This website about Treatment and use for General Problems and Beauty Tips ,Sexual Related Problems and his solution for Male and Females. Home treatment,Ayurveda treatment ,Homeopathic Remedies. Ayurveda treatment tips in Hindi and also you can read about health Related problems and treatment for male and female

loading...

18 मई 2015

स्त्री में कामेच्छा बढ़ाने के उपाय -Measures to increase libido in women

By With कोई टिप्पणी नहीं:
खान-पान (food and drink ) और व्यवहार के तौर-तरीके बदल गए है देखने में आ रहा है कि स्त्री और पुरुष दोनों ही प्यार करने के तरीके से संतुस्ट नहीं है तो फिर धीरे-धीरे एक मानसिक कुंठा ( Mental frustration ) बन जाती है फिर ये किसी से कहने में काफी Shameful  & laughable  लगता है कि आपके Life Partner आपके प्यार करने के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं-आप अपने जीवनसाथी को Satisfied करने के कुछ तरीके अपना सकते  हैं-





स्त्री हो या पुरुष जब आप अपने पार्टनर की Sex Desire को पूरा नहीं कर पाते है आपकी शादीशुदा जिंदगी में कई समस्याएं पैदा हो जाती है कई बार तो सेक्स लाइफ में Unsatisfactorily तलाक का कारण भी बनती है-वैवाहिक जीवन का ख़राब होना अस्थिरता का एक प्रमुख कारण है-


यदि आप अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाना चाहते है तो सेक्स इच्छा बढ़ाना एक अच्छा तरीका हो सकता है-

(If you want to make your marriage happy can be a good way to increase sex desire )


शादी से पहले लडकियों में Pregnancy  को रोकने के लिए प्रयोग की गई दवाओं से भी आपके सेक्स लाइफ पर अतिरिक्त असर (side effect ) हो सकता है -अत: इसके सेवन से भी बचना चाहिए-ये धीरे-धीरे आपकी कामोत्तेजना पे विपरीत प्रभाव पैदा करती है-

(Pregnancy before marriage in girls to prevent the use of drugs, the additional impact on your sex life (side effect) could be -at: The drug should also be avoided-they gradually produces the opposite effect on your sex drive is )


कुछ तरीके अपनाए (Some methods ):-


आप एक दूसरे ख़ुशी और स्वास्थ का भरपूर ख्याल रक्खे जितना हो सके एक दुसरे की खुशियों को नित्य बढाने का प्रयास करे - एक दूसरे के रिश्ते को मजबूती देने के लिए एक दूसरे को अपनी समस्या से अवगत कराये और एक दूसरे के लिए समर्पित भाव से अपनी छवि बनाने में मददगार बने -

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में सामंजस्य बनाए जिससे जिससे आपके वैवाहिक सम्बन्धों में बेहतरी हो -


महिलाए बांझपन रोकने के तरीके आप कई खाद्य पदार्थों का सेवन कर अपनी कामेच्छा बढ़ा सकती हैं।तथा ये खाद्य पदार्थ आपके वैवाहिक जीवन खुशहाली लाने के लिए काफी उपयोगी हैं। इनमे से कुछ खाद्य पदार्थ हैं-

अजवाइन यह एक अच्छा खाद्य पदार्थ है जो भारतीय बाजार में और किचन में आसानी से मिल जाता है। चूँकि इसमें एंड्रोस्टेरोन (Androsterone ) नामक हार्मोन होता है इसलिए ये यौन संबंध के लिए अच्छा है। यह एक बिना गंध वाला हार्मोन है जो कि सेक्स उत्तेजना के लिए वास्तव में बहुत प्रभावशाली है-




एवोकैडो फोलिक एसिड एक पोषक तत्व है जो कि महिलाओं के लिए बहुत जरुरी है। चूँकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले शारीरिक गठन में कमजोर होती हैं इसलिए यह उन्हें ताकत और ऊर्जा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें पोटैशियम और विटामिन B6 (Potassium and vitamin B6 ) की अधिकता भी होती है-

सीप का सेवन महिलाओं के लिए सेक्स इच्छा बढ़ने के लिहाज से बहुत अच्छा है। इसमें ज़िंक की अधिकता होने से यह सेक्स से जुड़े हार्मोन्स बढ़ा देता है। खाने में इसके सेवन से पुरुषों में भी शुक्राणुओं की मात्रा बढ़ सकती है।




अंडा भी पोषक खाद्य पदार्थों में से एक है जो कि सभी के लिए उपयोगी है। विटामिन B5 और B6 की अधिकता के कारण यह हार्मोन्स का विस्तार करने की दृष्टि से अच्छा है। इससे कामेच्छा आसानी से बढ़ाई जा सकती है।


