20 सितंबर 2016

नपुंसकता-स्वप्नदोष की दवा प्रथम भाग

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आज कल बाजारों में अधिक मात्रा में सेक्स-शक्ति एवं Impotence-नपुंसकता और Wet dreams-स्वप्नदोष की दवाईयां बिक रही है आज के युवावर्ग के लोग इन दवाईयों को काफी मात्रा में प्रयोग कर रहे हैं लेकिन वे सभी लोग यह नहीं जानते हैं कि ये दवाईयां उनके शरीर पर कितना गलत प्रभाव ड़ालती है इनका साइड इफेक्ट भी इस प्रकार का है कि पहले तो ये स्थाई प्रभाव हीन है और दूसरे ये आपको इस प्रकार के रोगों से पीड़ित कर देती है जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते है-

नपुंसकता-स्वप्नदोष की दवा प्रथम भाग


यही कारण है कि कुछ समय बाद में युवा वर्ग नपुंसकता(Impotence)और स्वप्नदोष(Wet dreams)जैसी दवा खोजते फिर रहे है जब आप किसी भी कारण से इसका प्रयोग बंद करते है तो परिणाम घातक ही मिलते है कुछ लोग तो Impotence की बाज़ार से खरीदी गई दवाओ से पैरालाइसिस,उच्च रक्तचाप,मधुमेह,एलर्जी आदि का भी शिकार हो रहे है उन सभी युवाओं से मेरा अनुरोध है कि स्वयं के शरीर को Impotence बाजारू दवाओ से मुक्त रक्खे-

कुछ ऐसे घरेलू उपाय है जिनको आप खुद ही तैयार करके प्रयोग में ला सकते हैं ये घरेलू नुस्खें सरल, सस्ते, नुकसान रहित तथा लाभदायक है बस आपको थोड़ी सी मेहनत करनी है-बनी-बनाई पे भरोषा नहीं किया जा सकता है ये भी जरुरी नहीं है कि बाजार में बिकने वाली दवा में लिखे गए सभी आवश्यक औषिधि उचित मात्रा में हों-

पहला प्रयोग-

तालमखाने के बीज-100 ग्राम
ढाक(पलाश ) का गोंद-100 ग्राम
चोबचीनी-100 ग्राम
मोचरस-100 ग्राम
मिश्री-250 ग्राम

उपरोक्त सभी चीजो को कूट-पीस के चूर्ण बना ले-रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं-यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है-

दूसरा प्रयोग-

आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें इन बीजों को तीन से पांच दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें-फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी शीशी में रख लें आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें-इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है-

तीसरा प्रयोग-

अश्वगंधा का चूर्ण-100 ग्राम
असगंध-100 ग्राम
बिदारीकंद-100 ग्राम

उपरोक्त सभी सामग्री ले के चूर्ण बना ले-इसमें से आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बना कर शीघ्रपतन(Premature Ejaculation)की समस्या से छुटकारा दिलाता है-

चौथा प्रयोग-

उंटगन के बीज-6 ग्राम
तालमखाना- 6 ग्राम
गोखरू -6 ग्राम

इन सभी सामग्री को समान मात्रा में लेकर उसे आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें-इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें-इससे नपुंसकता (Impotence)रोग दूर हो जाता है-ये प्रयोग बुढ़ापे में भी जवानी देने वाला है -

पांचवा प्रयोग-

शंखपुष्पी- 100 ग्राम
ब्राह्नी- 100 ग्राम
असंगध- 50 ग्राम
तज- 50 ग्राम
मुलहठी -50 ग्राम
शतावर- 50 ग्राम
विधारा- 50 ग्राम
शक्कर -450 ग्राम

इन उपरोक्त सभी सामग्री को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल यानि स्वप्न दोष(Wet dreams) वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी(Impotence)आदि रोग समाप्त होकर सेक्स- शक्ति में ताकत आती है-

छठा प्रयोग-

सालम मिश्री- 50 ग्राम
तालमखाना- 50 ग्राम
सफेद मूसली- 50 ग्राम
कौंच के बीज- 50 ग्राम
गोखरू - 50 ग्राम
ईसबगोल- 50 ग्राम

इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें इस एक चम्मच चूर्ण में एक चम्मच मिश्री मिलाकर सुबह-शाम 250 ग्राम दूध के साथ पीना चाहिए-यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है-


Upcharऔर प्रयोग-

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