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27 नवंबर 2015

पान खाए मोटापे के लिए -

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पहले तो विवाह के अवसर पर भोज के अंत में खाने के लिए पान दिया जाता था। क्या आपको पता है कि इसके पीछे क्या कारण था......?




पान खाने का चलन बहुत पुराना है। पहले तो विवाह के अवसर पर भोज के अंत में खाने के लिए पान दिया जाता था। क्या आपको पता है कि इसके पीछे क्या कारण था?


पान हजम शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है, साथ ही वज़न को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। जब पान को काली मिर्च के साथ खाया जाता है तब वज़न घटाने के प्रक्रिया और भी असरदार रूप में काम करने लगती है।


अक्‍सर खाना खाने के बाद पान खाना पसंद करते हों लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इसके कई स्‍वास्‍थ लाभ भी होते हैं.....?



यदि आपको यह पता चल जाए कि पान को खाने से आप मोटापे पर कंट्रोल कर सकते हैं, तो आप क्‍या कहेंगे.....?


अधिकतर लोग तंबाकू-सुपारी या फिर गिलौरी डाल कर खाना पसंद करते हैं।अगर पान के पत्‍ते को काली मिर्च के दानों के साथ खाएं, तो यह 8 हफ्तों में मोटापा कम कर देगा। बस अगर आप इसे अपने जीवन में उतार ले तो फिर क्या बात है लेकिन पान और सिर्फ काली मिर्च -


पान के पत्ते बहुत शक्तिशाली गुणों से भरे होते हैं, यह और उचित हाजमें के लिये जाने जाते हैं। एक स्‍टडी में पाया गया कि पान के पत्‍ते शरीर का मेटाबॉलिज्‍म बढाते हैं तथा पेट में एसिडिटी होने से रोकते हैं। खाने खाने के बाद आप पान के पत्‍ते को जैसे ही मुंह में डालते हैं, यह तुरंत अपना असर दिखाना शुरु कर देता है। इसे खाने से मुंह में थूक बनने लगता है और यह पेट को खाना पचाने के लिये दिमाग को सिगनल भेज देता है। यह शरीर से विशैले पदार्थों को भी निकालने में सहायक है। पान खाने से कब्‍ज की समस्‍या भी नहीं होती।


आयुर्वेद के अनुसार पान की पत्‍तियां शरीर से मेधा धातुं यानी की बॉडी फैट को निकालती हैं, जिससे वजन कम होता है। प्रात:काल नाश्ते के उपरांत काली मिर्च के साथ पान के सेवन से भूख ठीक से लगती है। ऐसा यूजीनॉल अवयव के कारण होता है।


सोने से थोड़ा पहले पान को नमक और अजवायन के साथ मुंह में रखने से नींद अच्छी आती है। अगर दूसरी ओर यदि काली मिर्च की बात की जाए तो उसमें पेप्पेरिन और पायथोन्‍यूट्रियंट्स होते हैं जो कि फैट का ब्रेक डाउन करते हैं। साथ ही इमसें मौजूद पेप्‍पेरिन तत्‍व पाचन क्रिया मे बहुत अहम रोल अदा करता है। काली मिर्च शरीर से मूत्र और पसीने को निकालती है जिससे शरीर से अत्‍यधिक पानी और गंदगी निकल जाती है।



पान को चबाने से चयापचय (metabolism) का दर बढ़ जाता है, मुँह में लार बनने लगता है जो खाने को जल्दी हजम करवाने में मदद करता है। साथ ही शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायता करता है। इसमें फाइबर उच्च मात्रा में होने के कारण भूख कम लगती है और कब्ज़ की बीमारी से भी राहत मिलती है।



पान के पत्ते को जब काली मिर्च के साथ खाया जाता है तब इसमें जो फाइटोन्यूट्रीएन्ट (phytonutrients) और पीपरीन ( piperine) होता है वह शरीर में फैट को जमने नहीं देता है। और शरीर से विषाक्त पदार्थों को और अतिरिक्त जल को बाहर निकालने में मदद करता है।


मुझे उम्मीद है कि अब इसके गुणों से अवगत होने के बाद इसका प्रयोग अवश्य करेगे-


उपचार और प्रयोग -http://www.upcharaurprayog.com


केसे करे इसे प्रयोग जाने :-
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एक पान का पत्‍ता लें और उसमें 5 साबुत काली मिर्च रखें। फिर इसे मोड़ कर चबाएं। इसे खाली पेट रोजाना 8 हफ्तों तक खाएं। यह खाने में तीखा लगेगा। इसे धीरे धीरे चबा कर खाएं जिससे इसके सभी पेाषण आपके थूक के साथ आराम से पेट के अंदर जाएं। इससे उसकी पूरी पौष्टिकता लार के साथ पेट में चली जाएगी़। रोज सुबह खाली पेट इसको आठ हफ़्ते तक खायें और अपने वज़न में आए अंतर को देखें।



पान की पत्‍ती हमेशा ताजी होनी चाहिये। यह हरे रंग की और नाजुक होनी चाहिये। अगर यह सूखी हुई और पीले रंग की पड़ गई है तो ऐस ना खाएं क्‍योंकि इसमें समाए सभी औषधीय मूल्य खो चुके होते हैं। इसके अलावा सड़ी हुई पत्‍ती जिसका रंग काला पड़ चुका है उसे भी ना खाएं नहीं तो पेट खराब होने का डर रहता है।


मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। या सोते समय एक ग्राम मुलेठी के चूर्ण को मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर वैसे ही मुँह में रखकर जाएँ। प्रातः काल तक गला साफ हो जायेगा। गले के दर्द और सूजन में भी आराम आ जाता है।


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26 नवंबर 2015

फिटकरी के ख़ास गुण - Exclusive Properties of Alum

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‪फिटकरी‬ का इस्तमाल खासतौर से बारिश के मौसम में पानी को साफ करने के लिए किया जाता है। फिटकरी को लोग सालों से काम में लेते आए हैं। फिटकरी आमतौर पर सब घरों में प्रयोग होती है आइये जाने इसके गुण -



यह लाल व सफेद दो प्रकार की होती है। अधिकतर सफेद फिटकरी का प्रयोग ही किया जाता है।




जानिए फिटकरी के खास ‪‎गुण‬:-


जिन लोगो को शरीर से ज्यादा ‪पसीना‬ आने की समस्या हो तो वो लोग नहाते समय पानी में फिटकरी को घोलकर नहाने से पसीना आना कम हो जाता है।

फिटकरी के पानी से ‪योनि‬ को सुबह-शाम नियमित धोएं। पंसारी से संगे जराहत और फिटकरी लेकर दोनों पीस लें और इस आधा ग्राम चूर्ण की फंकी ताजे पानी के साथ या गाय के दूध के साथ सुबह, दोपहर और शाम दिन में तीन बार लें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से अवश्य लाभ होगा।

सर्दियों के समय में पानी में ज्यादा काम करने से हाथों की उंगुलियों में सूजन या खुजली हो जाती है इससे बचने के लिए हो थोड़े पानी में फिटकरी को डालकर उबाल लें और अब इस पानी से उंगुलियों को धोने से ‪#‎सूजन‬ और खुजली में काफी आराम मिल जाता है।

यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे खून बह रहा हो घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर फिटकरी का चूर्ण बनाकर बुरकने से ‪खून‬ बहना बंद हो जाता है।

फिटकरी और काली मिर्च पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से ‪दांतों‬ की पीड़ा में लाभ होते है।

सेविंग करने के बाद चेहरे पर फिटकरी लगाने से ‪चेहरा‬ मुलायम हो जाता है।

आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से ‪दमा‬ और खांसी में बहुत लाभ मिलता है।

भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से खून की उल्टी बंद हो जाती है।

दांत दर्द से बचने के लिए फिटकरी और काली मिर्च को पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।

फुलाई हुई फिटकरी एक तोला और मिश्री दो तोला दोनों को महीन पीसकर रख लें। एक-एक माशा नित्य सवेरे खाने से दमा के रोग में लाभ होता है।

प्रतिदिन दोनों समय फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें ,इससे दांतों के ‪कीड़े‬ तथा मुंह की बदबू दूर हो जाती है ।

