखे  जल कलश को  प्रणाम  करके जाए.पूरा दिन आपका अच्छा व्यतीत होगा |


हर बुधवार एक कटोरी चावल  दान कर गणेशजी  पर एक  सुपारी एक  वर्ष  तक चढ़ाये आपकी धन संपदा में वृधि उतरोत्तर होती जायगी |


सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर उत्तर दिशा में मुंह रख कर बैठें। सामने बाजोट(पटिया) रखें व उस पर पीला कपड़ा बिछाएं। अब बाजोट पर गेहूं की ढेरी बनाएं और उस पर 7 गोमती चक्र स्थापित करें। अब उस पर कुंकुम का तिलक करें और हर चक्र पर एक-एक सिक्का अर्पित करें। अब फूल चढ़ाकर धूप-दीप करें और फल अर्पित करें। अब नीचे लिखे मंत्र की 7 माला जप करें।


मंत्र-  "ऊँ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नम:"

हर माला जप की समाप्ति पर हर चक्र पर एक फूल अर्पित करें। दूसरे दिन यह सभी सामग्री ले जाकर किसी सुनसान स्थान पर रख आएं। आपके जीवन से धन संबंधी समस्याओं का निराकरण हो जाएगा।माला असली स्फटिक की प्रयोग में ले |


लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए हर एकादशी को घर के पूजा स्थल पर ग्यारह दीपक जलाएं।


कुछ और प्रयोग भी आजमाए :-
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घर में सदा अन्न का भंडार बना रहे आश्लेषा नक्षत्र में बरगद वृक्ष का एक पत्ता तोड़ कर लायें। उस पत्ते को गंगाजल से छींटा मारकर धूप देकर प्रार्थना करें कि हे अन्नपूर्णा देवी मेरे घर में सदा अन्न का भंडार भरा रहे कभी इसकी कमी न हो। उस पत्ते को चावल या गेहूं के अंदर दबा कर रख देने से कभी कमी नहीं होगी।


फसल की सुरक्षा के लिए सफेद सरसों तथा बालू को एक साथ मिलाकर खेत के चारों ओर जल देने से खेत में चूहों से, कीड़ों से एवं टिड्डी आदि से फसल की रक्षा होती है।


जो स्त्री निःसंतान है जिसको बांझ भी बोलते हैं उसे पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में आम की जड़ को गाय के दूध में घिसकर पिलाने से उसे संतान हो जाती है। इस नक्षत्र में यह प्रयोग करती रहें। इसी प्रकार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में नीम की जड़ को लाकर स्त्री अपने पास में किसी लाल कपड़े में बांध कर शरीर पर धारण करे तो जो दोष होता है वह शांत हो जाता है। तब संतान हो जाती है।


स्वाति नक्षत्र मं मोगरा की जड़ लेकर भैंस के दूध में घिसकर पीने से रंग में परिवर्तन व मुख सुंदर होता है।


आपके जीवन में सुख समर्धि का निरंतर आगमन हो यही मेरी कामना है .

उपचार और प्रयोग -http://www.upcharaurprayog.com

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