आप अपने बच्चे का विकास कैसे करें

माता-पिता बनना एक सुखद अनुभूति है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप बच्चे के माँ-बाप बन जाते है तो अपने बच्चे का विकास(Child Development) कैसे करें-जी हाँ जिस तरह माता-पिता वो ही समझ सकते है जिन्होंने पहले ये अनुभव लिया है लेकिन यदि आप पहली बार ये सुखद अनुभव लेने जा रहे है तो एक बार अवश्य ही इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें-

Child Development


वैसे जो लोग माँ-बाप बन चुके है वो लोग भी आज सीखनें का प्रयास ही कर रहें है-हो सकता है कि आपने पहले जो बच्चे अच्छी तरह पाले हों-मगर आने वाले में आपको परेशानी हो सकती है अगर थोडा सा प्रयास करेगें हो सकता है इस बार आप अपने बच्चे(Child)को और अच्छी तरह लालन-पालन कर सकेंगे-

चलिए जानते है कि आप क्या कर सकते हैं सबसे पहले आने वाले बच्चे के लिए आप को एक ऐसा माहौल बनाना आवश्यक है जिससे इंसानों की अगली पीढ़ी आपसे और हमसे कम से कम एक कदम आगे हो माहौल तैयार करना बच्चों(Child)के पालन-पोषण में एक बड़ी भूमिका निभाता है बच्चे के लिए सही तरह का माहौल तैयार करना चाहिए- जहां खुशी, प्यार, परवाह और अनुशासन की एक भावना आपके अंदर भी और आपके घर में भी हो-ऐसा प्यार भरा माहौल बनाएं जहां बुद्धि का विकास कुदरती तौर पर हो-

आपका आने वाला बच्चा जीवन को बुनियादी रूप में देखता है इसलिए आप उसके साथ बैठकर जीवन को बिल्कुल नये पन के साथ देखें जिस तरह बच्चा देखता है आपके बच्चे को कुछ ऐसा करना चाहिए जिसके बारे में सोचने की भी आपकी हिम्मत नहीं हुई और ये बिलकुल भी जरूरी नहीं है कि आपका बच्चा जीवन में वही करेगा-जो आपने किया हो ये भी हो सकता है आपका बच्चा(Child)आपसे जादा सफलता की ऊँचाइयों को छुये-

कुछ माता-पिता अपने बच्चों को खूब मजबूत बनाने की इच्छा या चाह के चलते उन्हें बहुत ज्यादा कष्ट में डाल देते हैं और वे चाहते हैं कि उनके बच्चे वह बनें जो वे खुद नहीं बन पाए तथा अपने बच्चों के जरिये अपनी महत्वाकांक्षाएं पूरी करने की कोशिश में कुछ माता-पिता अपने बच्चों के प्रति बहुत सख्त हो जाते हैं दूसरे माता-पिता मानते हैं कि वे अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं और अपने Child-बच्चों को इतना सिर चढ़ा लेते हैं कि उन्हें इस दुनिया में लाचार और बेकार बना देते हैं-

आपको इसी लक्ष्य को लेकर चलना चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए आपका योगदान यह होना चाहिए कि आप इस दुनिया में कोई बिगड़ैल बच्चा(Child) न छोड़ कर जाएं बल्कि आप एक ऐसा इंसान बनाकर छोड़ कर जाएं जो आपसे कम से कम थोड़ा बेहतर हो-

बहुत से लोग अपने बच्चों को लाड़-प्यार में बना देते हैं कि बच्चे अपने जीवन में ऊँचाइयों को नहीं छू पाते है हमारे एक जान-पहचान के मित्र थे उनके दो बच्चे बचपन में ही लाड-प्यार में पले-बढे थे यदि रात को भी बच्चा किसी चीज की जिद कर दे तो भले वो वस्तु उनको पांच किलोमीटर दूर से लानी हो बेचारे पैदल ही चल देते थे लेने के लिए और आखिर अपने बच्चे के लिए वो ले ही आते थे कोई भी उनका मिलने वाला कितना भी विशिस्ट व्यक्ति हो घर आ जाए अगर बच्चे ने जिद कर दी मुझे अभी ये लाकर दो -सारे काम-काज छोडकर और विशिस्ट व्यक्ति को भी बाद में मिलने के लिए कह कर चले जाते थे-