डेढ़ ग्राम फिटकरी पाउडर को फांककर ऊपर से दूध पीने से चोट लगने से होने वाला ‪दर्द‬ दूर हो होता हैं।

टांसिल‬ की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।

दस्त और ‪पेचिश‬ की परेशानी से बचने के लिए थोड़ी फिटकरी को बारीक पीसकर भून लें और अब इस भुनी हुई फिटकरी को गुलाब जल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाता है।

एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से ‪जुएं‬ मर जाती हैं।

दस ग्राम फिटकरी के चूर्ण में पांच ग्राम सेंधा नमक मिलाकर मंजन बना लें। इस मंजन के प्रतिदिन प्रयोग से ‪दांतो‬ के दर्द में आराम मिलता है ।

भुनी हुई फिटकरी एक तोला, भुना हुआ तूतिया छह माशा, कत्छा एक तोला, इन सबको कूट पीसकर ‪‎मंजन‬ बनाकर लगाने से दांतों की पीड़ा दूर होती है और दांत मजबूत तथा सुदृढ़ होते हैं।

कान‬ में फुंसी हो अथवा ‪मवाद‬ आता हो तो एक प्याले में थोड़ी-सी फिटकरी पीसकर पानी डालकर घोलें और पिचकारी द्वारा कान धोएं।

शहद में फिटकरी मिलाकर आंखों में डालने से ‪आंखों‬ की लाली समाप्त हो जाती है।

खुजली‬ वाली जगह को फिटकरी वाले पानी से धोएं और बाद में उस जगह पर थोड़ा-सा कड़वा तेल लगा लें। उस पर थोड़ा-सा कपूर भी डाल लें।

एक लीटर पानी में बीस ग्राम फिटकरी को  घोल के दिन में दो या तीन बार सफ़ेद पानी की शिकायत होने पर गुप्तांग को घोने से एवं एक ग्राम फिटकरी को एक पके केले में चीर  भर के सात दिन खाने से आराम होता है -

उपचार और प्रयोग -

24 नवंबर 2015

अमरुद फल ही नहीं अौषिधि भी है -

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यह फल सभी के लिए निरापद है । मधुमेह का रोग हो या किडनी की परेशानी ; सभी बीमारियों में इसका सेवन बेझिझक किया जा सकता है -








यह त्रिदोष नाशक है । अर्थात वात पित्त और कफ का नाश करता है । विभिन्न प्रकार के रोग मात्र अमरुद से ही ठीक किए जा सकते हैं । यह हृदय को शक्ति प्रदान करता है और घबराहट और बेचैनी को दूर करता है ।



यह फल मस्तिष्क को तुरन्त ताकत देता है । एक दो फल खाने के बाद पुन: शरीर और मस्तिष्क में स्फूर्ति वापिस आ जाती है । यह दाह नाशक है । हाथ , पैरों की जलन को समाप्त करता है । यह फल , कमजोरी और मूर्छा को ठीक कर देता है ।


खाँसी होने पर , इसके कम पके फल के टुकड़े करके उनमे नमक लगाएँ और आग पर भूनें । फिर उस #अमरुद को चबा चबाकर खाएँ । इस प्रकार करने से पुरानी से पुरानी खाँसी भी दूर हो जाती है । 

लीवर damage हो गया हो या भूख कम लगती हो ; तब भी #अमरुद को इसी प्रकार खाना चाहिए । खाना खाने से कुछ देर पहले इस फल को खाया जाए तो यह आँतों और liver के लिए बहुत अच्छा रहता है । खाने के बाद इस फल को खाया जाए तो विरेचन काफी अच्छा होता है परन्तु इसके लिए भोजन कम मात्रा में खाना होगा ।

मसूढ़ों के दर्द के लिए इसके पत्तों का प्रयोग किया जा सकता है ।इसके पत्तों को कूटकर उसमें नमक और लौंग मिलाकर उबाल लें । इस पानी से गरारे और कुल्ले करें । इससे मुख की दुर्गन्ध भी दूर होगी और मुँह के छाले भी ठीक हो जायेंगे । 

मुंह में छाले हो गए हों तो इसकी कोमल पत्तियाँ चबाएँ । इन्हें निगल भी सकते हैं । तब भी यह लाभ ही करेंगी ।

खाँसी या कफ होने पर इसके पत्तों का काढ़ा पीएँ । सूखे पत्तों का काढ़ा भी खांसी को ठीक करता है । यह काढ़ा बुखार को भी ठीक करता है । 

अपचन होने पर इसकी छाल , पत्तियां और सौंठ मिलाकर काढ़ा बनाएँ और सवेरे शाम पीएँ । 

संग्रहणी या अतिसार की समस्या से भी यह काढ़ा मुक्ति दिलाता है । 

इसके ताज़े या सूखे पत्तों में तुलसी मिलाकर चाय भी बनाई जा सकती है । यह बहुत लाभप्रद होती है । 

छोटे बच्चों को colitis की समस्या हो तो इसकी जड़ का छिलका 2 ग्राम लेकर उसका काढ़ा बनाकर दे सकते हैं ।

अमरुद के सेवन से पुराने से पुरानी अतिसार की समस्या ठीक हो जाती है । 

पेट में कीड़े हों तो नमक के साथ #अमरुद का सेवन करें । 

भांग का नशा चढ़ गया हो तो इसके पत्तों का रस पिला दें या फिर अमरुद खिलाने से भी भाँग का नशा उतर जाता है ।

उपचार और प्रयोग -

21 नवंबर 2015

स्‍ट्रेच मार्क्‍स (त्वचा का खिचाव) दूर करे

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स्‍ट्रेच मार्क्‍स शरीर पर पडी़ वह सफेद क्षीण रेखाएं होती हैं जो कि प्रेगनेंसी के समय या फिर अचानक मोटे हो जाने पर पड़ जाती हैं कई लड़के जो जिम में जाकर बॉडी बिल्डिंग के लिए एक्सरसाइज करते हैं उन्‍हें भी यह परेशानी कंधे, पीठ या जांघों में हो जाती है-



कई केसों में तो स्‍ट्रेच मार्क्‍स अपने आप ही गायब हो जाते हैं लेकिन ज्‍यादातर केसों में यह नहीं जाते। हो सकता है कि जब भी आप साडी़ पहनती होंगी तो यह स्‍ट्रेच मार्क्‍स बिल्‍कुल साफ दिखाई पड़ते होंगे, तो ऐसे में आप साडी़ पहनना तो नहीं छोड़ सकती।

हमारी त्‍वचा दो सतहों में बनी होती हैं, जब कोई महिला गर्भवती होती है या कोई इंसान अचानक मोटा होता है तो हमारी त्‍वचा में भी खिंचाव आने लगता है। ऐसे में त्‍वचा की बाहरी सतह तो खिंच जाती है, लेकिन आंतरिक त्‍वचा इस खिंचाव को लंबे समय तक सह नहीं पाती और इसके अंदर का टिशू टूटता चला जाता है, जिससे त्‍वचा में स्‍ट्रेच मार्क बनते जाता है।

बाजार में कई तरह के स्‍ट्रेच मार्क्‍स रिमूवर क्रीम और लोशन उपलब्‍ध हैं लेकिन सभी की सभी असरदार हों यह जरुरी नहीं हैं। इन क्रीमों की वजह से शरीर पर साइड इफेक्‍ट भी हो जाते हैं। अच्‍छा होगा कि आप प्राकृतिक चीजों का इस्‍तमाल कर के इन्‍हें हल्‍का करें।

शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स तब पड़ते हैं, जब स्किन ओवर स्ट्रेच हो जाती है। मार्केट में मिलने वाली बहुत सी क्रीम इन स्ट्रेच मार्क्स से निजात दिलाने का दावा करती हैं। लेकिन, ये ठीक से नहीं कहा जा सकता कि ये क्रीम स्ट्रेच मार्क्स से निजात दिलाएंगी ही दिलाएंगी। इसके अलावा, इन क्रीम्स में केमिकल होता है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ऐसा नहीं है कि इन स्ट्रेच मार्क्स से निजात पाने का कोई उपाय नहीं है। घरेलू नुस्खों को आजमाकर आप आसानी से इन स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पा सकते हैं।

