Sunbeam-सूर्यकिरण जल Treatment-चिकित्सा

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हमारे जीवन में प्रकति द्वारा हमें बहुत सी चीजे उपलब्ध है लेकिन अज्ञानता(Ignorance)के कारण हमें ज्ञान नहीं होने के कारण इससे अनजान है हमारे शरीर को Healthy रखने में सूर्य की किरणों(Sunbeam)का महत्वपूर्ण योगदान होता है सूर्य राजा और आत्मकारक ग्रह है और अग्नि का प्रतीक माना जाता है शरीर से आत्मा निकलने (गर्मी) के बाद मृत्यु हो जाती है सूर्य किरणों(Sunbeam)द्वारा रोगों का इलाज प्राचीन समय से होता आ रहा है और आयुर्वेदिक दृष्टि से सूर्य की किरणों(Sunbeam)की मदद से पौधों का विकास होता है पौधों से भोजन व रोग निवारक जड़ी बूटी प्राप्त होती है-

Sunbeam-सूर्यकिरण जल Treatment-चिकित्सा


मेरा अनुभव-

एक बार की बात है-हमारे जीवन की एक घटना है जब मुझे ज्ञात हुआ कि एक संत है जो शीशी बाबा के नाम से जाने जाते है हर व्यक्ति के दुःख दर्द इलाज कर देते है तो मेरी भी हार्दिक इक्छा हुई की हम भी देखे क़ि क्या चमत्कार है फिर लोगो द्वारा पता चला क़ि वहां एक खाली कांच की रंगीन शीशी ले जाना होता है तो हमने भी एक रंगीन शीशी मार्केट लिया और इस प्रक्रिया को समझनेऔर देखने के लिए चल पड़े वहां पहुँच कर देखा कि काफी लोगो की भीड़ थी लोगों से जानकारी ली तो पता चला काफी परेशान लोग यहाँ आ के यहाँ स्वस्थ हो गए है-

संत प्रत्येक मरीज को सिर्फ पानी से भरी शीशी देते थे और उसे पीने को कहते थे अलग-अलग रोगो के लिए अलग-अलग प्रकार की रंगीन बोतल का पानी था उसे ही पीना और लगाना होता था अब तो मन में एक लालसा थी कि इस रहस्य को समझे इसके लिए कई बार मुझे आश्रम पे जाना पड़ा था आश्रम की छत पे बस पानी से भरी बोतले रक्खी थी शाम होते -होते उन सभी बोतलों को इकट्ठा करके नीचे लाया जाता था काफी अथक प्रयास के बाद मुझे इस चमत्कार का विधिवत ज्ञान मिला कि वो कुछ नहीं बस सूर्य की किरणों से प्रभावित पानी का कमाल था-

क्या है सूर्यतृप्त(Sunbeam)जल का ज्ञान-

सूर्य किरणों(Sunbeam)से प्रत्यक्ष उपचार भी बहुत प्रभावी उपचार होता है सूर्य से निकलने वाला श्वेत प्रकाश सात रंगों के मिलने से बना है यदि प्रिज्म में देखे तो इसका श्वेत प्रकाश सात रंगों में विभक्त हो जाता है इन किरणों में ऐसी जीवन शक्ति विद्यमान होती है जिससे कई रोगों की चमत्कारिक चिकित्सा संभव है और आप सभी जानते है कि सूर्य में विटामिन ‘डी’ पाया जाता है-

आनादिकाल से प्रातःकाल सूर्योदय के समय सूर्य की और मुख करके सूर्य पूजा और हवन आदि करने का वर्णन अनेक ग्रंथों में वर्णित है क्यूंकि ऐसा करने पर सूर्य की Infrared Rays सीधे हमारे शरीर पर पड़ती हैं जिससे हमारे रोग दूर हो शरीर स्वस्थ एवं निरोगी बन जाता है-

इस प्रकार सूर्य की सात किरणों (Violet, Indigo, Blue, Green, Yellow, Orange, Red) से सात प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है जिनमे किसी भी रोग को समाप्त करने का सामर्थ्य प्राप्त है-

सूर्य किरणों को अलग-अलग तरीकों जैसे-शरीर पर सीधे लेकर या फिर सूर्य किरणों(Sunbeam)से प्रभावित जल, चीनी, तेल, घी, ग्लिसरीन आदि के प्रयोग से रोग का निदान किया जाता है-

सूर्य की सात किरणों का प्रभाव-

सूर्य किरण(Sunbeam)विभिन्न रोगों को दूर करने में सहायक हैं सूर्य की सातों किरणों को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है-

पीला (Yellow)
नारंगी (Orange)
लाल (Red)

हरा (Green)
बैंगनी (Voilet)

नीला (Indigo)
आसमानी (Blue)

सूर्य हृदय से सम्बंधित रोगों के लिए अत्यधिक लाभदायक है-पीलिया (Jaundice),Anaemia,आदि रोगों को दूर करता है एवं शरीर को निरोगी बनाता है सूर्य किरणों में रोगों से लड़ने की एक विशेष क्षमता होती है इसीलिए उगते हुए सूर्य के समक्ष सूर्य नमस्कार और अर्घ्य देने का विधान हमारे शास्त्रों में सुझाया गया है-

सूर्य सभी रोगों(Diseases) को नष्ट करता है सूर्योदय के समय सूर्य से इन्फ़्रारेड(Infrared Rays)सबसे अधिक मात्रा में निकलती हैं-
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Upcharऔर प्रयोग-

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