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12 जनवरी 2017

घाव-सूजन-गांठ-फोडे का उपचार

आप घर या बाहर जब कोई कार्य करते हैं तो कभी-कभी छोटी मोटी चोटें लग जाती है और हमारी लापरवाही की वजह से यही चोट घाव(Wound)फोड़े(Abscess)या गाँठ(Lump)का रूप ले लेती है और फिर जिनमें सूजन(Swelling)होना भी एक साधारण बात है अगर इनका उपचार समय रहते न किया जाये तो फिर ये कभी-कभी गंभीर हो जाती है तो आपको कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपचार से अवगत करा रहे है जिनका प्रयोग करके आप इस समस्या से निजात पा सकते है-

घाव-सूजन-गांठ-फोडे का उपचार

घाव-सूजन-गांठ-फोडे का उपचार-


1- अगर फोड़ा निकला हो तो एक भुने प्याज की तीन परत लें और उस पर पिसी हुई हल्दी रखकर हल्का गरम करें और गुनगुना गर्म ही फोड़े पर रखकर उसके उपर पीपल का पत्ता लगाकर बांध दें इस प्रकार आप दिन में दो बार बांधे तो फोड़ा या तो बैठ जाएगा या फिर फूट जाएगा-

2- अगर फोड़े को जल्दी पकाना हो तो अरहर की दाल को पानी के साथ पीसकर और उसमे थोड़ा सा नमक मिलाकर हल्का सा गर्म करके फोड़े पर बांध देना चाहिए फोड़ा पक कर फूट जाएगा-

3- अगर घाव में सूजन है तो रेंडी(एरण्ड)के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर गर्मकर बांध दें सूजन खत्म हो जायेगी-

4- कभी-कभी अचानक ही शरीर में सूजन सी आ जाती है तो शरीर में सूजन आ जाने पर अनानास का एक पूरा फल प्रतिदिन खाने से आठ दस दिनों में ही सूजन कम होने लगती है तथा पन्द्रह बीस दिनों में पूर्ण लाभ हो जाता है-

5- हरी मकोय के अर्क में अमलतास के गूदे को पीसकर सूजन वाली जगह पर लेप करने से सूजन कम हो जाती है-

6- ग्वारपाठे के टुकड़े को एक ओर से छीलकर उस पर थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी छिड़के तथा आग पर गरम करके सूजन वाले स्थान पर बांध दें तो सूजन कम हो जाती है लेकिन इसे तीन चार बार बांधना चाहिए-

7- नीम के हरे पत्ते 15 ग्राम लेकर सिल-बट्टे पर खूब महीन पीस लें इसकी लुगदी की एक टिकिया बना लें फिर सरसों के तेल में नीम की टिकिया को भली भांति घोंट दें इस प्रकार मलहम तैयार हो गया आप उसे किसी चौड़े मुंह वाली शीशी में रख लें तथा इसमें अब पांच ग्राम कपूर खूब महीन पीसकर उसमें अच्छी तरह मिला दें अब इस नीम के मलहम को फोड़ा,फुन्सी,घाव आदि पर दिन में दो तीन बार लगाने से जल्दी ठीक हो जाते है-

8- तंबाकू के हरे पत्तों को कुचलकर उनका रस निकाल लें तथा फिर उस रस के बराबर ही तिल के तेल में मिलाकर आग पर पकाएं और जब केवल तेल शेष रह जाए तब उसे उतार कर छान लें अब इस तेल को घाव पर लगाने से वह घाव शीघ्र भर जाता है

9- पीपल के पत्तों पर घी चुपड़कर आग पर गरम कर लें फिर उन्हें आप फोड़ा फन्सी पर बांधें तो फोड़ा-फुन्सी बहुत जल्दी पक कर फूट जाते हैं तथा ठीक हो जाते है-

10- तम्बाकू के हरे पत्तों को भी आग पर सेंककर बांधने से अण्डकोषों की सूजन दूर हो जाती है और यदि हरा पत्ता न मिल सके तो आप सूखे पत्ते पर पानी छिड़ककर उसे मुलायम कर लें-तत्पश्चात उस पर तिल का तेल चुपड़कर आग पर गर्म करें और अण्डकोशों पर बांध दें-

11- आक के पत्तों पर तिल का तेल चुपड़ लें फिर उन्हें आग पर गरम करके गठिया के दर्द वाले जोड़ों पर बांध दें-दो चार बार बांधने से सूजन तथा दर्द दोनों दूर हो जाते हैं-

12- जिस स्थान पर फोड़ा निकल रहा हो वहां पर धतूरे के पत्तों को आग पर गरम करके बांध देने से फोड़ा या तो वहीं बैठ जाता है या फिर जल्दी पककर फूट जाता है-

13- भिलावे का काला रस शरीर के जिस स्थान पर लग जाता है वह भाग सूज जाता है तथा उस सूजन को दूर करने के लिए तिल का तेल लगाना चाहिए और यदि संपूर्ण शरीर सूज गया हो तो संपूर्ण शरीर पर मालिश करने के अतिरिक्त 40-50 ग्राम तिल का तेल पी लेने से शीघ्र लाभ होता है- 

14- अमरबेल को पानी में डालकर उबाल लें तथा उस पानी से सूजन वाले स्थान की सिकाई करें तथा उबली हुई बेल को कुचलकर सूजन वाले स्थान पर बांध दें तो कुछ दिनों तक इसके नियमित प्रयोग से सूजन पटक जाती है-यदि सूजन पकने वाली हुई तो चार पांच बार बांधने से पककर फूट जाती है- 

15- गिलोय का काढ़ा बनाकर पिलाने से फोड़े-फुन्सी तथा अनेक प्रकार के चर्मरोग दूर हो जाते हैं-

16- साफ सूती कपड़े को जलाकर उसकी राख साधारण घाव पर छिड़ककर दबा देने से खून का बहना बंद हो जाता है तथा घाव भी जल्दी सूख जाता है-

17- 6 ग्राम पुदीना को पीस छानकर 100 ग्राम चूने के पानी के साथ मिलाएं-कुछ दिनों तक इसका प्रयोग निरंन्तर करने से पिण्डलियों की रगों का फूलना कम हो जाता है

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