22 अक्तूबर 2017

नवजात बच्चे के लिए माता का दूध कम होने पर

Mother Milk is Low For Newborn Baby


जन्म लेने के बाद बहुत सी माताओं के स्तन में दूध कम (Low Milk) होता है तो बच्चा भूखा रह जाता है तो ऐसी सभी माता को शतावर का चूर्ण एक या दो ग्राम दूध से लेना चाहिए इससे माता को पूरा दूध आना शुरू हो जाता है-

नवजात बच्चे के लिए माता का दूध कम होने पर

कम दूध (Low Milk) के लिए कुछ और सहायक जड़ी-बूटी-


1- रुद्रवंती रुद्रवन्ती + शतावर+अश्वगंधा मिलाकर तीन-तीन ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सवेरे शाम लेने से कम दूध होने में लाभ होता है-

2- शीशम के पत्तों को पीसकर उसकी लुगदी स्तन पर कुछ घंटे लगाने से कम दूध (Low Milk) अधिक आना शुरू हो जाता है -

3- मुलेठी और शतावर का पावडर, दूध में पकाकर लेने से दूध खूब आता है और बच्चा भी स्वस्थ  होता है  केवल मुलेठी के पावडर को दूध में पकाकर लेने से भी फायदा होता है-

4- कदम्ब के फल का पावडर और शतावर का पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर लें-

5- करेले की सब्जी रोज खाने से दूध भी पूरा आता है और माता को arthritis भी होने की सम्भावना से मुक्ति मिलती है-

6- पिप्पली 2 ग्राम शतावर और 1 ग्राम पिप्पली का पावडर नियमित रूप से लेने से दूध भी खूब आता है और बच्चा भी हृष्ट पुष्ट होता है-

पशुओ के दूध कम (Low Milk) होने पर-


1- पशुओं का भी अगर दूध कम आए या थनैला नाम का रोग हो जाए तो उन्हें 50-60 ग्राम शतावर की जड़ का पावडर दिया जा सकता है इससे रोग भी ठीक होगा और दूध भी अधिक आएगा-

2- अगर शीशम के पत्तों की लुगदी को पशुओं के थनों पर लगाकर 7-8 घंटे के लिए छोड़ दिया जाए तो थनैला रोग तो ठीक होता ही है दूध की मात्रा भी बढ़ जाती है-

3- 100 ग्राम मुलेठी की जड़ पशुओं को चारे के साथ खिला दी जाए तो उनके पेट की बीमारियाँ खत्म होती हैं और उनका दूध बहुत बढ़ जाता है इस दूध को पीने से इंसानों की बीमारियाँ भी ठीक हो जाती हैं-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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