हम आपको ऐसी ही कुछ बेहतरीन घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जो स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने में आपकी मदद करेंगे। इन घरेलू नुस्खों से स्ट्रेच मार्क्स हल्के पड़ने लगते हैं और फिर धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं।



एलो वेरा जैल स्ट्रेच मार्क्स में बेहद फायदेमंद होता है। इससे स्ट्रेच मार्क्स धीरे-धीरे हल्के पड़ते हैं और फिर स्किन से बिल्कुल गायब हो जाते हैं। एला वेरा जैल बनाने के लिए आपको एक कप ऑलिव ऑइल, 10 विटामिन ई कैप्सूल और 5 विटामिन एक कैप्सूल की आवश्यकता होती है। इन सबको लेकर एक साथ मिक्स करें और पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं। पेस्ट को स्किन पर तब तक रहने दें जब तक स्ट्रेच मार्क्स पेस्ट को सोख न ले। ताजा एलो वेरा का गूदा मसाज करने से त्‍वचा टोन होती है और इसमें शामिल एंजाइम खराब हो चुकी त्‍वचा को हटा कर दूसरी त्‍वचा को हाइड्रेट करता है।



लैवन्‍डर तेल को अगर दिन में तीन बार स्‍ट्रेच मार्क्‍स पर लगाया जाए तो धीरे-धीरे निशान गायब होने लगता है और उसकी जगह पर नई त्‍वचा आने लगती है।




खीरे का रस भी स्ट्रेच मार्क्स में बेहद फायदेमंद होता है। स्ट्रेच मार्क्स से जल्दी निजात पाने के लिए खीरे के रस में नींबू की कुछ बूंदे मिलाए और पेस्ट बनाएं। इसे स्किन पर जहां स्ट्रेच मार्क्स है रगड़े। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें।


अंडे का सफेद भाग स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं और सूखने के बाद धो लें। इससे स्ट्रेच मार्क्स हल्के पड़ते हैं। अंडे के सफेद भाग में अमीनो एसिड और प्रोटीन होता है। इससे स्ट्रेच मार्क्स जल्दी ठीक होते हैं।


स्‍ट्रेच मार्क्‍स की डेड और डैमेज स्‍किन को एप्रीकॉट स्‍क्रब से दूर किया जा सकता है।




स्ट्रेच मार्क्स से जल्दी छुटकारा पाने के लिए आप विटामिन ई ऑइल का यूज भी कर सकते हैं। विटामिन ई की गोलियों को पीसकर मॉश्चराइजर के साथ स्किन पर लगा सकते हैं। इसके अलावा, आप विटामिन ई की गोलियों को खा भी सकते हैं।


चीनी में कुछ बूंद बादाम का तेल और नींबू का रस मिलाकर स्किन पर लगाने से स्ट्रेच मार्क्स दूर होते हैं। आप नहाने के कुछ देर बाद बादाम-चीनी और नींबू का पेस्ट बनाकर स्किन पर लगाएं। इससे स्ट्रेच मार्क्स हल्के पड़ना शुरू हो जाएंगे। इस पेस्ट को कम से कम एक महीने तक अपनी स्किन पर लगाएं।

अपने आहार में विटामिन सी और ई वाले फल और सब्‍जियां शामिल करें। यह आहार नई टिशू की ग्रोथ में मदद करके खराब हो चुकी टिशू की मरम्‍मत करते हैं। जिंक वाले आहार जैसे, नट्स और बीज और ज्‍यादा स्‍ट्रेच मार्क्‍स पैदा होने से रोकते हैं। विटामिन के रिच फूड जैसे, डेयरी प्रोडक्‍ट, लीवर, हरी सब्‍जियां और टमाटर स्‍ट्रेच मार्क्‍स को ठीक करते हैं।

कई तरह के तेलों को विटामिन के साथ मिला कर प्रयोग करने से स्‍ट्रेच मार्क्‍स दूर हो जाते हैं। जैसे विटामिन ए और ई की कैप्‍सूल के साथ लेवेन्‍डर, एवाकाडो या कैमोमाइल के तेल को मिक्‍स कर के लगाया जाए।


बादाम तेल के साथ एक चम्मच शक्कर मिलाएं और उसमें कुछ बूंद नींबू के रस की डाल अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को स्ट्रेच मार्क्स वाले हिस्सों पर लगाएं। नहाने से दस मिनट पहले रोजाना इसे लगाएं और हल्का सा रगड़ें। एक महीने लगातार ऐसा करने से स्ट्रेच मार्क्स हल्के हो जाते हैं।


स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए अरंडी का तेल भी बेहद कारगर माना जाता है। इसके लिए प्रभावित हिस्से पर अरंडी का तेल लगाएं, फिर उस हिस्से को प्लास्टिक बैग से लपेट लें। अब हॉट वॉटर बॉटल से करीब आधा घंटे सिकाई करें और हल्का रगड़ें। धीरे-धीरे स्ट्रेच मार्क्स दूर हो जाएंगे।

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18 नवंबर 2015

व्यापार की उन्नति और सफलता के लिए - Business growth and success

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जीवन में प्रत्येक व्यक्ति अपनी उन्नति के लिए व्यवसाय शुरू करता है परन्तु कई बार यह देखने में आता है कि व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है-परंतु उतना लाभ उसको नहीं मिलता- जिससे वह हमेशा दुखी रहता है-आज हम आपको इस लेख में बताने का प्रयास कर रहे है कि किस -किस राशि के लोग व्यापार कर रहे है उनको क्या सावधानियां करनी चाहिए तथा क्या उपाय और मन्त्र तथा क्या टोटके भी है थोडा सा प्रयास से आपका व्यापार उन्नति की तरफ बढे तो आपका पारिवारिक जीवन सुखी होता है और मानसिक शांति आती है-




लगन और विश्वाश के साथ कुछ मन्त्र और प्रयोग जो आपको करने में आसान लगे अपनाए यहाँ ये पूर्ण प्रभावी मन्त्र उन सभी के लिए दिया जा रहा है जो व्यापार में घोर निराशा में डूबे है करे और ईश्वर के आशीर्वाद से व्यापार में अत्यंत लाभ मिलेगा।लेकिन पहले हम जानते है राशियों के अनुसार आप क्या करे क्युकि अक्सर देखा गया है कि कई लोगों के मन में अपना खुद का बिजनेस करने और सफल उद्यमी बनने की तमन्ना होती है। लेकिन कई बार बेहतर रिसर्च और जमीनी स्तर पर सारी तैयारियां करने के बाद भी व्यक्ति को सफलता नहीं मिलती-


इसके पीछे ज्योतिषीय कारण भी हो सकते हैं। क्योंकि हर राशि की अपनी एक अलग खासियत होती है जो व्यक्ति को बिजनेस की दुनिया में सफल बना सकती है। आप भी जाने -


मेष (Aries)- 

मेष राशि के जातकों में जन्म से लीडरशिप क्वॉलिटी होती है और उन्हें किसी चीज का प्रभारी बनना अच्छा लगता है। हालांकि इनमें कूटनीतिक आचरण की कमी होती है। सफल व्यवसाय करने के लिए जरुरी है कि मेष राशिवाले लोगों और परिस्थितियों को चतुराई से हैंडल करना सीखें-

वृष (Tauras)- 
मिथुन (Gemini)- 
कर्क (Cancer)- 
सिंह (Leo)- 
कन्या (Virgo)- 
तुला (Libra)- 
वृश्चिक (Scorpio)- 
धनु (Sagittarius)- 
मकर (Capricorn)- 
कुंभ (Aquarius)- 
मीन (Pisces)- 

वृष राशि वाले अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन अधिकतर समय यह लोग पुराने और रुढ़िवादी तरीकों पर ही ज्यादा भरोसा करते हैं। अपने व्यापार को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए जरुरी है कि वृष राशि के लोग नई तकनीक और नए दृष्टिकोण का इस्तेमाल करें-