Many women find these really bad that they do not enjoyable intercourse. But it is possible that they liked sex, but getting them to be the kind of sex they do not enjoyable.Pay attention to changes in such circumstances, they should think of each other's needs, while not ignoring the cohesion to solve the problem



सेब नारी में कामोत्तेजना के बढ़ावा देवे में मदद करता है ।एक से दो सेब का खाने वाली महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ जाती  है .सेब में Phlorizin की मात्रा जादा होने के कारण उत्तेजना में सहायक है ये रेड वाइन और चाकलेट में भी पाया जाता है ये योनी की तरफ जाने वाले खून की गति को बढ़ा देता है खून की गति तेज होने से कामोत्तेजना बढ़ जाती है .


फ्लोरीजिन का असर बहुत हद तक स्त्री सेक्स हॉरमोन Estradiol से मिलता जुलता है इसलिए स्त्री को एक से दो सेब प्रतिदिन सेवन करना ही सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए खाना चाहिए .


Estrogen skin creams and tablets available in the market by its use of the benefits from its use Draines Vajaina ends and there is no pain during sex. Indeed, the drop in estrogen levels caused by the Minopoj.


उपचार और प्रयोग-http://www.upcharaurprayog.com

17 मई 2015

कब्ज क्यों होता है-

By With कोई टिप्पणी नहीं:
हमारे अप्राकृतिक आहार,विहार और विचार के चलते कब्ज उत्पन्न होती है | जब शरीर में मल की अधिकता हो जाती है तब मल निष्कासक अंग इसे पूरी तरह से बाहर नही निकाल पाते फलस्वरूप यह शरीर में एकत्र होकर रक्त के साथ मिलकर अन्य अनेक रोग उत्पन्न कर देता है |







इसके मुख्य कारण ये है :-
===============

अप्राकृतिक जीवन शैली

कम रेशायुक्त भोजन का सेवन करना

शरीर में पानी का कम होना

कम चलना या काम करना

कुछ खास दवाओं का सेवन करना

बड़ी आंत में घाव या चोट के कारण यानि बड़ी आंत में कैंसर

थायरॉयड हार्मोन का कम बनना

कैल्सियम और पोटैशियम की कम मात्रा

मधुमेह के रोगियों में पाचन संबंधी समस्या

कंपवाद (पार्किंसन बीमारी)

कब्ज, पाचन तंत्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति  का मल बहुत कडा हो जाता है तथा मलत्याग में कठिनाई होती है। कब्ज अमाशय की स्वाभाविक परिवर्तन की वह अवस्था है, जिसमें मल निष्कासन की मात्रा कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी आवृति घट जाती है या मल निष्कासन के समय अत्यधिक बल का प्रयोग करना पड़ता है। कब्ज के रोगी को सिर में भारीपन या दर्द बना रहता है | गैस,एसिडिटी,अजीर्ण आदि लक्षण भी प्रगटहोने लगते हैं |

आप  करे इसका ये उपचार :-
================

सबसे पहले ध्यान रक्खे कि आप रेशायुक्त भोजन का अत्यधित सेवन करे .

नास्ते  में आप गेहूं का दलिया या कोई मौसमी फल ले .

दोपहर को आप हरी सब्जी (बिना मिर्च-मसाले की) + सलाद + चोकर समेत बनी आंटे की रोटी ले .

शाम 4:00 बजे- सब्जियों का सूप 250 मिली ले .

रात को मिक्स वेजिटेबल दलिया या कोई हरी सब्जी + चोकर सहित आंटे की रोटी ले .

अन्य उपाय :-
========

ताजा फल का जादा सेवन करे सेब फल को धो कर छिलके सहित खाए जादा से जादा पानी का सेवन करे तथा वसायुक्त भोजन का सेवन भी कम करे .

