बुधि वर्धक और मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाये -

मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाने के लिए कुछ प्रयोग नीचे दिए जा रहे है इनमे से आप किसी एक का भी प्रयोग करके लाभ ले -



बबूल का गोंद आधा किलो शुद्ध गौ घृत में तल कर फूले निकाल लें और ठण्डे करके बारीक पीस लें। इसके बराबर मात्रा में पिसी मिश्री व पांच ग्राम दालचीनी का पाउडर इसमें मिला लें। बीज निकाली हुई मुनक्का 250 ग्राम और बादाम की छिली हुई गिरी 100 ग्राम-दोनों को खल बट्टे (इमाम दस्ते) में खूब कूट-पीसकर इसमें मिला लें और कांच के बर्तन में ढक्कन बन्द कर रखें।

अब आप इसे सुबह नाश्ते के रूप में इसके दो चम्मच खूब चबा-चबा कर खाएं। साथ में एक गिलास मीठा दूध घूंट-घूंट करके पीते.रहे।इसके बाद जब खूब अच्छी भूख लगे तभी भोजन करें। इस प्रयोग से मस्तिष्क को बल मिलता है और याददास्त भी अच्छी होती है -छात्र-छात्राओं के साथ दिमागी महनत करने वाले भी इसका प्रयोग करके लाभ प्राप्त करें।

चार-पांच बादाम की गिरी पीसकर गाय के दूध और मिश्री में मिलाकर पीने से भी मानसिक शक्ति बढ़ती है।

ब्राह्मी, शंखपुष्पी, वच, असगंध, जटामांसी, तुलसी समान मात्रा में लेकर चूर्ण का प्रयोग नित्य प्रतिदिन दूध के साथ करने पर मानसिक शक्ति, स्मरण शक्ति में वृध्दि होती है।

देशी गाय का शुध्द घी, दूध, दही, गोमूत्र, गोबर का रस समान मात्रा में लेकर गरम करें। घी शेष रहने पर उतार कर ठंडा करके छानकर रख लें। यह घी ‘पंचगव्य घृत’ कहलाता है। रात को सोते समय और प्रात: देशी गाय के दूध में 2-2 चम्मच पिघला हुआ पंचगव्य घृत, मिश्री, केशर, इलायची, हल्दी, जायफल, मिलाकर पिएं। इससे बल, बुध्दि, साहस, पराक्रम, उमंग और उत्साह बढ़ता है। हर काम को पूरी शक्ति से करने का मन होता है और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

ब्रह्मी दिमागी शक्ति बढाने की मशहूर जडी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस नित्य पीना हितकर है। इसके ७ पत्ते चबाकर खाने से भी वही लाभ मिलता है। ब्राह्मी मे एन्टी ओक्सीडेंट तत्व होते हैं जिससे दिमाग की शक्ति घटने पर रोक लगती है।

बादाम 9 नग रात को पानी में गलाएं।सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बनालें। अब एक गिलास दूध गरम करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें।  इसमें ३ चम्मच शहद भी डालें।भली प्रकार उबल जाने पर उतारकर मामूली गरम हालत में पीयें। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न लें। यह स्मरण शक्ति वृद्दि करने का जबर्दस्त उपचार है। दो महीने तक करें।

अखरोट  जिसे अंग्रेजी में वालनट कहते हैं स्मरण शक्ति बढाने में सहायक है। नियमित उपयोग हितकर है। 20 ग्राम वालनट और साथ में 10 ग्राम किशमिस लेना चाहिये।

जिन फ़लों में फ़ास्फ़ोरस तत्व पर्यात मात्रा में पाया जाता है वे स्मरण शक्ति बढाने में विशेषतौर पर  उपयोगी होते है।  अंगूर ,खारक ,अंजीर एवं संतरा दिमागी ताकत बढाने के लिये नियमित उपयोग करना चाहिये।

दालचीनी का पावेडर बनालें। 10 ग्राम पावडर शहद में मिलाकर चाटलें। कमजोर दिमाग की अच्छी दवा है।

आंवला का रस एक चम्मच 2 चम्मच शहद मे मिलाकर उपयोग करें। भुलक्कड पन में आशातीत लाभ होता है।

अदरक ,जीरा और मिश्री  तीनों को पीसकर लेने से कम याददाश्त की स्थिति में लाभ होता है।

काली मिर्च का पावडर एक चम्मच असली घी में मिलाकर उपयोग करने से याददाश्त में इजाफ़ा होता है।

दूध और शहद मिलाकर पीने से भी याद दाश्त में बढोतरी होती है। विद्ध्यार्थियों के लिये फ़ायदेमंद उपचार है।250 मिलि गाय के दूध में 2 चम्मच शहद मिलाकर उपयोग करना चाहिये।

 गाजर में एन्टी ओक्सीडेंट तत्व होते हैं। इससे रोग प्रतिरक्छा प्राणाली ताकतवर बनती है।  दिमाग की ताकत बढाने के उपाय के तौर पर इसकी अनदेखी नहीं करना चाहिये।

तुलसी के 9 पत्ते ,गुलाब की पंखुरी और काली मिर्च नग एक  खूब चबा -चबाकर खाने से दिमाग के सेल्स को ताकत मिलती है।

आम रस (मेंगो जूस) मेमोरी बढाने में विशेष सहायक माना गया है। आम रस में २ चम्मच शहद मिलाकर लेना उचित है।

उपचार और प्रयोग -
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