इस राशिवालों की खासियत यह है कि यह लोग किसी को भी कोई भी काम करने के लिए आसानी से राजी कर सकते हैं। लेकिन कई बार जरुरत से ज्यादा बोलने की वजह से किसी रहस्य की बात को छिपाकर नहीं रख पाते। बिजनेस में सफल होने के लिए जरुरी है कि मिथुन राशिवाले सहनशील बनें और स्थिर रहना सीखें-


व्यापार-व्यवसाय के प्रति गहरी रुचि की वजह से कर्क राशिवाले अपने क्लायंट को खुश रखने जानते हैं। लेकिन कई बार गुजरते समय के साथ ये लापरवाह हो जाते हैं और बिजनेस में दिलचस्पी खो देते हैं। अपने व्यवसाय को ऊंचाईयों पर बनाए रखने के लिए जरुरी है कि कर्क राशिवाले व्यवसाय में अपनी लय और दिलचस्पी बरकरार रखें-


सिंह राशिवाले बेहतर नेता, संयोजक और प्रबंधक होते हैं। लेकिन कई बार अनिश्चितता या नुकसान होने पर यह जल्दी घबरा जाते हैं और खुद को परेशानी में डाल लेते हैं। व्यापार में सफल होने के लिए जरुरी है कि ये समय के साथ चलना सीखें। साथ ही दूसरों पर अपनी बात थोपने की बजाए उनके विचार और सुझावों को भी सुनना चाहिए-


कन्या राशिवाले पर्फेक्शनिस्ट होते हैं और घटिया काम उनसे बर्दाश्त नहीं होता। ये चाहते हैं कि लोग इनकी निपुणता और उत्कृष्टता की बराबरी करें। रुकावटें आने पर ये बड़ी जल्दी उदास हो जाते हैं। व्यवसाय में सफल होने के लिए जरुरी है कि कन्या राशिवाले अपनी भावनाओं और स्वभाव पर काबू रखें-


अपने कूटनीतिक आचरण और बेहतर संपर्कों की वजह से तुला राशिवाले बिना समय गंवाए अपने व्यवसाय के लिए क्लायंट और निवेशकों को तैयार कर लेते हैं। लेकिन उनकी हिचकिचाहट और उतावलापन कई बार दूसरों को हैरान कर देती है। सकारात्मक नजरिया और दृढ़ दृष्टिकोण के साथ तुला राशिवाले अपने व्यापार को ऊंचाईयों तक ले जा सकते हैं-


बिजनेस में सफल होने के लिए वृश्चिक राशिवाले कई बार लंबे समय तक बिना रुके प्रेशर में काम कर लेते हैं। वे अपने जुनून का कुछ इस तरह अनुसरण करते हैं कि दूसरे लोग कई बार उन्हें गलत समझ लेते हैं। व्यापार में सफल होने के लिए जरुरी है कि वृश्चिक राशि वाले लोगों और परिस्थितियों को चतुराई से हैंडल करना सीखें-


धनु राशिवाले किसी प्रोजेक्ट को शुरू तो पूरे उत्साह के साथ करते हैं लेकिन यदि उसका परिणाम आने में थोड़ा वक्त लगता है तो वो तुरंत ही पहले वाले को छोड़कर दूसरे प्रोजेक्ट में लग जाते हैं। कई बार इनका व्यवहार अविवेकी हो जाता है। यदि धनु राशिवाले व्यापार में सफल होना चाहते हैं तो उन्हें सीखना होगा कि किस तरह एक काम को खत्म करने के बाद ही दूसरे काम की ओर बढ़ें-


मकर राशिवाले व्यवसाय में चुपचाप, विचार और विमर्श और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ते हैं। वो ऐसा पद या दर्जा हासिल करना पसंद करते हैं जहां उन्हें संचालन का ज्यादा से ज्यादा अधिकार मिल सके। उनके इस व्यवहार को कई बार उनके साथी ही गलत समझ लेते हैं। अपनी भावनाओं पर पूरा नियंत्रण ही मकर राशिवालों के लिए बिजनेस में सफल होने का मूल मंत्र है-


इस राशि के लोग कड़ी मेहनत करने वाले और बेहद उत्साही होते हैं जो अपने व्यवसाय को सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं। कई बार दबाव और चिंता में ये लोग बेहद आक्रामक और असभ्य व्यवहार कर देते हैं। कुंभ राशिवालों के लिए बिजनेस में सफल होने के दो मूल मंत्र हैं। अपने गुस्से पर काबू पाना और तनाव से कैसें निपटें ये सीखना-


मीन राशि के जातक अक्सर जोश और मोह-माया से प्रभावित होते हैं। और अक्सर इनका व्यापार कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और मुनाफे से भरा होता है। लेकिन इस प्रक्रिया में ये लोग कई बार हकीकत से दूर हो जाते हैं। सफल बिजनेस के लिए जरुरी है कि मीन राशि वाले बेहतर प्लानिंग करें और हकीकत के धरातल पर रहें-

अब आप जाने कि व्यापार में मंदी है या उन्नति नहीं हो रही है या घाटा हो रहा है तो क्या करे इनको आप खुद कर सकते है-नीचे के लिंक पे क्लिक करे और पढ़े -

धूर्त-पाखंडी लोगो के चक्कर में पड़ कर और नुकसान न करे-

17 नवंबर 2015

सेक्स लाइफ को बूस्टअप करे - Boost up your sex life

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आज के युग में हमारे प्रदूषित खान -पान की वजह से और स्वयं के गलत हरकतों के कारण युवक-युवतियां असमय ही दुर्बलता के शिकार होते जा रहे है और फिर इस तरह की समस्याओं में डॉक्टर के पास जाने से घबराते हैं-ऐसे में घरेलू उपाय को अपनाकर सेक्स लाइफ को बुस्ट अप कर सकते हैं-





आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी शीशी में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है-

लहसुन आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपकी सेक्स लाइफ को भी बढाता है| ऐसे में अगर आप लहसुन नहीं खा रहे हैं तो आज से ही खाना शुरू कर दीजिये| क्योंकि लहसुन की 2-3 कलियां और प्याज का प्रतिदिन सेवन से यौन- शाक्ति बढ़ती है। ऐसे में अगर आप सप्ताह में दो से तीन बार काले चने से बने खाद्य पदार्थों को प्रयोग में ला रहे है तो आपके लिए यह लाभकारी है-

15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है-

एक सेब में हो सके जितनी ज्यादा से ज्यादा लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग शीशी में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40 दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है-

15 ग्राम सफेद मूसली को एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से ज्यादा शक्तिशाली महसूस करेंगे।

कच्चा गाजर या इसका जूस भी यौन शक्ति को बढ़ाने में मददगार है। हफ्ते में दो बार भिंडी और सहजन खाने से काफी फायदा होता है।

15 ग्राम सहजन के फूलो को 250 मिली दूध मे उबालकर सूप बनाए। इसे यौन-टौनिक के रूप मे इस्तेमाल करें। इसके अलावा आधा चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच शहद तथा एक उबले हुए अंडे का आधा हिस्सा, सभी को मिलकार मिश्रण बनाए प्रतिदिन रात को सोने से पहले एक महीने तक सेवन करें।

बादाम, पिस्ता खजूर तथा श्रीफल के बीजो को बराबर मात्रा मे लेकर मिश्रण बनाए। प्रतिदिन 100 ग्राम सेवन करें।

इसके अलावा आप 30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन लें।

घी के साथ उड़द की दाल को भूनकर और इसके अंदर दूध को मिलाकर तथा अच्छी तरह से पकाकर इसकी खीर तैयार कर लें। इसके बाद इसमें चीनी या खांड मिलाकर इसका इस्तेमाल करने से वीर्य में बढ़ोत्तरी होती है तथा संभोग करने की शक्ति भी बढ़ जाती है।

5 मिलीलीटर से 10 मिलीलीटर के आसपास पुराने सेमल की जड़ का रस निकालकर व इसका काढ़ा बना लें तथा इसके अंदर चीनी मिला लें। इस मिश्रण को 7 दिनों तक पीने से वीर्य की बहुत ही अधिक बढ़ोत्तरी होती है|

100 ग्राम आंवले के चूर्ण को लेकर आंवले के रस में 7 बार भिगों लें इसके बाद इसे छाया में सूखने के लिए रख दें। इसके सूख जाने के बाद इसको इमामदस्ते से कूट-पीसकर रख लें। रोजाना इस चूर्ण को एक चम्मच लेकर शहद के साथ मिलाकर चाट लें तथा इसके ऊपर से एक गिलास दूध पी लें। इसका सेवन करने से आपकी यौन शक्ति में आई दुर्बलता दूर हो जायेगी|

सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर
रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू तथा दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

वीर्य अधिक पतला होने पर एक  चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है.

