शादी एक ऐसा लड्डू है जो खाता है वो भी पछताता है........ !

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शादी ही एक ऐसा लड्डू है जो खाता है वो भी पछताता है और जो नहीं खाता है वह भी पछताता है आपको लोग शादी करने की सलाह एक उम्र पार करने के बाद देने ही लगते हैं लेकिन कभी भी उसकी सही असलियत क्या है ये बात आपको  पूरी बात नहीं बताते हैं शादी एक ऐसा निर्णय होता है जिसे लेने के बाद कई बार लोग सिवाय पछताने के कुछ नहीं करते हैं-



जब भी शादी-शुदा जिन्‍दगी में कुछ गलत हो जाता है तो लोग सिर्फ हाथ पर हाथ धरे रह जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद फिर से लोगों को अकेले न रहने की सलाह देते हैं और सभी को लगता है कि शादी के बाद जिन्‍दगी पूरी हो जाती है और फिर कोई और चाहत नहीं बचती है लेकिन असल आफत की जड़ तो यहीं से शुरू होती है-

शादी आप कितने भी हैंडसम लड़के या कितनी भी ब्‍यूटीफुल लड़की से कर लीजिए-लेकिन कुछ समय आपका आपस में झुकाव खत्‍म हो जाता है और किसी भी तरह का आकर्षण नहीं चलता है-

शादी के बाद पार्टनर में आपसी सामंजस्‍य तो होता है लेकिन किसी एक की बात ज्‍यादा मानी जाती है तब ऐसे में कई बार तनाव हो जाता है लेकिन शादी चलती रहती है क्‍योंकि सभी को लगता है कि ऐसा होना बेहद सामान्‍य बात है-

हो सकता है आपको ये सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन शादी के बाद पति-पत्‍नी के बीच वो प्‍यार और झुकाव नहीं रह जाता है जो पहले होता है-कभी न कभी उनका दिल एक दूसरे से भर जाता है और उनके बीच निराशा आ जाती है सिर्फ एक प्रतिशत ही जोड़े है जो शादी में वास्तविक सुख ले रहे है क्युकि उन्होंने अपने शादी-शुदा जीवन में दो तीन काम एक्स्ट्रा किये है -अब आप हमसे पूछेगें क्या है वो दो तीन काम ?तो इसका उत्तर हम आपको बाद में देते है-

ये सच है पार्टनर्स के बीच एक समय ऐसा आता है कि उन्‍हे एक-दूसरे से नफरत हो जाती है ऐसा मानवीय प्रकृति के कारण होता है और फिर थोड़ा ब्रेक देने के बाद सब कुछ नॉर्मल हो जाता है-आपने शायद कहते सुना भी होगा कि आपसे शादी करके किस्मत फूट गई-

कई बार लोगों का मानना होता है कि अगर उनके बच्‍चे हो जाएं तो सब कुछ ठीक हो जाएगा-लेकिन ऐसा नहीं होता है बल्कि बच्‍चों के पैदा होने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है-

प्‍यार से दिन भर लिपटने वाले दिन ज्‍यादा नहीं चलते हैं और शादी के कुछ ही हफ्तों या महीनों के बाद प्‍यार हवा हो जाता है और तब ये पार्टनर्स धरातल पर आते हैं-हो सकता है कुछ लोग इस बात को सामजिक रूप से स्वीकार न करें मगर अंतरात्मा में कभी ये सोचने पर विवश है कि कुछ तो गलत हुआ है-

शादी के बाद हर चीज़ बिल्‍कुल सही नहीं चलती है कुछ चीजें बिगड़ भी जाती हैं-मनुष्‍य की प्रकृति होती है कि वो आपस में सहमत और असहमत होते रहते हैं-लेकिन वो रिश्‍ते सुधारने का भरपूर प्रयास करते हैं-

वैसे भी जब आप जवान होते हैं तो फिर से शादी करने का सवाल सामने आ खड़ा होता है जिससे पीछा छुड़ाना जरा मुश्‍किल होता है पर क्‍या आपने कभी सोचा है कि शादी करने की सही उम्र क्‍या है.?

