फिटकरी के ख़ास गुण - Exclusive Properties of Alum

12:31 am Leave a Comment
‪फिटकरी‬ का इस्तमाल खासतौर से बारिश के मौसम में पानी को साफ करने के लिए किया जाता है। फिटकरी को लोग सालों से काम में लेते आए हैं। फिटकरी आमतौर पर सब घरों में प्रयोग होती है आइये जाने इसके गुण -



यह लाल व सफेद दो प्रकार की होती है। अधिकतर सफेद फिटकरी का प्रयोग ही किया जाता है।




जानिए फिटकरी के खास ‪‎गुण‬:-


जिन लोगो को शरीर से ज्यादा ‪पसीना‬ आने की समस्या हो तो वो लोग नहाते समय पानी में फिटकरी को घोलकर नहाने से पसीना आना कम हो जाता है।

फिटकरी के पानी से ‪योनि‬ को सुबह-शाम नियमित धोएं। पंसारी से संगे जराहत और फिटकरी लेकर दोनों पीस लें और इस आधा ग्राम चूर्ण की फंकी ताजे पानी के साथ या गाय के दूध के साथ सुबह, दोपहर और शाम दिन में तीन बार लें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से अवश्य लाभ होगा।

सर्दियों के समय में पानी में ज्यादा काम करने से हाथों की उंगुलियों में सूजन या खुजली हो जाती है इससे बचने के लिए हो थोड़े पानी में फिटकरी को डालकर उबाल लें और अब इस पानी से उंगुलियों को धोने से ‪#‎सूजन‬ और खुजली में काफी आराम मिल जाता है।

यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे खून बह रहा हो घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर फिटकरी का चूर्ण बनाकर बुरकने से ‪खून‬ बहना बंद हो जाता है।

फिटकरी और काली मिर्च पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से ‪दांतों‬ की पीड़ा में लाभ होते है।

सेविंग करने के बाद चेहरे पर फिटकरी लगाने से ‪चेहरा‬ मुलायम हो जाता है।

आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से ‪दमा‬ और खांसी में बहुत लाभ मिलता है।

भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से खून की उल्टी बंद हो जाती है।

दांत दर्द से बचने के लिए फिटकरी और काली मिर्च को पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।

फुलाई हुई फिटकरी एक तोला और मिश्री दो तोला दोनों को महीन पीसकर रख लें। एक-एक माशा नित्य सवेरे खाने से दमा के रोग में लाभ होता है।

प्रतिदिन दोनों समय फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें ,इससे दांतों के ‪कीड़े‬ तथा मुंह की बदबू दूर हो जाती है ।

डेढ़ ग्राम फिटकरी पाउडर को फांककर ऊपर से दूध पीने से चोट लगने से होने वाला ‪दर्द‬ दूर हो होता हैं।

टांसिल‬ की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।

दस्त और ‪पेचिश‬ की परेशानी से बचने के लिए थोड़ी फिटकरी को बारीक पीसकर भून लें और अब इस भुनी हुई फिटकरी को गुलाब जल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाता है।

एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से ‪जुएं‬ मर जाती हैं।

दस ग्राम फिटकरी के चूर्ण में पांच ग्राम सेंधा नमक मिलाकर मंजन बना लें। इस मंजन के प्रतिदिन प्रयोग से ‪दांतो‬ के दर्द में आराम मिलता है ।

भुनी हुई फिटकरी एक तोला, भुना हुआ तूतिया छह माशा, कत्छा एक तोला, इन सबको कूट पीसकर ‪‎मंजन‬ बनाकर लगाने से दांतों की पीड़ा दूर होती है और दांत मजबूत तथा सुदृढ़ होते हैं।

कान‬ में फुंसी हो अथवा ‪मवाद‬ आता हो तो एक प्याले में थोड़ी-सी फिटकरी पीसकर पानी डालकर घोलें और पिचकारी द्वारा कान धोएं।

शहद में फिटकरी मिलाकर आंखों में डालने से ‪आंखों‬ की लाली समाप्त हो जाती है।

खुजली‬ वाली जगह को फिटकरी वाले पानी से धोएं और बाद में उस जगह पर थोड़ा-सा कड़वा तेल लगा लें। उस पर थोड़ा-सा कपूर भी डाल लें।

एक लीटर पानी में बीस ग्राम फिटकरी को  घोल के दिन में दो या तीन बार सफ़ेद पानी की शिकायत होने पर गुप्तांग को घोने से एवं एक ग्राम फिटकरी को एक पके केले में चीर  भर के सात दिन खाने से आराम होता है -

उपचार और प्रयोग -

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

TAGS

आस्था-ध्यान-ज्योतिष-धर्म (55) हर्बल-फल-सब्जियां (24) अदभुत-प्रयोग (22) जानकारी (21) स्वास्थ्य-सौन्दर्य-टिप्स (21) स्त्री-पुरुष रोग (19) एलर्जी-गाँठ-फोड़ा-चर्मरोग (17) मेरी बात (17) होम्योपैथी-उपचार (15) घरेलू-प्रयोग-टिप्स (14) मुंह-दांतों की देखभाल (12) चाइल्ड-केयर (11) दर्द-सायटिका-जोड़ों का दर्द (11) बालों की समस्या (11) टाइफाइड-बुखार-खांसी (9) पुरुष-रोग (8) ब्लडप्रेशर (8) मोटापा-कोलेस्ट्रोल (8) मधुमेह (7) थायराइड (6) पेशाब रोग-हाइड्रोसिल (6) जडी बूटी सम्बन्धी (5) हीमोग्लोबिन-प्लेटलेट (5) अलौकिक सत्य (4) पेट दर्द-डायरिया-हैजा-विशुचिका (4) यूरिक एसिड-गठिया (4) सूर्यकिरण जल चिकित्सा (4) स्त्री-रोग (4) आँख के रोग-अनिंद्रा (3) पीलिया-लीवर-पथरी-रोग (3) फिस्टुला-भगंदर-बवासीर (3) अनिंद्रा-तनाव (2) गर्भावस्था-आहार (2) कान-नाक-गले का रोग (1) टान्सिल (1) ल्यूकोडर्मा-श्वेत कुष्ठ-सफ़ेद दाग (1)
-->