परिणाम स्वरूप इसी जिद को पूरी करने के कारण लड़का धीरे-धीरे बिगड़ता ही चला गया और जब कुछ बड़ा हुआ तो अपने ही गली-मुहल्ले में बदतमीजी करने लगा-तब भी वो हमेशा उसकी गलतियों पर पर्दा ही डालते रहे-अंत में जब बीस वर्ष का हुआ-कालेज में बात-बात में लडको से मार-पीट हुई और गुस्से में आखिर उसके हाथ में एक हाकी थी दुसरे लड़के का सर फूट गया और हास्पीटल जाते-जाते आखिर दूसरा लड़का नहीं बचा-चूँकि ये घटना सिर्फ एक प्रेरणा है दो घर बर्बाद हुए-आखिर कसूर के जिम्मेदार आप भी है जिस कोरे कागज पे आपने बच्चे की हर जिद पूरी करने का इतिहास लिखा था - 

हाँलाकि सभी बच्चों पर एक ही नियम लागू नहीं होता है हर बच्चा(Child)अलग होता है यह एक खास विवेक है-इस बारे में कोई सटीक रेखा नहीं खींची जा सकती कि कितना करना है और कितना नहीं करना है-अलग-अलग बच्चों को ध्यान, प्यार और सख्ती के अलग-अलग पैमानों की जरूरत पड़ सकती है-हम सभी को इस बात पे अवश्य गौर करना होगा कि प्यार,जिद,के कारण आगे चलकर आपका बच्चा कहीं इतना उद्दण्ड न हो जाए कि आपके साथ-साथ समाज के लिए भी अभिशाप बन जाए-

जन्म के बाद ही आप अपने बच्चे के लिए एक अच्छे शिक्षक बन कर यदि उसके साथ बर्ताव करेगे तो आप अपने बच्चे को आगे चलकर उसका ही मार्ग आसान करेगे ध्यान रहे कि बच्चा एक कोरी मिट्टी है आप उसे जिस प्रकार के सांचे में ढालेगें उसी तरह बन जाएगा-मगर आप ऐसा भी कदापि न करे कि बच्चे को ये लगने लगे कि उस पर आप अपनी इक्षाए थोपना चाहते है-बच्चे को बस एक चीज सिखा सकते हैं जो आपको कुछ हद तक सिखाना पड़ता है कि दुनिया में किस तरह जीवन यापन से जुड़े काम करें-

माता-पिता अपने बच्चों की वाकई परवाह करते हैं-तो उन्हें अपने बच्चों को इस तरह पालना चाहिए कि बच्चे को माता-पिता की कभी जरूरत न हो-प्यार की प्रक्रिया हमेशा आजाद करने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए न उलझाने वाली-इसलिए जब बच्चा पैदा होता है तो बच्चे को चारों ओर देखने-परखने, प्रकृति के साथ और खुद अपने साथ समय बिताने दें-प्यार और सहयोग का माहौल बनाएं-

एक इंसान के रूप में उसकी अपनी शर्तों पर जीवन की ओर देखने में उसकी मदद करें, परिवार या आपकी धन-दौलत या किसी और चीज से उसकी पहचान न बनने दें-एक इंसान के रूप में जीवन की ओर देखने में उसकी मदद करना उसकी खुशहाली और दुनिया की खुशहाली के लिए बहुत जरूरी है-यह आपके बच्चे के लिए सबसे अच्छा निवेश होगा अगर आप अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें कि वह अपने बारे में सोचना सीखे-उसके लिए क्या बेहतर है यह जानने के लिए अपनी बुद्धि और समझ का इस्तेमाल करना सीखे-अगर आप ऐसा करते हैं तो आप निश्चिंत रह सकते हैं कि आपका बच्चा(Child)सही तरीके से विकसित होगा-

अपने बच्चे को अच्छी तरह पालना चाहते हैं तो सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए कि क्या हम खुद को रूपांतरित कर सकते हैं-जो भी माता-पिता बनना चाहते हैं उन्हें एक साधारण सा प्रयोग करना चाहिए-उन्हें बैठकर देखना चाहिए कि उनके जीवन में क्या ठीक नहीं है और उनकी जिंदगी के लिए क्या अच्छा होगा-बाहरी दुनिया के लिए नहीं-बल्कि खुद उनके लिए-अगर आप अपने बारे में अपना व्यवहार, बातचीत, रवैया और आदतें तीन महीने में बदल सकते हैं तो आप अपने बच्चे को भी समझदारी से संभाल सकते हैं-

देखे-   क्या आपका बच्चा(Child)जादा गुस्सा करता है 

Upcharऔर प्रयोग-
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