आयुर्वेद योग -



वसंत मालती-


स्त्री-पुरूष् दोनों में शारीरिक क्षमता और दुर्बलता, चाहे किसी कारण भी हो, नाशक स्वर्ण तथा मोती युक्त औष्ाधि है। ज्वरों के पश्चात के दौर्बल्य में भी अत्यंत उपयोगी है।

वसंत कुसुमाकर-


बलवर्घक, कामोत्तेजक, मधुमेह नियंत्रक के रूप में प्रयुक्त होता है। इसमें सोना, मोती, कस्तूरी, चांदी आदि प्रयुक्त होते हैं।

वसंत तिलकरस-


विशेष् रूप से पुरूष् द्वारा उपयुक्त बलवर्घक वाजीकरण तथा कामोद्दीपक, स्वर्णमुक्ता आदि प्रधान औष्धियां हैं। वृहऊंगेश्वस, वंगेश्वर दोनों ही मूल्यवान दवाइयां हैं। स्त्रियों  के जननांगों के रोगों, श्वेत प्रदर, कामशीतलता आदि तथा पुरुषों  के दुर्बलता शीघ्रपतन, शुक्रमेह आदि में लाभदायक दवाएं हैं।

शक्रवल्लभ रस-


पुरुषों  द्वारा अधिक सेवनीय बलवर्घक पौष्टिक उत्तेजक वाजीकर औष्धियां हैं। इसमें भी सोना, मोती आदि मूल्यवान दवाएं डाली जाती हैं।

शतावरी मोदक-


प्रमुख रूप से स्त्रियों  द्वारा सेवन की जाने वाली यह औषधि शक्तिवर्घक स्तन रोग नाशक जननांगों के प्रदरों व गर्भाशय शिथिलता नाशक है।

शिलाजीत शुद्ध-


स्त्रियों  व पुरुषों के सभी रोगों में उपयोगी। निरंतर प्रयोग से सभी रोग होने से रोकता है। बुढ़ापा थामता है दीर्घजीवन देता है।

शुक्रमातृकावटी व शिवा गुटिका-


अधिकतर पुरुषों को वीर्यविकारों, मूत्ररोगों, वायुविकारों, प्रोस्टेट वृद्धि आदि में दिया जाता है। शिव गुटिका स्त्रियों  के कमरदर्द, थकान और मूत्र रोगों में उपयोगी है।

मदनानंद मोदक, नारी गुटिका, कौंचपाक, मूसलीपाक, मदनमोदक ये दवाइयां पुरूष्ाों द्वारा विशेष कर यौन शक्ति वृद्धि बनाए रखने व पूरे वर्ष के लिए पुष्टि प्रदान के लिए प्रयुक्त होती है। इनमें कुछ नशीले पदार्थ भांग, अफीम आदि में प्रयुक्त किए जाते हैं। कामेश्वर, कामचूड़ामणि, मन्मथ रस ये स्त्री व पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है। शक्ति, बल सामथ्र्य तथा कार्यक्षमता वर्घक बलवर्घक दवाइयां हैं।ये सामान्यत: नीम-हकीम तथा बिना चिकित्सक के परामर्श से इनका प्रयोग नौजवान लड़के ज्यादा करते हैं।

रतिवल्लभ मूंगपाक, सौभाग्यशुंठी ये दोनों दवाइयां मुख्यत: स्त्रियों  के सेवनार्थ बनी हैं। प्रथम ये दवाये  जननांगों को शक्ति, पुष्टि संकोच, गर्भाधान योग्य बनाती हैं। सोहाग सोंठ प्रसव के बाद की दुर्बलता, पीड़ा कमरदर्द, थकान, ज्वर को मिटाती है। आयुर्वेद में कामोत्तेजक, स्तंभक, वाजीकरण शक्तिवर्घक तथा स्त्री के स्त्रीत्व को पुष्पित और प्रशस्त रखने वाली दवाओं की कमी नहीं है।

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14 नवंबर 2015

क्या इन अन्धविश्वास में कुछ वैज्ञानिक सत्य है - Scientific truth Some of these superstitions

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भारत में कई अंधविश्वास और मान्यताएं हैं जिन्हें या तो धर्म से जोड़ा जाता है या उन्हें विश्वास बताया जाता है। कई लोगों का कहना है कि बिल्ली रास्ता काट दें तो आगे ना जाएं जबकि कई लोगों का मानना है कि कुत्ते के रोने से अनहोनी होती है। आज हमारे बीच कई ऐसे अंधविश्वास है जिनसे रोज आपका सामना होता है। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ अंधविश्वास जो कि हमारे बीच में प्रचलित हैं-





नींबू-मिर्च नींबू मिर्च आप भारत के कई घरों और दुकानों में नींबू मिर्च लटकी हुई देखी होगी। मिर्चो के साथ एक नींबू को लटकाना अच्छा  माना जाता है, लोगों का मानना है कि इससे बुरी नजर नहीं लगती है। लोग मानते है कि ऐसा करने से घर में या व्यवसाय में सुख-समृद्धि वापस आ जाती है-



कहा जाता है कि अगर कुत्ता रोता है तो घर के लिए अशुभ होता है। मान्यता है कि घर के सामने घर की ओर मुंह करके कोई कुत्ता रोए तो उस घर पर किसी प्रकार की विपत्ति आने वाली है या घर के किसी सदस्य की मौत होगी। कहा जाता है कि घर के सामने सुबह के समय यदि कुत्ता रोए तो उस दिन कोई भी महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए। यदि किसी मकान की दीवार पर कुत्ता रोते हुए पंजा मारता दिखे तो समझा जाता है कि उस घर में चोरी हो सकती है या कोई संकट आ सकता है।



सपनों से पता चलता है शुभ और अशुभ: अंधविश्वास का सबसे बड़ा उदाहरण है सपनें। लोग सपनों के आधार पर ही अपना भविष्य देख लेते है। कई लोग कहते हैं कि सपने में सांप दिख जाए तो अच्छा होता है, कोई कहता है कि सांप दिख जाए तो अशुभ होता है। हालांकि विज्ञान के अनुसार सपने आने के कई कारण है। साथ अच्छे-बुरे सपने आपकी मानसिक दशा पर निर्भर करते है-

मंगलवार, गुरुवार को बाल कटवाना अशुभ: समाज में पढ़े लिखे लोगों के होने के बाबजूद भी लोग इस अंधविश्वास को सबसे ज्यादा मानते है। कहा जाता है कि मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को बाल नहीं कटवाने चाहिए। ऐसा करना अशुभ होता है। इतना ही नहीं अब तो सैलून भी मंगलवार या गुरुवार को बंद रहते हैं-





माना जाता है कि अगर आप किसी काम से जा रहे हैं और कोई टोक दे या पूछे कि कहां जा रहो..? तो इसका मतलब आपका काम नहीं होगा। साथ ही अगर आप कहीं जा रहे हो और अगर आपके पीछे से कोई छींक दे तो आपका काम नहीं होगा। जबकि बछड़ा, बैल, सुहागिन, मेहतर और चूड़ी पहनाने वाला दिखाई दे तो शुभ होता है-




कई लोगों मानना है कि अगर घर के बारह रखे जूतें या चप्पल उल्टे हो जाएं तो उन्हें तुरंत सीधा कर देना चाहिए। ऐसा ना करने पर आपकी किसी से लड़ाई होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही अगर आप चप्पल सीधी कर रहे हैं तो आपको दूसरी चप्पल का सहारा लेना चाहिए। हालांकि कई लोग जूतें-चप्पलों को नजर उतारने के लिए भी काम में लेते हैं-



