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16 जनवरी 2017

तुलसी को बनाए आप अपने आँगन की शोभा

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तुलसी घर की शोभा-सुगन्धि और पवित्रता की प्रतीक है तुलसी(Tulsi)का पौधा जिस आंगन में लहलहाता है बस जान ले उस घर की शोभा और सुगन्धि में पवित्रता होती है और महिलाएं अपना चरित्र तुलसी जैसा बनाने में ही अपना जीवन सार्थक मानती हैं इसीलिए विनम्र भाव से वे कहती हैं- ‘‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’’

तुलसी को बनाए आप अपने आँगन की शोभा

अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है तो इसके बीजो को संभाल के रख ले क्युकि ये आपके बड़े काम की चीज है जब भी तुलसी में खूब फुल यानी मंजिरी लग जाए तो उन्हें पकने पर तोड़ लेना चाहिए वरना तुलसी के झाड में चीटियाँ और कीड़ें लग जाते है और उसे समाप्त कर देते है आप इन पकी हुई मंजिरियों को रख ले तथा इनमे से काले-काले बीज अलग होंगे उसे एकत्र कर ले बस यही सब्जा है अगर आपके घर में नही है तो बाजार में पंसारी या आयुर्वैदिक दवाईयो की दुकान पर भी ये आपको मिल जाएंगे-

http://www.upcharaurprayog.com/2016/01/upcharaurprayog-Basil-maintain-beauty-courtyard10.html

1- हमारे दैनिक जीवन में तुलसी का बहुत ही व्यापक उपयोग है आजकल शहरों में घर में हम अन्य फूलदार पौधे गमलों में लगाते हैं क्योंकि हर घर में कच्ची जमीन नहीं होती है हमें गमलों में तुलसी के भी दो-चार पौधे लगाने चाहिए-हालांकि जमीन में तुलसी का पौधा जिस तेजी से पनपता और विकसित होता है गमले में नहीं हो पाता है लेकिन इससे उसके गुणों में कोई अन्तर नहीं आता है-

2- कुछ वर्ष पहले मलाया में मलेरिया की अधिकता को देखकर वहां की सरकार ने पार्कों में वनों में खाली जमीन जहां भी थी वहां तुलसी के पौधे रोपने का एक जोरदार अभियान चलाया था और उसके परिणाम-स्वरूप महामारी के रूप में कुख्यात मलेरिया धीरे-धीरे कम होते हुए अब बिलकुल समाप्त हो गया है अब वहां के निवासी तुलसी के गुणों से भली-भांति परिचित हो चुके हैं और आज उनके घरों में तुलसी के एक-दो नहीं कई-कई पौधे लहलहाते दिखाई देते हैं-

3- अनेक होमियोपैथिक दवाइयां तुलसी के रस से तैयार की जाती हैं मेटेरिया मेडिका में तुलसी के अनेक गुणों का उल्लेख किया गया है-

4- तुलसी के सेवन का मनुष्य के चरित्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है तुलसी के सेवन से विचार शुद्ध और पवित्र रहते हैं आध्यात्मिक विचार उत्पन्न होते हैं तथा वासना की ओर मन आकृष्ट नहीं हो पाता है मन में न तो वासनात्मक विचार उत्पन्न होते हैं न ही जल्द क्रोध आता है तथा तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में चुस्ती-फुर्ती पैदा होती है और चेहरा कान्तिपूर्ण बन जाता है-

तुलसी(Tulsi)से होने वाले लाभ-


1- तुलसी के पौधे आंखों की ज्योति और मन को शान्ति प्रदान करते हैं वातावरण में सात्विकता की सृष्टि करते हैं तुलसी आपके ह्रदय को सात्विक बनाती है और मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने की प्रेरणा के लिए तुलसी प्रयोग की जाती है-

2- तुलसी रक्त विकार का सबसे बड़ा शत्रु है यदि रक्त में किसी भी कारण से विकार उत्पन्न हो गए हों धोखे या जानबूझकर विष खा लेने पर विष रक्त में घुलमिल गया हो तो तुलसी के नियमित प्रयोग से वह विष रक्त से निकल जाता है-

3- आयुर्वेद के मतानुसार यदि कार्तिक मास में प्रातःकाल निराहार तुलसी के कुछ पत्तों का सेवन किया जाए तो मनुष्य वर्ष भर रोगों से सुरक्षित रहता है-

4- क्षय(टी.बी)और मलेरिया के कीटाणु तुलसी की गंध से समाप्त हो जाते है तथा इसके सम्पर्क मात्र से अन्य रोगों के कीटाणु भी नष्ट हो जाते हैं-

5- चूँकि तुलसी रोगाणुनाशक पौधा है इसलिए हिन्दू घरों में यह मिलता है और इसकी पूजा होती है-

6- तुलसी का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है तुलसी का उपयोग करने के तत्काल बाद दूध नहीं पीना चाहिए-उससे कई रोग पैदा हो जाते हैं अनेक आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन दूध के साथ बताया गया है लेकिन तुलसी का सेवन गंगाजल, शहद या फिर सामान्य पानी के साथ करना बताया गया है-


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