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3 नवंबर 2015

बाल काले करने के लिए कमल का फूल - Hair-to-black-lotus

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जी आप हँसे नहीं ये मजाक नहीं है आयुर्वेद हमारे ऋषियों मुनियों द्वारा प्रदत्त कराई गई विद्या है जिसे अपने जीवन में जादा-से-जादा प्रयोग करके आप साइड इफेक्ट (side effect ) से बचे रह सकते है आइये जानते है कि कमल जो एक राष्ट्रीय फूल है वो हमारे जीवन में कितने काम का है -



कमल लक्ष्मी देवी का प्रिय फूल भी माना जाता है इसका लक्ष्मी पूजा में विशेष महत्व है फेंगशुई में भी इसे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है आज आप इसके आयुर्वेदिक महत्व (Ayurvedic importance ) को जाने कि कैसे इसका फूल ,पत्ते,बीज,तना,जड़ ये सभी उपयोगी है -

आप अगर चाहते है कि आपके सर के सफ़ेद बाल काले हो जाए तो बस देर मत करे 500 ग्राम कमल के फूल लाये और इन फूलो को गाय के दूध में मिला कर एक बंद हांडी में कच्ची जमीन में दबा दे और एक माह बाद निकाल कर इसे सर पे लगाए जैसे तेल लगाते है दो घंटे बाद पानी से दो ले कुछ समय लगातार  करने से आपके बाल स्थाई रूप से काले होने शूरू हो जायेगे -

जिन लोगो की समस्या है कि न चाहते हुए भी वीर्यपात (Wet dreams ) हो जाता हो तो कमल की जड़ का चूरन चार ग्राम पानी से लेना शुरू कर दे एक माह तक आपका वीर्य पुष्ट होगा और अपने-आप वीर्यपात होने की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा -

कमल के बीजो को भून ले फिर उसके अंदर का छील कर सफ़ेद भाग निकाले उसे पीस कर शहद के साथ मिला कर खाने से उल्टी बंद हो जाती है -

नारी का आकर्षण उसके स्तन(breast ) है -स्तन ढीले है तो आप साधारण सा प्रयोग अपनाए कमल के बीजो को प्रतिदिन चार या पांच पीस ले और गाय के दूध के साथ पिए लगातार दो माह बस स्तन पुष्ट हो जायेगे-

जिन महिलाओं को हर शुरुवात के महीनो में गर्भ-स्राव (Miscarriage )की परेशानी है तो एक बार अवस्य ही प्रयोग करे -कमल की नाल और नागकेसर दोनों को आपस में पीस ले और एक ग्राम इस पिसे चटनी को गाय के दूध से लेना शुरू करे -गर्भ-स्राव नहीं होगा -

जिन लोगो को खूनी बवासीर (Bloody piles ) की शिकायत है उनके लिए कमल की केसर बड़े काम की है कमल की केसर आधा ग्राम मक्खन और चीनी के साथ ले एक सप्ताह में ही सार्थक परिणाम मिल जाएगा लेकिन इसे तब तक लेना है जब तक बिलकुल ठीक न हो जाए-


जिन लोगो को हार्ट-अटैक(heart attack ) की परेशानी है उनके लिए कमल का फूल अमृत से कम नहीं है -मुलेठी,नागरमोथा,सफ़ेद चन्दन को मिला दवा तैयार होती है जो ह्रदय-रोग ख़त्म करके हार्ट-अटैक नहीं होने देती है - दवा का निर्माण किसी कुशल वैध्य से कराये-

चर्म-रोग(Skin-disease) में कमल की जड़ को पानी में घिस के लेप बना के लगाने से फायदा होता है -

उपचार और प्रयोग-

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