18 जनवरी 2016

छींक आना शुभ-अशुभ ज्ञान- Good and bad knowledge sneezing

वैसे तो छींक आना एक सामान्य शारीरीक प्रक्रिया है लेकिन पुरातन समय से ही छींक को शकुन-अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है छींक आना कहीं शुभ माना जाता है कहीं अशुभ है छींक से जुड़ीं कुछ मान्यताएं तथा विश्वास हैं हमारे समाज में प्रचलित हैं जो प्राचीन समय से चले आ रहे हैं अलग-अलग जाति तथा धर्म में छींक आने को लेकर कई धारणाएं मानी जाती हैं उनमें से कुछ नीचे दी गई हैं-



1- भोजन से पूर्व छींक की ध्वनि सुनना अशुभ मानी जाती है खाने को थोड़े समय स्थगित कर दे -

2- यदि नए मकान में प्रवेश करते समय यदि छींक सुनाई दे तो प्रवेश स्थगित कर देना ही उचित होता है-

3- यदि कोई मरीज यदि दवा ले रहा हो और छींक आ जाए तो वह शीघ्र ही ठीक हो जाता है-

4- सोने से पूर्व और जागने के तुरंत बाद छींक की ध्वनि सुनना अशुभ माना जाता है-

5- किसी मेहमान के जाते समय कोई उसके बाईं ओर छींकता है तो यह अशुभ संकेत है-

6- यदि घर से निकलते समय कोई सामने से छींकता है तो कार्य में बाधा आती है अगर एक से अधिक बार छींकता है तो कार्य सरलता से संपन्न हो जाता है-

7- व्यावसायिक कार्य आरंभ करने से पूर्व छींक आना व्यापार वृद्धि का सूचक होती है-

8- कोई वस्तु क्रय करते समय यदि छींक आ जाए तो खरीदी गई वस्तु से लाभ होता है-

9- धार्मिक अनुष्ठान या यज्ञादि प्रारंभ करते समय कोई छींकता है तो अनुष्ठान संपूर्ण नहीं होता है-

10- यदि कोई व्यक्ति दिन के प्रथम प्रहर में पूर्व दिशा की ओर छींक की ध्वनि सुनता है तो उसे अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं दूसरे प्रहर में सुनता है तो देह कष्ट, तीसरे प्रहर में सुनता है तो दूसरे के द्वारा स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति और चौथे प्रहर में सुनता है तो किसी मित्र से मिलना होता है-

11- बेवजह छींक आने का भी 'शकुन' होता है। इसके कई लाभ और कभी-कभी कई हानि भी उठानी पड़ सकती है 'शकुन' संस्कृत भाषा का शब्द है इसका अर्थ होता है शुभ लक्षण बताने वाला-

12- आपकी अकारण आने वाली छींक आपके लिए दुःख देने वाली हो सकती है-

13- यात्रा पर निकलते समय बाईं ओर ऊंचाई से अथवा पीठ की ओर से होने वाली छींक अत्यंत शुभ होती है-

14- आप जहां खड़े हैं छींक उससे किसी ऊंचे स्थान पर होती है तो प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है, और अगर आप ऊंचाई पर हों और छींक नीचे से होती है तो निश्चय ही यह किसी खतरे का संकेत होता है-

15- यदि पीठ पीछे से कोई छींक दे तो यह कुशलता का सूचक है तथा बाईं ओर होने वाली छींक सभी कार्यों में सफलता दायक होती है यदि सामने से होने वाली छींक किसी से लड़ाई-झगड़ा कराती है तथा दाईं ओर की छींक धननाशक होती है-

16- रोगी को औषधि खिलाते समय यदि छींक आ जाए या रोगी स्वयं छींक दे तो ऐसी छींक शुभ होती है लेकिन डॉक्टर को बुलाते समय छींक का आना हानिकारक होता है-

दूर करने का उपाय-

अपशकुन सूचक छींक सुनाई देने पर उसके निवारण के लिए 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का बैठकर 5 बार जाप करना चाहिए या थोड़ी देर रुककर और थोड़ा सा ठंडा पानी पीकर, इलायची या पान आदि खाकर अपने कार्य पर से अथवा यात्रा पर निकलना चाहिए-

उपचार और प्रयोग-

1 टिप्पणी:

  1. बेनामीमार्च 28, 2017

    Agar 2 Month Bad Kis Work Ko Karne Ki Soche
    Aur Chhek Ho To Koi Problem Hoti Hai.
    Shubh Hai Ya Ashubh

    उत्तर देंहटाएं

Loading...