टिनिटस क्या है जाने लक्षण एवं उपचार....!

* ये एक अजीब सी बीमारी है जिसके अंतर्गत कानों के अंदर बिना किसी वजह के एक आवाज़ गूंजती रहती है। यह कोई आम समस्या नहीं है। यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि किसी बीमारी का लक्षण है। यह रक्तवाहिनियों की समस्या या उम्र के साथ सुनने की शक्ति क्षीण पड़ने से जोड़ी जा सकती है। लोग टिनिटस से काफी परेशान रहते हैं क्योंकि इससे सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है जो कि हमारे जीवन का काफी महत्वपूर्ण भाग है। इसके बावजूद टिनिटस कोई बड़ी समस्या नहीं है। उम्र के साथ लोगों के सुनने की क्षमता कम होती जाती है। कुछ उपचारों की मदद से आप इसे ठीक कर सकते हैं।

टिनिटस के लक्षण:-
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* आसपास किसी भी तरह की आवाज़ ना होते हुए भी आपके कानों में किसी आवाज़ का गूंजना ही टिनिटस कहलाता है।

इसके कुछ लक्षण हैं:-
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सिसकारी

दहाड़

कानबजना

आवाज़गूंजना

* स्थिति के गंभीर होने के मुताबिक़ कान में आवाज़ का गूंजना कम या ज़्यादा हो सकता है। कुछ लोगों को ये आवाज़ें एक कान में ही सुनाई देती है तो कुछ को दोनों कानों में। कुछ लोगों को ये आवाज़ें इतनी तेज़ सुनाई देती है कि वो असली आवाज़ ही नहीं सुन पाते। कुछ लोगों के लिए यह समस्या अस्थायी रूप से परेशान करने वाली होती है और अन्य लोगों को काफी दिनों तक ये समस्या सताती है।

टिनिटस के प्रकार:-
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व्यक्तिपरक टिनिटस:-
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* यह एक ख़ास प्रकार का टिनिटस होता है जिसमें आप सुन सकते हैं। ज़्यादातर लोग इस प्रकार के टिनिटस से जूझते हैं। इस प्रकार के टिनिटस का मुख्य कारण कान के अंदरूनी, बाहरी तथा मध्य भाग में समस्या होना है। अगर आप सुनने की नसों में आई समस्याओं से परेशान हैं तो आपको व्यक्तिपरक टिनिटस की समस्या है।

वस्तुगत टिनिटस:-
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* यह टिनिटस काफी कम लोगों में पाया जाता है तथा सिर्फ डॉक्टर ही जांच के दौरान इसे सुन सकते हैं। इस प्रकार के टिनिटस का मुख्य कारण खून की धमनियों में किसी प्रकार की कोई समस्या है। यह अंदरूनी हड्डियों की कोई समस्या मांसपेशियों में मरोड़ की परेशानी हो सकती है।

टिनिटस के कारण:-
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* तेज़ आवाज़ों के संपर्क में रहना

* आमतौर पर फैक्ट्री में भारी उपकरणों की आवाज़ से काफी शोर पैदा होता है। इसके अलावा गाने बजाने के तमाम उपकरण काफी शोर पैदा करते हैं। अगर आप इनमें से किसी चीज़ के संपर्क में हैं तो आपको टिनिटस होने की संभावना काफी ज़्यादा है।

कान की हड्डियों में परिवर्तन:-
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* अगर आपके कान की हड्डी कान के बीच में कड़ी हो रही है तो इससे आपके सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है। यह हड्डियों के अतिरिक्त रूप से बढ़ने की वजह से भी होती है जिसका कारण आनुवांशिक हो सकता है।

उम्र आधारित समस्या:-
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* उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई समस्याएं आती हैं। सुनने की क्षमता क्षीण होने का उम्र के साथ भी सम्बन्ध हो सकता है। इससे टिनिटस की समस्या भी हो सकती है। ६० साल की उम्र से यह समस्या शुरू हो सकती है।

इसका एक चिकित्सकीय नाम भी है – प्रेस्बाईक्यूसिस।

कान में वैक्स जमा होना:-
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* कानों का मोम कानों में गन्दगी एवं बैक्टीरिया जाने से रोकता है। पर कभी कभी अतिरिक्त मात्रा में मोम हमारे कानों में एकत्रित हो जाता है। ऐसे में भी टिनिटस की समस्या हो सकती है।

टिनिटस का उपचार:-
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* बार-बार दवाई बदलना कई बार दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से भी टिनिटस होता है, अतः अपनी दवाइयों को कम बदलें।

* कान का मोम निकालें अगर आपके कान में काफी मोम जम गया है तो इसे निकालना आवश्यक है। परन्तु इसके लिए हेयर पिन का प्रयोग न करें क्योंकि इससे कानों को हानि पहुँच सकती है।

* कान ढकने का यंत्र आप अब कानों को स्वस्थ रखने के लिए कान ढकने के मास्क का प्रयोग कर सकते हैं। इसको पहनने के बाद आपको बाहरी शोर का सामना नहीं करना पडेगा।

* वाइट नॉइज़ मशीन ये ऐसे यंत्र होते हैं जो पर्यावरण सम्बन्धी आवाज़ निकालते हैं जैसे समुद्र की लहरें और बारिश। यह टिनिटस का काफी महत्वपूर्ण उपचार है।

उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग-
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