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क्या अंडाणु या स्पर्म काउंट कम हैं-Egg or Sperm Count is Low

महिलाओं में बांझपन(Infertility)का एक कारण पोली सिस्टिक ओवरी(Poly Cystic Ovary)हो सकता है अगर F S H और L H  हारमोन का असंतुलन हो तो पोली सिस्टिक ओवरी की समस्या हो सकती है  इसके कारण पीरियड भी असंतुलित होते हैं या तो फिर अधिक होते हैं या बहुत कम या फिर बंद ही हो जाते हैं इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ उपाय है कि प्रतिदिन आप कपालभाति प्राणायाम करें-

क्या अंडाणु या स्पर्म काउंट कम हैं-Egg or Sperm Count is Low

आज कल पहले की तुलना में बांझपन(Infertility)की समस्या अधिक बढी है इसके प्रमुख कारण तनाव , सब्जी, फलों में कृत्रिम उर्वरकों और कीटनाशकों का होना , शारीरिक श्रम का अभाव और फास्ट फ़ूड का अधिक प्रचलन इत्यादि है सत्य ये है युवा वर्ग की लड़कियों में चायनीज फास्ट फ़ूड का बहुत अधिक सेवन भी इसका दुष्परिणाम ही है-

ख़ैर कारण कोई भी हो अगर कपालभाति प्राणायाम नियमित रूप से किया जाए तो इन सभी कारणों का प्रभाव भी बहुत कम होगा और बांझपन की समस्या भी शायद नहीं होगी-

किशोरावस्था में हर लड़की के अंडाशय हर महीने एक विकसित डिम्ब(अण्डा)उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं वह अण्डा अण्डवाहिका नली(Fallopian Tube)के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है तो उसका अस्तर रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है ऐसा इसलिए होता है कि यदि अण्डा उर्वरित हो जाए तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके यदि उस डिम्ब का पुरूष के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है इसी स्राव को मासिक धर्म, रजोधर्म या माहवारी(Menstural Cycle)कहते हैं यह प्रक्रिया स्त्री शरीर की एक कुदरती  प्रक्रिया है और स्वस्थ शरीर में इस प्रक्रिया के दौरान सामान्य रूटीन के कार्य करने से कोई असुविधा या हानि नहीं होती है-

औरत के प्रजनन अंगों में होने वाले बदलावों के आवर्तन चक्र को माहवारी चक्र कहते हैं यह हॉरमोन तन्त्र के नियन्त्रण में रहता है एवं प्रजनन के लिए जरूरी है माहवारी चक्र की गिनती रूधिर स्राव के पहले दिन से की जाती है क्योंकि रजोधर्म प्रारम्भ का हॉरमोन चक्र से घनिष्ट तालमेल रहता है माहवारी का रूधिर स्राव हर महीने में एक बार 28 से 32 दिनों के अन्तराल पर होता है परन्तु महिलाओं को यह याद करना चाहिए कि माहवारी चक्र के किसी भी समय गर्भ होने की सम्भावना है-

अंडाणु(Eggs)कम बन रहे है तो क्या करें-


1- दशमूल क्वाथ के एक चम्मच को एक गिलास पानी में धीमी आंच पर पकाकर ,जब वह आधा रह जाए तब पी लें यह काढ़ा कुछ समय सुबह शाम लेते रहने से आपके पीरियड नियंत्रित हो जाते हैं कपालभाति प्राणायाम के साथ यह काढ़ा भी लेते रहने से गर्भधारण की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाती है -

2- अगर अंडाणु(Eggs)कम बन रहे हों तो शिवलिंगी और पुत्र जीवक के बीजों का पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें और यह पावडर एक एक ग्राम की मात्रा में सुबह शाम लेने से बहुत जल्द ही महिला गर्भवती(Pregnant)हो जाती है -

स्पर्म काउंट(Sperm Count)बढाए-


1- पुरुषों को स्पर्म काउंट(Sperm Count)कम होने की समस्या हो तो यौवनामृत वटी , चन्द्र प्रभावटी और शिलाजीत रसायन की एक एक गोली लेते रहें और साथ ही प्राणायाम करते रहें-

2- अश्वगंधा , शतावर , सफ़ेद मूसली और कौंच के बीज इन सबको आपस में मिलाकर लेने से भी स्पर्म काउंट बढ़ते हैं-

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