गांव में लोग जल्‍दी शादी कर के घर बसाना पसंद करते हैं पर वहीं दूसरी ओर शहर में लोग 30-35 की उम्र तक शादी के लिये रूकना पसंद करते हैं चूँकि अब जमाना काफी बदल रहा है इस वजह से लोग पहले अपने करियर पर ध्‍यान देते हैं और बाद में शादी करते हैं-

भारत में पुरुष के लिए शादी करने की औसत उम्र लगभग 26 वर्ष है तथा महिलाओं के लिए शादी की औसत उम्र लगभग 22 वर्ष है-जो भविष्य में शादी करने वाले हैं उनके लिए वाद विवाद बढता है-महिलाओं के लिए शादी की उचित उम्र क्या है.? जब शिक्षा, अर्थशास्त्र, व्यक्तिगत विकास और बच्चे को जन्म देने की बात आती है तो प्रत्येक उम्र में शादी करने के कुछ फायदे और नुकसान हैं-

आपने कॉलेज की पढाई पूरी की है तथा आप अपना कैरियर बनाना चाहती हैं-इस उम्र में आप अपने कॉलेज या स्कूल जीवन के साथी से या अपने किंडरगार्टन में पहले दिन मिले मित्र के साथ शादी करना चाहती हैं या अपने पड़ोस में रहने वाले साथी के साथ जो आपके साथ ही बड़ा हुआ हो-

आप और आपका दूल्हा दोनों जवान हैं अत: आप साथ साथ विकास कर सकते हैं और स्वयं को बदल सकते हैं तथा आप दोनों एक ही दिशा में इस प्रकार चल सकते हैं जैसे आप एक जोड़े के रूप में ही बड़े हुए हों-आप युवा पालक भी बन सकते हैं यदि आपने बच्चे को जन्म देने का निर्णय कर लिया हो-इस प्रकार आप अपना एक बड़ा परिवार बना सकते हैं-

जब आप 25 से कम उम्र के होते हैं तब आप स्वयं को अच्छी तरह नहीं जानते-विशेषत: तब जब यह बात आती है कि आप अपनी ज़िन्दगी में क्या करना चाहते हैं और वास्तव में आप किस बात पर विश्वास करते हैं वैयक्तिक तौर पर भी तथा एक युगल के रूप में भी-

भारत में तलाक के जो मामले सामने आते हैं उनमें 50% ऐसे मामले ऐसे लोगों के होते हैं जिनकी शादी 20 वर्ष से भी कम उम्र में होती है-20-23 वर्ष की उम्र में शादी करने वालों में यह प्रतिशत 34% तक है-उम्र बढ़ने के साथ तलाक की दर भी घटती जाती है-

ये वे शानदार और मज़ेदार समय होता है जब आप यह ढूंढते रहते हैं कि एक औरत के रूप में आप क्या हैं आप अपनी ज़िन्दगी में आखिरकार क्या करना चाहती हैं तथा आपके लिए क्या बात मायने रखती है-20 से 30 वर्ष की उम्र में किसी पुरुष का साथ मिलने पर आप स्वयं को एक सुंदरी समझती हैं-

इस उम्र में आप ऐसे किसी व्यक्ति से मिल सकते हैं जिसके विचार आपके विचारों से मिलते हों क्योंकि अब आप अपने बारे में जागरूक हो चुके होते हैं और आपके पास पर्याप्त समय होता कि आप अपने अकेले दोस्तों के साथ पार्टी कर सकें,यात्रा कर सकें तथा ऑफिस में अधिक समय तक रुक सकें तब ऐसी अवस्था में आप एक अनुभवी जोड़े के रूप में स्वयं को बसा सकते हैं जिनका अपना एक स्थापित सामाजिक समुदाय और कैरियर होता है-

एक अध्ययन के अनुसार आर्थिक रूप से एक महिला की कमाने की शक्ति उसकी 30 वर्ष की उम्र या उसके बाद सबसे उच्च होती है-30 वर्ष की उम्र के बाद शादी करने से उसे कमाने की एक अतिरिक्त ताकत भी मिलती है-