हिंदू धर्म में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि शाम के वक्त और रात में झाड़ू लगाने से लक्ष्मी चली जाती है और व्यक्ति के बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। इसलिए रात को झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। साथ ही झाड़ू को खड़ा भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे घर में कलह होता है। खुले स्थान पर झाड़ू रखना अपशकुन माना जाता है इसलिए इसे छिपाकर रखा जाता है-



बांस भले ही कई चीजें बनाने के काम में आता हो, लेकिन भारतीय सभ्यता में बांस को लेकर भी कई अंधविश्वास है। कहा जाता है कि अगर कोई बांस जलाता है तो उसका वंश नष्ट हो जाता है या घर में किसी की म्रत्यु  हो जाती है। हालांकि कई लोग बांस को शुभ मानते हैं-





बंदर का मुंह सुबह देखने से खाना नहीं मिलता..?ऐसे तो बंदर को भगवान हनुमान का प्रतीक माना जाता है, लेकिन माना जाता है कि अगर सुबह-सवेरे बंदर के दर्शन हो जाए तो दिनभर खाना नसीब नहीं होता है। जबकि शाम को बंदर दिख जाए तो शुभ होता है। बंदर का दाहिनी और बिल्ली का बाईं ओर दिखना शुभ होता है-




ऐसी मान्यता हैं कि किसी सुनसान या जंगल की किसी विशेष भूमि कर पेशाब कर देने से भूत पीछे लग जाता है। ऐसे में कुछ लोग पहले थूकते हैं फिर पेशाब करते हैं और कुछ लोग कोई मंत्र वगैरह पढ़कर ऐसा करते हैं। साथ ही लोग नदी, पूल या जंगल की पगडंडी पर पेशाब नहीं करते। भोजन के बाद पेशाब करना और उसके बाद बाईं करवट सोना बड़ा हितकारक है-



हमने अपने जीवन में कई बार करके इन बातो को समझा है और किसी हद तक कहूँ तो कुछ परिणाम सच और सार्थक ही पाया है मगर समझ नहीं आता ये सब अंधविश्वास है  या कोई वैज्ञानिक कारण ...आप ने कभी आजमाया है- कभी इन चीजों को अगर हाँ तो क्या कहेगे आप ....?

उपचार और प्रयोग-

किशोरियों के स्तन बढाने के उपाए

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लड़कियों में स्तन का उभार आना सामान्य तौर पर 10 से 12 वर्ष की आयु में ही शुरू हो जाता है और यह प्रक्रिया 18 वर्ष की आयु तक जारी रहती है। यद्द्पि खास तरह के ऊतकों एवं वसा (चर्बी) से निर्मित स्तन का ऊतकीय विकास वयःसंधि काल में ही पूरा हो जाता है-




किशोरियों में योवन आरम्भ के समय प्राकृतिक परिवर्तन अपना समय लेता है और आप धीरे धीरे स्तनों के आकार में परिवर्तन महसूस करते हैं . इसे कुछ समय दीजिये और शांत रहिये , स्तनों को बढ़ने में लगने वाले समय के लिए चिंता मत कीजिये. लेकिन यदि आप स्तनों को जल्दी बढ़ाना चाहती हैं, तो आप कुछ चिकित्सा पद्धति का अनुसरण कर सकती हैं.

किशोरियों के स्तन बढ़ाने के लिए उपाय-



कुछ मुख्य उपायों में से एक उपाय हैं वजन बढ़ाना. जब आपका वजन बढ़ता हैं तो धीरे धीरे आपके स्तनों का आकर भी बढ़ता हैं . आप अपने चिकित्सक को हौर्मोंस का स्तर जांचने के लिए भी बोल सकते हैं यदि आपको ऐसा लगता हैं की आपके स्तन बहुत ही धीमी गति से बढ़ रहे हैं . कुछ व्यायाम करें जो आपके स्तनों की वृद्धि में मददगार हो.

वजन बढ़ने के लिए आप मूंगफली, चीज़, मक्खन, दही, नाशपाती और दुसरे स्वास्थ्यकर भोज्य पदार्थ खा सकते हैं. आप जिम जाकर देख सकते हैं और वहां कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं. आपका प्रशिक्षक आपकी मदद सही कसरत करने में कर सकता है जो उसे आवश्यक लगे. 13-15 पुश- अप्स करें, भारोत्तोलन और दूसरी छाती की कसरत करें जो छाती की मांसपेशियों को खींच सके.

पुश-अप्स आपके अग्र भाग को ज़मीन से सटाकर और हाथों को ज़मीन पर समतल रखकर किया जा सकता है. अपने पैरो को फर्श पर सीधा रखे और हथेली की सहायता से स्वयं को ऊपर उठाइए और धीरे धीरे नीचे लाइए. यह प्रकिया कम से कम 13 से 15 बार दोहराए और आप अपने हाथों और छाती को मज़बूत और स्वस्थ  महसूस करेंगे. गाँव में कुँए से पानी खींचना भी छाती की मांसपेशियों के खिंचाव में मदद कर सकता है, जिससे आपके स्तन तेज़ी से बढ़ेंगे.

चेस्ट प्रेसेस डम्बल्स या वज़न को दोनों तरफ रखकर और ऊपर उठाकर किया जा सकता है. चटाई पर सीधे खड़े हो जाइये और दोनों घुटनों को मोड़िये और दोनों हाथों में वज़न लीजिये. धीरे से उन्हें आपके कन्धों के स्तर तक उठाइए और फिर वापस पुरानी स्थिति में लाइए. यह दिन में 10-15 बार दोहराइए और आप आसानी से परिवर्तन देख सकते हैं.

एक और व्यायाम है छाती संकुचन है - अपने पैरो को कुल्हो के बराबर दुरी पर रख कर सीधे खड़े हो जाइये. स्नान तोलिये के दोनों छोर पकडिये और अपने हाथो को सीधा फैलाईये तोलिये के छोरो को विपरीत दिशाओ में दोनों हाथो में खिचिये. ठीक उसी तरह जेसे आप रस्साकसी खेलते है. आप 30 सेकंड से एक मिनट तक रुक सकते है और यह व्यायाम 3 बार करे.

एक और चेस्ट व्यायाम आपके घर बिना अधिक प्रयास के किया जा सकता है. कुर्सी के बीचो बीच बैठ जाइये और अपनों भुजाओ से समान वजन उठाइए. अपने हाथो वजन सहित सीधा कंधे के स्तर तक उठाइए और धीरे से नीचे  लाइए, ध्यान  रखिये के आपके हाथ आपस में पास होने चाहिए. और आपके निचले शरीर के तरफ हाथो का मुख होना चाहिए. यह व्यायाम एक दिन में 12 बार और 3 सेट में करे. आप रात में ब्रा का उपयोग टाल सकती है.

प्रतिदिन पपीते का रस और दुध पीना स्तनों की वृद्धि का प्रक्रतिक तरीका है. इन दोनों में उपस्थित प्रोटीन , विटामिन और पोषक तत्व स्तन वर्धि को बढाएंगे. ताज़ा पपीता खाना एक दूसरा अच्छा तरीका है.

स्वास्थयप्रद भोजन कीजिये जिसमे प्रोटीन भरपूर मात्रा में हो जेसे अंडे, मूंगफली का मक्ख्हन, मछली, सुपारी, दूध और मुर्गी का मांस. प्रोटीन से भरपूर भोज्य पदार्थ ढूंढिए और उन्हें प्रतिदिन खाने की कोशिश कीजिये. शक्कर, संश्लेषित भोज्य पदार्थ, सोडा, फ़ास्ट फ़ूड इत्यादि कम से कम खाइए. इसके स्थान पर बहुत सा पानी पीजिये.

