यदि आप डेटिंग पे जा रही है तो - If you are dating on

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आज के प्रचलित स्मार्ट फेशन में कालेज के लड़के- लड़कियां  अपने -अपने बॉय फ्रेंड के साथ डेटिंग पे जाती  है माँ -बाप अगर समझाए तो ओल्ड हो कह कर उनका मुंह बंद करा देना और न समझना कभी -कभी उनको मुसीबत में डाल सकता है पच्क्षिमी सभ्यता का इतना बोल बाला हो गया है कि आज भारत की संस्कृति उनको वाहियात लगती है ,आजकल के बच्चे समझाने पे अपने बुजुर्गो का मजाक उड़ाते नजर आते है -वो ये समझते है कि हम पढ़ लिख चुके है और ज्ञानवान बन गए अब किसी के सलाह की जरुरत ही  नहीं है -उनका सोचना गलत है -अनुभव उम्र के उस पड़ाव से मिलता है जहाँ आज आपके बुजुर्ग है -


अभी भी आप सच्चे प्यार से नदारत हैं, अपने साथ एक हमसफर को खड़ा देखना चाहते हैं, तो माउस के कुछ क्लिक से आप अपने जीवनसाथी से मिल सकते हैं- 

विज्ञान और टैकनोलजी के ज़रिए सच्चा प्यार पाना अब आसान हो चुका है। इंटरनेट के ज़रिए उस ख़ास शख़्स को ढूंढ़ने की प्रकिया को Online Dating (ऑनलाइन डेटिंग) कहते हैं। आज से 15 साल पहले, अप्रैल 1995 में सबसे बड़ी ऑनलाइन डेटिंग साइट लॉन्च हुई थी और आज सिर्फ 90 मिलियन अमेरिकी ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की जनता भी डेटिंग के पुराने तौर-तरीकों को छोड़कर ऑनलाइन डेटिंग के ज़रिए अपना पार्टनर तलाश रही है-

अगर आप भी इसी दौड़ में शामिल हो चुकी है तो फिर पढ़े ये लेख और रक्खे सावधानी -

क्या आपको पता है कि ये लड़के कितनी हँसी उड़ाते हैं जब डेट पर तुमसे मिलकर आते हैं-

अगर जा ही रही है तो फिर कुछ बातो का ध्यान रक्खे :-


सबसे पहले जानने का प्रयास करे आपके डेटिंग पार्टनर कि च्वाइस क्या -क्या है -

लड़कों को सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात पर आता है कि लड़कियाँ उन्हें बदलने की कोशिश करती है। जब पहली बार उनके साथ हों या अकेले में क्वॉलिटी टाइम बिताएँ तब बात-बात पर मत टोकिए। उन्हें ऐसा न लगें कि आप उनकी टीचर हैं। वे चाहते हैं कि जैसे वे हैं, वैसे ही उन्हें स्वीकार किया जाए। भले ही यह बात वे खुलकर न कह पाएँ-

डेट का मतलब, शिकवे-शिकायत, लड़ाई-झगड़ा़ रूठना-मनाना तो कतई नहीं है। बड़ी मुश्किल से आप दोनों अपना समय चुरा कर एक-दूजे से मिलने पहुँचे हैं। अगर एक-दूसरे के विरूद्ध ढेर सारी बातें कहने की हैं भी तो अंदाज सॉफ्ट रखिए। हो सकें तो अपनी बात को कुछ यूँ रखिए कि 'देखो, उस दिन तुमने जो किया उस पर मुझे कुछ कहना है लेकिन मैं नहीं चाहती कि अपनी डेट खराब हो इसलिए आज उस बात को मैं पेंडिंग रख रही हूँ पर हाँ नेक्स्ट टाइम अगर यह रीपिट हुआ तो शायद डेट पर ही लड़ बैठूँ-