छोटी हरड और काल नमक समान मात्रा में मि‍लाकर पीस लें। नि‍त्‍य रात को इसकी दो चाय की चम्‍मच गर्म पानी से लेने से दस्‍त साफ आता हैं।

दो चाय चम्‍मच ईसबगोल 6 घण्‍टे पानी में भि‍गोकर इतनी ही मि‍श्री मि‍लाकर जल से लेने से दस्‍त साफ आता हैं। केवल मि‍श्री और ईसबगोल मि‍ला कर बि‍ना भि‍गोये भी ले सकते हैं।

कब्‍ज वालों के लि‍ए चना उपकारी है। इसे भि‍गो कर खाना श्रेष्‍ठ है। यदि‍ भीगा हुआ चना न पचे तो चने उबालकर नमक अदरक मि‍लाकर खाना चाहि‍ए। चेने के आटे की रोटी खाने से कब्‍ज दूर होती है। यह पौष्‍ि‍टक भी है। केवल चने के आटे की रोटी अच्‍छी नहीं लगे तो गेहूं और चने मि‍लाकर रोटी बनाकर खाना भी लाभदायक हैं। एक या दो मुटठी चने रात को भि‍गो दें। प्रात: जीरा और सौंठ पीसकर चनों पर डालकर खायें। घण्‍टे भर बाद चने भि‍गोये गये पानी को भी पी लें। इससे कब्‍ज दूर होगी।

पका हुआ बेल का गूदा पानी में मसल कर मि‍लाकर शर्बत बनाकर पीना कब्‍ज के लि‍ए बहुत लाभदायक हैं। यह आँतों का सारा मल बाहर नि‍काल देता है।

नीम्‍बू का रस गर्म पानी के साथ रात्रि‍ में लेने से दस्‍त खुलकर आता हैं। नीम्‍बू का रस और शक्‍कर प्रत्‍येक 12 ग्राम एक गि‍लास पानी में मि‍लाकर रात को पीने से कुछ ही दि‍नों में पुरानी से पुरानी कब्‍ज दूर हो जाती है।

सुबह नाश्‍ते में नारंगी का रस कई दि‍न तक पीते रहने से मल प्राकृति‍क रूप से आने लगता है। यह पाचन शक्‍ति‍ बढ़ाती हैं।

मैथी के पत्‍तों की सब्‍जी खाने से कब्‍ज दूर हो जाती है।

गेहूं के पौधों (गेहूँ के जवारे) का रस लेने से कब्‍ज नहीं रहती है।

सोते समय आधा चम्‍मच पि‍सी हुई सौंफ की फंकी गर्म पानी से लेने से कब्‍ज दूर होती है।

दालचीनी ,सोंठ, इलायची जरा सी मि‍ला कर खाते रहने से लाभ होता है।

रात में चुकंदर (बीट) की सब्जी खाएं.

रात में दूध में 8-10 मुनक्का डालकर उबालें और बीज निकाल कर खा लें |

सुबह उठकर दो ग्लास तांबे के बर्तन में रखा पानी पियें ।

रात में अजवाईन (आधी चम्मच) गुड के साथ खायें और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें ।

एरण्ड तेल में २-४ काली छोटी हरड सेककर सुबह खाली पेट खायें ।

दूध मे गुलकन्द मिलाकर ले ।

टिण्डा, तोरइ का प्रयोग, दोपहर के भोजन के बाद छाछ पियें ।

टमाटर कब्‍ज दूर करने के लि‍ए अचूक दवा का काम करता है। अमाशय, आँतों में जमा मल पदार्थ नि‍कालने में और अंगों को चेतनता प्रदान करने में बडी मदद करता है। शरीर के अन्‍दरूनी अवयवों को स्‍फूर्ति‍ देता है।

कब्ज का प्रमुख कारण शरीर मे तरल की कमी होना है। पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है। अत: कब्ज से परेशान रोगी को दिन मे २४ घंटे मे मौसम के मुताबिक ३ से ५ लिटर पानी पीने की आदत डालना चाहिये। इससे कब्ज रोग निवारण मे बहुत मदद मिलती है।

किसी भी प्रकार का रिफाइंड तेल और सोयाबीन, कपास, सूर्यमुखी, पाम, राईस ब्रॉन और वनस्पति घी का प्रयोग विषतुल्य है । उसके स्थान पर मूंगफली, तिल, सरसो व नारियल के घानी वाले तेल का ही प्रयोग करें ।

चीनी/शक्कर का प्रयोग ना करें, उसके स्थान पर गुड़ या धागे वाली मिश्री (खड़ी शक्कर) का प्रयोग करें ।

आयोडीन युक्त नमक से नपुंसकता होती है इसलिए उसके स्थान पर सेंधा नमक या ढेले वाले नमक प्रयोग करें । जब से आयोडीन नमक का प्रचार -प्रसार जादा  हुआ घेंघा तो कम नहीं हुआ हाँ नपुंसकता जरुर जादा बढ़ गई है जबकि पहले के लोग देशी नमक खा के भी आज के लोगो से जादा स्वस्थ थे .

मैदे का प्रयोग शरीर के लिये हानिकारक है इसलिए इसका प्रयोग ना करें ।

उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग-http://www.upcharaurprayog.com