Breaking News

शिलाजीत क्या है

आयुर्वेद में शिलाजीत(Shilaajeet)को बहुत लाभकारी औषधि कहा है यह स्वास्थ्य के लिए हमारी मूल आवश्यकता है तथा शिलाजीत एक ऐसी ही औषधि जो स्वस्थ रहने में हमारी मदद करती है यह पत्थर की शिलाओं में ही पैदा होता है इसलिए इसे शिलाजीत(Shilaajeet)कहा जाता है-

शिलाजीत क्या है

गर्मी के दिनों में सूर्य की तेज किरणों से पर्वत की शिलाओं से लाख की तरह पिघल कर शिलाजीत बाहर निकल आता है शिलाजीत चार प्रकार का होता है-

रजत, स्वर्ण, लौह तथा ताम्र शिलाजीत

प्रत्येक प्रकार की शिलाजीत के गुण अथवा लाभ अलग-अलग हैं रजत शिलाजीत का स्वाद चरपरा होता है यह पित्त तथा कफ के विकारों को दूर करता है-स्वर्ण शिलाजीत मधुर, कसैला और कड़वा होता है जो बात और पित्तजनित व्याधियों का शमन करता है-लौह शिलाजीत कड़वा तथा सौम्य होता है तथा ताम्र शिलाजीत का स्वाद तीखा होता है कफ जन्य रोगों के इलाज के लिए यह आदर्श है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है-

भारतीय जड़ी-बूटियों में शिलाजीत का एक विशिष्ट स्थान है आयुर्वेद ने शिलाजीत की बहुत प्रशंसा की है और इसकी गुणवत्ता को प्रतिष्ठित किया है आयुर्वेद के बलपुष्टिकारक, ओजवर्द्धक, दौर्बल्यनाशक एवं धातु पौष्टिक अधिकांश नुस्खों में शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है-

वास्तविक शिलाजीत में अनेक तरह की गन्दगी होती है इसमें रेत,पत्थर,पत्ते आदि अनेक चीजे इसमें मिक्स होती हैं इसलिए शिलाजीत की अशुद्धियों को दूर करने के लिए सबसे पहले उसे सादे जल से धो लेना चाहिए तथा फिर शिलाजीत की मात्रा से दूना गरम जल लेना चाहिए-शिलाजीत गर्म जल में घुल जाती है और अशुद्धियाँ नीचे बैठ जाती है अब ऊपर से जल निथार कर उसे धुप में सुखाने पर शुद्ध शिलाजीत प्राप्त होती है अशुद्धियों को पुनः गरम जल में घोल देना चाहिए ताकि सारी शिलाजीत पानी में आ जाए और अशुद्धियाँ बिलकुल अलग हो जाएँ-

शिलाजीत(Shilaajeet)के लाभ-


1- इसकी एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि शिलाजीत सिर्फ रोग ग्रस्त का रोग दूर करने के लिए ही उपयोगी नहीं है बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी उपयोगी है शिलाजीत का यौन दौर्बल्य यानी नपुंसकता से पीड़ित विवाहित व्यक्ति ही नहीं, अविवाहित युवक भी सेवन कर सकता है-

2- विशेषकर मधुमेह, धातु क्षीणता, बहुमूत्र, स्वप्नदोष, सब प्रकार के प्रमेह, यौन दौर्बल्य यानी नपुंसकता, शरीर की निर्बलता, वृद्धावस्था की निर्बलता आदि व्याधियों को दूर करने के लिए शिलाजीत उत्तम गुणकारी सिद्ध होती है-

3- ऐसा कोई साध्य रोग नहीं है जिसे उचित समय पर तथा उचित योगों के साथ विधिपूर्वक किया गया शिलाजीत का प्रयोग नष्ट न कर सके-शिलाजीत सब प्रकार की व्याधियों को नष्ट करने के लिए प्रसिद्ध है-

4- स्वप्नदोष से ज्यादातर तो अविवाहित युवक ही पीड़ित पाए जाते हैं पर विवाहित पुरुष भी इससे अछूते नहीं हैं-

5- शुद्ध शिलाजीत 25 ग्राम, लौहभस्म 10 ग्राम, केशर 2 ग्राम, अम्बर 2 ग्राम, सबको मिलाकर खरल में खूब घुटाई करके महीन कर लें और 1-1 रत्ती की गोलियां बना लें अब एक गोली सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से स्वप्नदोष होना तो बंद होता ही है साथ ही पाचनशक्ति, स्मरण शक्ति और शारीरिक शक्ति में भी वृद्धि होती है इसलिए यह प्रयोग छात्र-छात्राओं के लिए भी उपयोगी है-

6- शिलाजीत और बंगभस्म 20-20 ग्राम, लौहभस्म 10 ग्राम और अभ्रक भस्म 5 ग्राम, सबको मिलाकर खरल में घुटाई करके मिला लें और 2-2 रत्ती की गोलियां बना लें तथा सुबह-शाम एक-एक गोली दूध के साथ सेवन करने से स्वप्नदोष होना बंद होता है और शरीर में बलपुष्टि आती है

7- यदि शीघ्रपतन के रोगी विवाहित पुरुष इसे सेवन करें तो उनकी यह व्याधि नष्ट होती है खटाई और खट्टे पदार्थों का सेवन बंद करके इन दोनों में से कोई एक नुस्खा कम से कम 60 दिन तक सेवन करना चाहिए-

8- शिलाजीत कफ, चर्बी, मधुमेह, श्वास, मिर्गी, बवासीर उन्माद, सूजन, कोढ़, पथरी, पेट के कीड़े तथा कई अन्य रोगों को नष्ट करने में सहायक होता है यह जरूरी नहीं है कि शिलाजीत का सेवन तभी किया जाए जब कोई बीमारी हो स्वस्थ मनुष्य भी इसका सेवन कर सकता है इससे शरीर पुष्ट होता है और बल मिलता है-

9- शिलाजीत को चरक संहिता के अनुसार निरंतर सात सप्ताह तक प्रयोग करने से यह उचित फल प्रदान करती है हमने अपने प्रयोगों में देखा कि इसे कम से कम सौ दिनों तक लगातार  लेना ही श्रेयस्कर साबित हुआ है लेकिन इसे पांच रत्ती से कम तो कत्तई नहीं लेना चाहिए-

10- शिलाजीत के सेवन के दौरान कब्ज पैदा करने वाली वस्तुओं ,नशा पैदा करने वाली वस्तुओं और भारी अनाज के सेवन का निषेध है-

अगर आपको शुद्ध शिलाजीत प्राप्त न हो तब आप पतंजलि चिकित्सालय का उपयोग करे-

Upcharऔर प्रयोग-

3 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामीजनवरी 02, 2017

    sex me durbalta ke liye sila geet le sakte hai kitne din tak

    उत्तर देंहटाएं
  2. Dheelapan ke liye koi dawa batye.
    Jo aleopathic dawa ki side effect we hua hai.
    Dheelapan kaise door hoga.
    Aur pahle se khuch sikud bhi gaya hai.kirpya koi dawa batayin.

    उत्तर देंहटाएं