एक ही डेट पर जमाने भर की पोटली खोलकर ना बैठ जाएँ। हर डेट के लिए कुछ नया होना चाहिए। अपनी उलझनों को तब ही रखें जब वह आपसे पूछे। उसे सुनिए ज्यादा और बोलिए कम। एकदम चुप्पी भी अच्छी नहीं। पर हाँ, हर बार का डोज डिसाइड होना चाहिए। स्माइल भी बिना मतलब ना खर्च करें संतुलित और संयमित स्माइल का जादू देर तक रहता है। बिना मतलब की हँसी वह झेल तो लेगा लेकिन कहीं ना कहीं आपको लेकर वह शंकित हो सकता है कि आप नकली तो नहीं-

जाने से पहले सबसे पहली बात ध्यान में रखें कि आप ज्यादा थके हुए न हों। इससे बचने के लिए भरपूर नींद लें। यदि कहीं लांग ड्राइव पर जा रहे हैं तो पूरी तरह से पैक होकर जाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा लंबी दूरी तक ड्राइव न करना पड़े नहीं तो आप थक जाएंगे-

यदि आप प्यार करती भी हैं और नहीं भी करती हैं। यह कभी हाँ, कभी ना वाली सिचुएशन लड़कों को इरिटेट करती है। एक बार अगर स्वीकार कर लिया कि दोनों के बीच प्यार-व्यार जैसा कुछ है तो फिर डाइलेमा क्रिएट ना करें। बीच-बीच में यह ना दर्शाएँ कि गलत निर्णय ले लिया है, चलो फिर लौट चलें पीछे। जब डेट पर जाएँ तब पूरे होशोहवास में उसी समय में रहें। यह नहीं कि फ्यूचर की बिना मतलब की चिंता में सारी डेट का सत्यानाश कर बैठें। फ्यूचर की चिंता जरूरी है लेकिन उसके लिए बेचैनी ना जताएँ बल्कि पूरी गंभीरता से सोचें अपने पार्टनर को परखें-

जहां तक हो सके कपड़ों के चयन में सावधानी बरतें। ऐसा कुछ न पहनें जिससे आपको परेशानी हो, न ही ऐसा कुछ पहनें जिससे आपको शर्मिदगी उठानी पड़े। साथ ही कपड़ों के रंग का चयन करते समय ये ध्यान रखें कि आपके पार्टनर को कौनसा रंग पसंद है। निश्चित ही ये बहुत छोटी सी बात है लेकिन इसे आप खुद ही महसूस करेंगे, जब उनका पसंदीदा रंग पहनकर उनसे मिलेंगे-

डेटिंग के लिए स्थान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी ऐसी जगह पर डेट के लिए न जाएं जो वीरान हो और न ही किसी ऐसे सार्वजनिक स्थल का चयन करें, जहां परिवार के लोग आते हों क्योंकि इससे बार-बार उनकी नजरें तो आपको भेदेंगी ही आप भी उनकी उपस्थिति के कारण बातचीत में व्यवधान पाएंगे-

आपस में बातचीत करते समय अपनी आवाज को कंट्रोल में रखें। जोश में आकर जोर-जोर से न बोलने लगें और न ही इतना धीमे बात करें कि आपके पार्टनर को ही सुनाई न दे-

ये सही है कि आप उनसे मिलने के लिए बहुत बेताब हैं और उन्हें प्रभावित करने के लिए काफी अच्छे से तैयार भी हो रही हैं लेकिन इस बात को न भूलें कि उनके अलावा भी कई सारी नजरें आपको देखेंगी। इसलिए अपने मेकअप पर ध्यान दें। भड़कीला मेकअप आपके साथी को  भी पसंद नहीं होगा-

आपको सुंदर दिखना सबसे जरूरी है। इसका यह मतलब नहीं कि पूरा मेकअप करके जाएं। अगर आपकी आंखें अच्छी हैं तो उन्हें उभारें। अगर होंठ या गाल अच्छे हैं तो उन्हें उभारें। मस्कारा जरूर लगाएं। लेकिन हां आखों पर इतना काजल भी ना लगा लें कि भूतनी दिखने लगें -

बहुत कसे या ढीले कपडे पहनकर न जाएं। शालीनता स्त्री का आभूषण है। इस बात का ध्यान रखें। पहली ही मुलाकात में अपने इस आभूषण को उतारने की कोई जरूरत नहीं -