30 वर्ष की उम्र वास्तव में 20 वें वर्ष की शुरुआत होती है तो इस समय आपके सामने बहुत सारे अवसर उपलब्ध होते हैं आप अपने कैरियर की दृष्टि से तथा व्यक्तिगत वित्त दोनों को लेकर सुरक्षित होती हैं तथा इस उम्र में संभवत: आप किसी लड़के नहीं बल्कि पुरुष का साथ पाने का विचार करती हैं-

एक महिला के गर्भवती होने की संभावना केवल 63-52% तक ही कम होती है तो यदि आप अभी भी 35 वर्ष से कम उम्र की हैं तो भी आपको परिवार प्रारंभ करने के लिए कुछ समय लग सकता है-परंतु यह संभव है यदि पर्याप्त समय दिया जाए तो इस उम्र में गर्भधारण करना वास्तव में एक समस्या हो सकता है क्योंकि इस उम्र में बांझपन की संभावना 15-32% तक बढ़ जाती है आपके गर्भवती होने अवसर केवल 33% तक रह जाते हैं-

कुछ महिलाओं को लेट ब्लूमर कहलाना पसंद होता है इस समय तक ये महिलायें ये जान चुकी होती हैं कि हमें पैसा कमाने के लिए क्या करना अच्छा लगता है तथा विभिन्न जगह में घूमकर ये जान चुकी होती हैं कि वे कहाँ रहना चाहती हैं और इतने सारे पुरुषों से दोस्ती कर चुकी होती हैं और तब तक ये समझ आ जाती है कि रोमांटिक साथी के साथ धन कमाने वाला केयरिंग पुरुष हो-

जीवन की इस मध्यावस्था में आप निश्चित तौर पर एक ऐसी स्वतंत्र महिला होती है जो एक शानदार कैरियर का आनंद उठा चुकी होती हैं तथा आपके पास मित्रों का एक सशक्त समूह होता है जो आपको भावनात्मक सहयोग प्रदान करता है-इस समय आप किसी तलाकशुदा/ विधुर पुरुष या ऐसे पुरुष जो एकल पिता हों उसके साथ भी शादी करने को तैयार होती हैं क्युकि तब तक आपको धन की आवश्यकता का पूर्ण ज्ञान हो चुका होता है हाँ ये बात अलग है कि आप स्वयं को पुन: एक सुंदरी की तरह महसूस करने लगती है-

जो लोग अपने साथी को पोर्न के बारे में समझाते है तो क्‍या आपको नहीं लगता है कि पोर्न, सम्‍बंधों पर बुरा असर डालती हैं लेकिन ऐसा कम लोग ही सोचते हैं क्‍योंकि उन्‍हे लगता है कि यह मज़े की बात है लेकिन वास्‍तविकता इससे थोड़ी उलटी है अगर आप अपने पार्टनर को पोर्नोग्राफी के बारे में ज्‍यादा समझाते हैं या उसके साथ ज्‍यादा शेयर करते हैं तो उसे थोड़ा अटपटा लग सकता है और शादी पर भी इसके कई दुष्‍प्रभाव हो सकते हैं यदि आप पोर्नोग्राफी देखने के ज्‍यादा शौकीन हैं तो आपको अपने पार्टनर से लवमेकिंग करने के बाद संतुष्टि नहीं ही मिलेगी-

पोर्नोग्राफी देखने के शौकीन लोग,लवमेकिंग करने में ढीले हो जाते हैं क्‍योंकि वह मास्‍टरबेट करने लगते हैं जिससे उनकी क्षमता पर असर पड़ता है और पोर्न के शौकीन लोग अपनी सारी एनर्जी पोर्न देखने में ही गवां देते हैं उनके लिए वास्‍तव में सेक्‍स करना एक काम रह जाता है शौकीन लोगों के लिए लवमेकिंग एक खेल की तरह होता है इसलिये उससे उनकी प्यार की भावनाएं शून्‍य हो जाती है चूँकि पोर्नोग्राफी देखने से आकर्षण की परिभाषा बदल जाती है उन्‍हे महिलाएं सम्‍मानजनक नहीं बल्कि सेक्‍सी ज्‍यादा नज़र आती हैं-
Upcharऔर प्रयोग-

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