अपने स्तनों की प्रतिदिन या हर रात मालिश कीजिये, यह वास्तव में स्तनों के ऊतकों की मदद करेगा. एक टेबल स्पून अलसी के बीज स्तनों की वृद्धि में बहुत मददगार होता है. स्तनों की शीघ्र वृद्धि के आहार उपचार जिनका आपको अनुसरण करना चाहिए

ऐसे भोज्य पदार्थ जिसमे अस्ट्रोजन अधिक हो, स्तन वृद्धि के लिए बहुत लाभकारी होता है. हौर्मोंस की विषमता भी स्तन वृद्धि के पीछे बहुत बड़ा कारण है. आइये कुछ अस्ट्रोजन की अधिकता वाले भोज्य पदार्थ देखें-

फल और सब्जियां -



इनमें अस्ट्रोजन अधिक पाया जाता है. खजूर, चेरी, सेब और आलूबुखारा प्रतिदिन खाने के साथ खाना चाहिए-

मेथी



यह स्तन वृद्धि के लिए सिद्ध तथा उत्तम जड़ी है. इसलिए ऐसा भोजन करने की कोशिश कीजिये जिसमे मेथी का घटक हो. मेथी की पत्तियां दूध में भी वृद्धि करती हैं-

सोयाबीन



सोया उत्पाद जैसे सोया दूध, सोया मक्खन, सोया कॉफ़ी, सोया ब्रेड आदि में अस्ट्रोजन का स्तर उच्च होता है. स्तन वृद्धि में ये सोया उत्पाद अच्छा परिणाम देंगे-

अलसी  बीज



ये स्तन वृद्धि में बहुत प्रभावकारी पाए गए हैं. आप बहुत सारे दुसरे बीज भी स्तन वृद्धि में उपयोग कर सकते हैं जैसे पपीते के बीज, सौंफ के बीज, सूरजमुखी के बीज इत्यादि-

मटर और फलियाँ



आप मटर और फलियों से प्राकृतिक अस्ट्रोजन प्राप्त कर सकते हैं. राजमा, लाल राजमा, लिमा बीन्स, छोले और अम्जोद, प्रोटीन भोज्य पदार्थों के साथ खाया जाना चाहिए जो स्तन वृद्धि में मददगार होता है-

जैतून



जैतून और जैतून का तेल स्तन वृद्धि का सर्वोत्तम उपचार हैं. वर्जिन जैतून का तेल और काला  जैतून स्तन वृद्धि के लिए सर्वोत्तम हैं. आप स्तन वृद्धि के लिए दूसरे तेल भी उपयोग कर सकते हैं जैसे- कच्चे अखरोट का तेल, अलसी का तेल, अवोकेडो तेल और तिल का तेल-


हमेशा धीरज रखिये, स्तनों का आकार धीरे-धीरे बढ़ेगा और यह आपको जल्दी ही पता चल जाएगा. ख़ास तौर पर तब जब आप यौवन आरम्भ से गुज़र रहे हों, स्तनों के आकार वृद्धि में कुछ समय लगेगा-

बड़े स्तनों के लिए अमल में लाये जा सकने वाले सुझाव-



बार बार स्तनों की मालिश कीजिये, इससे स्तनों का आकार बढ़ता है और स्तन आकर्षक बनते हैं-

सॉफ्ट ड्रिंक, चाय, कॉफ़ी, शराब आदि का उपभोग टालिए, इससे स्तन वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है-

जंक फ़ूड मत खाइए. यह स्तन वृद्धि पर असर डालता है. बहुत सारा पानी पीजिये और नियमित रूप से कसरत कीजिये-

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11 नवंबर 2015

आकर्षक व पतली कमर बनाए .?

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अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण आम आदमी के पास व्यायाम करने का वक्त नहीं होता है| यही वजह है कि उसका मोटापा दिन प्रतिदिन बढता जाता है| अकसर लोग वजन कम करने में लगे रहते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं वजन कम करने से भी ज्यादा जरूरी होता है, आपका कमर और पेट को कम करना। आपको पता है कि आप अपने वजन को तो कम कर सकते हैं लेकिन जो सबसे बड़ी समस्या है वह है कमर और पेट की चर्बी को हटाना|


आपको बता दें कि कुछ लोग मोटे नहीं होते लेकिन उनके पेट के आसपास काफी चर्बी जमा हो जाती है जिससे वे काफी परेशान रहते हैं| खासकर लड़कियां कमर और पेट के आसपास जमी चर्बी के कारण टाइट फिटिंग के कपड़े नहीं पहन पातीं, यदि वे ऐसा करती भी हैं तो ये लुक उनकी पर्सनैलिटी को सूट नहीं करता। आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिसे आप अपने पेट और कमर की बढ़ी हुई चर्बी को कम कर सकते हैं-

अपनी कमर और पेट की बढ़ी हुई चर्बी को कम करने के लिए आपको रोजाना सुबह सैर करनी चाहिए इसके आलावा खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर न जा करके थोड़ी देर जरुर टहलें| क्योंकि टहलने से आपकी अतिरिक्त कैलोरी कम हो सकती है| इसके अलावा यदि आप जंकफूड खूब खाते हैं या फिर आपको तैलीय खाना बहुत पसंद है तो आपको चाहिए आप ऐसे खाने से बिल्कुल परहेज करें। सामान्य आटे के बजाय जौ और चने के आटे को मिलाकर चपाती खांए, इससे आप जल्द ही स्लिम ट्रि‍म होंगे।

यदि आप चाय पीने के बहुत शौकीन हैं तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट भरपूर ग्रीन टी, लेमन टी या फिर ब्लैक टी लें। दरअसल, दूध की चाय पीने से आपके मोटापा बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आपको चाहिए कि आप रोजाना सुबह पानी के साथ शहद का सेवन करें। इससे आप जल्द ही कमर और पेट को कम करेंगे।

आपको चाहिए कि आप सप्ताह में कम से कम एक बार उपवास जरूर करें। आप चाहे तो सप्ताह में एक दिन तरल पदार्थों पर भी रह सकते हैं। इसमें आप पानी, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप इत्यादि चीजों को प्राथमिकता देंगे।

इसके अलावा कमर और पेट कम करने के लिए आपको नियमित रूप से सुबह उठकर योग करना चाहिए, ऐसे में आपको कुछ ऐसे आसनों को शामिल करना होगा जिनसे आपके पेट और कमर को कम करने में मदद मिलें। वैसे भी आप योग से निरोग रह सकते है, आपको रोजाना सूर्य नमस्कार की सभी क्रियाएं, सर्वांगासन, भुजंगासन, वज्रासन, पदमासन, शलभासन इत्यादि को करना चाहिए।

सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए ये ज्यादा से ज्यादा खाएं। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।

चाय में पुदीना डालकर पीने से मोटापा कम होता है।

खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक छिड़क कर खाएं। इससे आपको विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन एक साथ मिलेंगे।

रोज पपीता खाएं। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर एक्ट्रा फेट्स कम होती है।

दही का सेवन करने से शरीर की एक्ट्रा फेट्स घटती है।

छोटी पीपल का बारीक चूर्ण कर उसे कपड़े से छान लें। इस चूर्ण को रोजाना तीन ग्राम मात्रा में सुबह के समय छाछ के साथ लें। इससे निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है और कमर पतली हो जाती है।

पत्तागोभी में #चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।

एक चम्मच पुदीना रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर लें। इससे #मोटापा कम होता है।

सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।

सूखे आंवले व हल्दी को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें, कमर एकदम पतली हो जाएगी।

अगर मोटापा कम नहीं हो रहा है, तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके वजन को काबू में किया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से जलन पैदा होती है, जो भूख कम करती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाएं। इसमें बराबर मात्रा में पानी मिलाएं और पिएं। ऎसा करने से एक  माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा।

मालती की जड़ को पीसकर उसे शहद में मिलाएं और उसे छाछ के साथ पिएं। प्रसव के बाद होने वाले मोटापे में यह रामबाण की तरह काम करता है।

रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद मिला कर लीजिए। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।

ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।

केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाय गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।

लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्र कर लें। किसी मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भूनकर पीस लें। एक-एक चम्मच दिन में दो बार फांकी लें, बहुत फायदा होगा।- दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाकर बराबर मात्रा में पानी के साथ पिएं। ऐसा करने से एक माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा।

करेले की सब्जी खाने से भी वजन कम करने में मदद मिलती है। सहजन के नियमित सेवन से भी वजन नियंत्रित रहता है।

सौंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3 -3 ग्राम) पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह खाली पेट और रात सोने से पहले पानी से इस चूर्ण को लें, मोटापा कम होने लगेगा।

उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग-

7 नवंबर 2015

कभी न रक्खे ये छ चीजे घर में - Never Please enter these six things in the house

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हम अपने घर को सुंदर दिखाने के लिए हम कई शोपीस लगाते हैं लेकिन कई बार ये नुकसादायक हो सकते हैं क्युकि हमें इनके प्रभाव का पता नहीं होता है -

भारतीय वास्तु विज्ञान चाइनीज फेंगसुई से काफी मिलता-जुलता है। यह प्राकृतिक शक्तियों को मनुष्य के लिए उपयोगी बनाने का एक कलात्मक परंपरा है। हम अक्सर सुनते आए हैं कि घर में क्या रखना अच्छा होता है और क्या रखना बुरा। आज आपको बताते हैं कि घर में कौन सी 6 चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए-



महाभारत की तस्वीरें या प्रतीक (Picture or symbol of the Mahabharata )

महाभारत को भारत के इतिहास का सबसे भीषण युद्ध माना जाता है। कहते हैं कि इस युद्ध के प्रतीकों, मसलन तस्वीर या रथ इत्यादि को घर में रखने से घर में क्लेश बढ़ता है। यही नहीं, महाभारत ग्रंथ भी घर से दूर ही रखने की सलाह दी जाती है-



नटराज की मूर्ति (Nataraja statue )


नटराज नृत्य कला के देवता हैं। लगभग हर क्लासिकल डांसर के घर में आपको नटराज की मूर्ति रखी मिल जाती है। लेकिन नटराज की इस मूर्ति में भगवान शिव श्तांडव नृत्य की मुद्रा में हैं जो कि विनाश का परिचायक है। इसलिए इसे घर में रखना भी अशुभ फलकारक होता है-

ताजमहल (Taj Mahal )

ताजमहल प्रेम का प्रतीक तो है, लेकि न साथ ही वह मुमताज की कब्रगाह भी है। इसलिए ताजमहल की तस्वीर या उसका प्रतीक घर में रखना नकारात्मकता फैलाता है। माना जाता है कि ऎसी चीजें घर पर रखी होने से हमारे जीवन पर बहुत गलत असर पड़ सकता है। यह सीधे-सीधे मौत से जुड़ा है इसलिए इसे घर पर न रखें-


डूबती हुई नाव या जहाज (Sinking boat or ship)


डूबती नाव अगर घर में रखी हो तो अपने साथ आपका सौभाग्य भी डुबा ले जाती है। घर में रखी डूबती नाव की तस्वीर या कोई शोपीस सीधा आपके घर के रिश्तों पर आघात करता है। रिश्तों में डूबते मूल्यों का प्रतीक है यह चिह्न। इसे अपने घर से दूर रखें-



फव्वारा (Fountain)


फव्वारे या फाउन्टन आपके घर की खूबसूरती तो बढ़ाते हैं लेकिन इसके बहते पानी के साथ आपका पैसा और समृद्धि भी बह जाती है। घर में फाउन्टन रखना शुभ नहीं होता-








जंगली जानवरों का कोई प्रतीक (A symbol of wild animals)


किसी जंगली जानवर की तस्वीर या शो पीस घर पर रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। इससे घर में रहने वालों का स्वभाव उग्र होने लगता है। घर में क्लेश और बेतरतीबी बढ़ती है।

उपचार और प्रयोग-

4 नवंबर 2015

आपको पता है छिलका के फायदे क्या है -

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आइये आज जाने कि छिलके जिनको हमेशा गृहणियां बेकार समझ कर फेक दिया करती है ये बेकार छिलके भी आपके लिए कैसे उपयोगी है और इन के अंदर के गुणों को जान-कर आप भी इसका उपयोग करेगे-





छिलकों में कई चमत्कारिक गुण छिपे होते हैं, जिससे सौंदर्य ही नहीं निखरता, बल्कि कई रोगों को दूर करता है तो आप जाने छिलका क्या -क्या करता है :-


खरबूजे को छिलका समेत खाने से कब्ज दूर होती है।

खीरे के छिलके से भी कीट और झींगुर भागते हैं।

पपीते के छिलके सौंदर्यवर्धक माने जाते हैं। त्वचा पर लगाने से खुश्की दूर होती है। एड़ियों पर लगाने से वे मुलायम होती हैं।

चोट लगने पर केले के छिलके को रगड़ने से रक्तस्राव रुक जाता है।

कच्चे केले के छिलकों से चटपटी सब्जी बनती है।

मटर के मुलायम छिलकों की भी स्वादिष्ट सब्जी बनती है।

टमाटर और चुकंदर के छिलकों को चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ती है और होठों की लालिमा बढ़ती है।

करेला जितना गुणकारी होता है उसके छिलके भी उतने फायदेमंद होते हैं। अलमारी में रखने से कीट भागते हैं।

तोरी और घीया के छिलके की सब्जी भी पेट रोगों में फायदा पहुँचाती है।

अनार का छिलका :-



जिन महिलाओं को अधिक मासिक स्राव होता है वे अनार के सूखे छिलके को पीसकर एक चम्मच पानी के साथ लें। इससे रक्त स्राव कम होगा और राहत मिलेगी।

जिन्हें बवासीर की शिकायत है वे अनार के छिलके का 4 भाग रसौत और 8 भाग गुड़ को कुटकर छान लें और बारीक-बारीक गोलियां बनाकर कुछ दिन तक सेवन करें। बवासीर से जल्दी आराम मिलेगा।

अनार के छिलके को मुंह में रखकर चूसने से खांसी का वेग शांत होता है।

अनार को बारीक पीसकर उसमें दही मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर सिर पर मलें। इससे बाल मुलायम होते हैं।

काजू का छिलका :-



काजू के छिलके से तेल निकालकर पैर के तलवे और फटे हुए स्थान पर लगाने से आराम मिलता है।

बादाम का छिलका :-



बादाम के छिलके व बबुल की फल्लियों के छिलके व बीज को जलाकर पीसकर थोड़ा नमक डालकर मंजन करें। इससे दांतों के कष्ट दूर होते हैं, मसूढ़ें स्वस्थ एवं दांत मजबूत बनता है।

नारियल का छिलका :-



नारियल का छिलका जलाकर महीन पीसकर दांतों पर घिसने से दांतें साफ होते हैं।

नारंगी का छिलका :-



दूध में नारंगी का छिलका छानकर दूध के साथ नियमित सेवन करने से खून साफ होता हैं।

पपीते का छिलका :-



पपीते के छिलके को धूप में सूखाकर, खूब बारीक पीसकर ग्लिसरीन के साथ मिलाकर लेप बनावें व चेहरे पर लगाये, मुंह की खुश्की दूर होती है।

आलू का छिलका : -



आलू के छिलके मुंह पर रगड़ने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती।

लौकी का छिलका :-



लौकी के छिलके को बारीक पीसकर पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ होता है।

तोरई का छिलका :-



तोरई का ताजा छिलका त्वचा पर रगड़ने से त्वचा साफ होती है।

इलायची का छिलका :-



इलायची के छिलके चाय की पत्तियां या शक्कर में डाल दें तो चाय स्वादिष्ट बनेगी।

संतरे का छिलका :-



संतरे के छिलके को दूध में पीसकर छान लें। इसे कच्चे दूध व हल्दी में मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे जहां चेहरे के दुश्मन मुहांसों-धब्बों का नाश होता है, वहीं त्वचा जमक उठता है।

तरबूज का छिलका :-



दाद, एकजीमा की शिकायत होने पर तरबूज के छिलकों को सूखाकर, जलाकर राख बना लें। तत्पश्चात् उस राख को कड़ुवे तेल में मिलाकर लगाये।

नींबू का छिलका :-



नींबू का छिलका दांत पर मलने से दांत चमकदार बनता है और मसूढ़ें भी मजबूत बनता है।

नींबू का छिलका जूते पर रगड़े व कुछ देर के लिए धूप में रख दें। फिर जूतों पर मालिश करें। जूतों में चमक आ जायेगी।

नींबू व संतरा के छिलकों को सूखाकर, खूब महीन चूर्ण बनाकर दांत पर घिसें। दांत चमकदार बनते हैं।

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