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मुंह के छाले होने का क्या कारण है

जीवन में लगभग सभी को कभी न कभी एक बार मुंह में छाले(Mouth Ulcers)शायद अवश्य ही हुआ होगा और इसका दर्द तो केवल वही जानता है जिसे कभी मुँह में छाले हुए हों मुँह में छाले होने पर तेज जलन और दर्द होता है कुछ भी खाना या पीना मुश्किल हो जाता है कुछ लोगों को तो भोजन नली तक में छाले हो जाते हैं-
मुंह के छाले होने का क्या कारण है

मुंह के छाले(Mouth Ulcers)क्यों होते हैं- 


1- मुँह में छाले(Mouth Ulcers)होना एक सामान्य तकलीफ है जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है कुछ लोगों को ये छाले बार-बार होते हैं और परेशान करते हैं ऐसे लोगों को अपनी पूरी डॉक्टरी जाँच करानी चाहिए ताकि उनके कारणों का पता लगाकर उचित इलाज किया जा सके-

2- मुँह में छाले होने के कोई एक नहीं बल्कि अनेक कारण हैं ये जरूरी नहीं कि जिस कारण से किसी एक को छाले हुए हों दूसरे व्यक्ति को भी उसी कारण से हों कई बार पेट की गर्मी से भी छाले हो जाते हैं अत्यधिक मिर्च-मसालों का सेवन भी इसके लिए जिम्मेदार होता है क्योंकि यदि पेट की क्रिया सही नहीं है तो उसकी प्रतिक्रिया मुँह के छाले(Mouth Ulcers) के रूप में प्रकट होती है-

3- भोजन में तीखे मसाले, घी, तेल, मांस, खटाई आदि अधिक मात्रा में खाने से पेट की पाचनक्रिया खराब हो जाती है जिससे मुंह व जीभ पर छाले पड़ जाते हैं पेट में कब्ज होने से या गर्म पदार्थ खाने से गर्मी के कारण भी मुंह में छाले(Mouth Ulcers)घाव व दाने निकल आते हैं ये छाले लाल व सफेद रंग के होते हैं-

4- मुंह में छाले हो जाने पर मुंह में बार-बार लार आता रहता है और कभी-कभी मुंह के छालों से पीब भी निकलने लगती हैं तथा मुंह को ढकने वाली झिल्ली लाल, फूली और दर्द या जख्म से भरी होती है इसमें जीभ लाल, फूली हुई और दांत के मसूढ़े फूले हुए होते हैं तथा तालुमूल में जलन होती रहती है इस रोग में भोजन चबाने पर छाले व दानों पर लगने से दर्द होता है तथा पानी पीने व जीभ तालू में लगने से तेज दर्द होता है-

5- जब पेट के अंदर गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है तो जीभ की ऊपरी परत पर छाले उभर आते हैं ऐसा उस दशा में होता है जब हम खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं जैसे गर्म पदार्थों में आलू, चाट, पकौड़े, अदरक, खट्टी मीठी चीजें, अरहर या मसूर की दाल, बाजरे का आटा आते हैं-

6- कभी-कभी शरीर भोजन को ठीक से नहीं पच पाता है तब आंतों में अपच का प्रदाह उत्पन्न हो जाता है यदि हम किसी कारणवश मल-मूत्र को रोके रहते हैं तो तब मल दुबारा पचने लगता है और आंतों में सड़न क्रिया आरम्भ हो जाती है इन सभी कारणों से जीभ पर छाले पड़ जाते हैं इन छालों में असहनीय दर्द होता है लगता है जैसे कांटे चुभ रहे हों तथा मिर्च-मसालेदार चीजें खाने पर इनमें असहनीय दर्द होने लगता है तथा भोजन करना मुश्किल हो जाता है साधारण भाषा में इसे मुंह का आना भी कहते हैं इसके लिए धनिये का मिश्रण बहुत ही लाभकारी इलाज होता है-

7- इस रोग मे जीभ, तालु व होठों के भीतर छोटी-छोटी फुंसियां या छाले निकल आते हैं और ये दाने लाल व सफेद रंगों के होते हैं इस रोग में मुंह में लार बार-बार आती है इस प्रकार के मुंह में छाले(Mouth Ulcers) होने पर मुंह से बदबू आने लगती है तथा छालों में जलन होती है तथा सुई चुभने की तरह दर्द होता है मुंह में छाले होने पर भोजन करने में कठिनाई होती है बच्चों के मुंह में छाले होने पर लाल छाले, जीभ लाल व होठ के भीतरी भाग में लाल-लाल दाने निकल आते हैं-

8- दांतों में गंदगी से भी मुंह में छाले पैदा हो जाते हैं अत: दिन में 2 से 3 बार दांत साफ करना जरूरी है और भोजन में लालमरसा का साग खायें या फिर मुंह के छाले होने पर दो केले रोजाना सुबह दही के साथ खायें-छाले होने पर टमाटर अधिक खाने चाहिए तथा ठण्डी फल व सब्जियां खायें और पेट की कब्ज खत्म करने के लियें सुबह एक गिलास पानी शौच जाने से पहले पीने से लाभ होता है

9- भोजन में अधिक तेल, मिर्च, मांस, तेज मसाले व गर्म पदार्थ न खायें क्युकि पेट में कब्ज होने पर मुंह में छाले(Mouth Ulcers) बनते हैं इसलिए पेट में कब्ज को बनाने वाले कोई भी पदार्थ न खाएं तथा अधिक गरिष्ठ भोजन न करें-जादा चाय, शराब, बीड़ी-सिगरेट या किसी भी नशीली चीज का सेवन न करें-

10- एलोपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव(साइड इफेक्ट)की वजह से भी मुँह में छाले हो सकते हैं विशेषकर लंबे समय तक एंटीबॉयोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने से या अधिक मात्रा में एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल करने से हमारी आंतों में लाभदायक कीटाणुओं की संख्या घट जाती है और नतीजतन मुँह में छाले(Mouth Ulcers)पैदा हो जाते हैं-


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