डेट का समय कम रखें। ताकि वह आपमें अधिक रुचि ले और अधिक जानकारी के लिए दूसरी डेट के लिए आपसे गुजारिश करे। यानि कि पहली बॉल पर वह चौका मारना भी चाहे तो उस तक बॉल को पहुंचने ना दें -

अपने डेट के पूरे व्यक्तित्व के बारे में जानने की कोशिश करें। उससे यह मालूम करें कि उसे क्या पसंद है और क्या नापसंद। लेकिन हां अपने बारें में सस्पेंश बनाएं रखे ठीक वैसे ही जैसे कि राम गोपाल वर्मा की फिल्मों का सस्पेंस फिल्म् खत्म होने के बाद भी नहीं खुलता -

यह जानने की कोशिश करें कि उसका स्त्रियों के प्रति क्या दृष्टिकोण है। वह उनका कितना सम्मान करता है-

अपनी बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान दें। शालीनता से बैंठें। मतलब ज्यादा हाथ पांव ऊपर नीचे ना करें, आंखो को ध्यान से इधर-उधर करें-

वह अगर आपको किसी एकांत जगह डेट के लिए बुलाता है तो कोई बहाना बना कर उसे मना कर दें। एक बात अच्छी तरह से याद रखें कि लड़के चाहे कितने भी अलग बनें लेकिन होते एक से है और अकेले में लड़की मिलने पर ना चाहते हुए भी उनमें एक जानवर आ ही जाता है -

अगर आप शेप में नहीं है तो जिम जरूर जाएं, ताकि उस दिन आप फिट और आकर्षक नजर आएं। लडके दिमाग के साथ-साथ लडकी की अच्छी फिगर पर भी ध्यान देते हैं। वैसे ज्यादातर लड़के लड़कियों में दिमाग खोजते ही नहीं हैं इसलिए अगर सिर्फ फिगर मैंटेन रखोगी तो भी काम चल जाएगा -

डेटिंग के दौरान अपने किसी ब्वॉयफ्रेंड का जिक्र भूल कर भी न करें। न ही अपनी पहली डेट का विवरण दें। लडकों को ये बातें अच्छी नहीं लगतीं -

आप में आत्मविश्वास झलकना जरूरी है, लेकिन यह न दर्शाएं कि आप जरूरत से ज्यादा बोल्ड हैं। इस बात का ध्यान रखें कि लडके इसका गलत फायदा भी उठा सकते हैं-

घर से निकलने से पहले अपनी किसी खास सखी या जिम्मेदार रिश्तेदार को बता कर जाएं कि आप किससे मिलने और कहां जा रही हैं। साथ ही कितने बजे वापस आएंगी.. लेकिन हां ऐसी सहेली को भी ना बताएं जो आपसे पहले लड़के से मिलने चली जाए या ऐसे रिश्तेदार को भी ना बताएं जो आपके घर में बता दे. दोनों ही कंडिशन में आपकी डेट पर सुनामी का पानी फिर जाएगा -

अगर डेट के दौरान लडका पॅजेसिव नजर आए तो तय कर लें कि दोबारा उससे नहीं मिलेंगी-

किसी भी शादीशुदा पुरुष के साथ डेट पर भूलकर भी न जाएं। क्योंकि वह डेट को मौज-मस्ती या टाइम पास के तौर पर लेगा। वह आपके लिए अपनी पत्नी को छोडने या दापंत्य जीवन को संकट में कभी नहीं डालेगा-

बातें, बातें और बातें... यही तो उद्देश्य है आपकी डेट का। लेकिन ऐसा नहीं हो कि आपमें से कोई एक अपनी कहता रहे और दूसरा सुनता रहे। दोनों के पास ढेरों बातें होंगी एक-दूसरे को बताने के लिए। इसलिए अपने साथी को भी कुछ कहने दें-

उपहार वो जरिया हैं जिनसे आप अपने प्यार को और भी अच्छी तरह से जता सकते हैं लेकिन ये जरूरी नहीं कि हर बार उपहार दिया जाए। आपके बीच कुछ बातें ऐसी हो सकती हैं, जो अपने आप में किसी उपहार से कम न हों-

उपचार और प्रयोग-

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