11 दिसंबर 2016

सूजाक रोग के बारे में एक जानकारी

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सूजाक(Gonorrhea)एक गानोरिआ नामक जीवाणु के कारण होता है जो महिलाओं तथा पुरुषों के प्रजनन मार्ग के गर्म तथा गीले क्षेत्र में आसानी और बड़ी तेजी से बढ़ती है किसी भी यौन सक्रिय व्यक्ति में गोनोरिया की बीमारी हो सकती है बिना प्रोटेक्‍शन के शारीरिक संबन्‍ध बनाने से आपको कई यौन रोग हो सकते हैं जिसमें से एक गोनोरिया(Gonorrhea)या प्रमेह है-

सूजाक रोग के बारे में एक जानकारी


सूजाक रोग(Gonorrhea)के बारे में जानकारी-

1- सूजाक(Gonorrhea)एक यौन संचारित बीमारी है इसके जीवाणु मुंह,गला,आंख तथा गुदा में भी बढ़ते हैं गोनोरिया शिश्न, योनि, मुंह या गुदा के संपर्क से फैल सकता है गोनोरिया प्रसव के दौरान मां से बच्चे को भी लग सकती है कई पुरुषों में गोनोरिया के कोई लक्षण दिखाई नहीं पड़ते तथा कुछ पुरुषों में संक्रमण के बाद दो से पांच दिनों के भीतर कुछ संकेत या लक्षण दिखाई पड़ते हैं-

2- यदि गर्भवती महिला को गोनोरिया(Gonorrhea) है तो बच्चे को भी गोनोरिया हो सकता है क्योंकि बच्चा प्रसव के दौरान जन्म नलिका(Birth canal)से गुजरता है इससे बच्चा अंधा हो सकता है उसके जोड़ों में संक्रमण हो सकता है या बच्चे को रक्त का ऐसा संक्रमण हो सकता हो जिससे उसके जीवन को खतरा हो सकता है-

3- गर्भवती महिला को जैसे ही पता चले कि उसे गोनोरिया (Gonorrhea)है तो उसका उपचार कराया जाना चाहिए जिससे इस प्रकार की आगे होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सके-

सूजाक(Gonorrhea)रोग के लक्षण-


1- महिला को पेशाब करते समय दर्द या जलन होती है पेशाब में जलन का कारण मूत्र संक्रमण है लेकिन यह गोनोरिया(Gonorrhea)का लक्षण भी हो सकता है इस दौरान संक्रमण मूत्रमार्ग या किसी अन्‍य खुले मार्ग के माध्‍यम से योनि(Vagina)में फैल सकता है-

2- गले की गांठ सूज जाएं या उनमें दर्द हो रहा हो तो वह अक्सर ओरल सेक्स(Oral Sex)का नतीजा हो सकता है गोरनिया का 90 फीसदी कारण ओरल सेक्स होता है ओरल सेक्स बैक्टीरिया संक्रमण का मुख्य कारण है इससे लिए अगर संभव हो तो ओरल सेक्स(Oral Sex)करने से परहेज रखे-ओरल सेक्स वैसे भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है लेकिन आजकल के पढ़े-लिखे पोर्न फिल्मों के शौकीन लोग इस बात से अनजान है आप विदेश में नहीं रहते है आप भारतीय है और भारतीय लोगों के लिए तो हमारे ऋषियों ने भी सम्भोग के नियम बनाएं है-

3- गोनोरिया(Gonorrhea)होने पर स्त्रियों के मूत्र मार्ग से एक पीले रंग का स्त्राव निकलने लगता है फिर कुछ समय पश्चात् बिना उपचार के ही सारे लक्षण समाप्त हो जाते हैं परन्तु जीवाणु धीरे-धीरे स्त्री के गर्भाशय व फैलोपियन ट्यूब में प्रवेश कर संक्रमण फैला देते हैं जिससे स्त्रियों में बाँझपन हो जाता है-

4- पेशाब करते समय जलन-लिंग से सफेद, पीला या हरा स्राव-गोनोरिया वाले व्यक्ति को अंडग्रंथि में दर्द होता है या वह सूज जाता है-

5- योनि से अधिक मात्रा में स्राव निकलता है या मासिक धर्म के बीच योनि से खून निकलता है गोनोरिया की वजह से पीरियड्स के बीच के दिनों में भी शुरु हो सकती है-

6- अगर इंटरकोर्स के बाद धब्‍बे दिखें तो गोनोरिया के लक्षण हो सकते हैं ऐसा तब हो सकता है जब आप उसी पार्टनर के साथ दो बार सेक्स  करें-

7- महिलाओं में सुजाक से योनिशोथ भी हो जाता है जनन अंग की जाँच करने से मूत्रमार्ग में पीप दिखाई देती है इसके अलावा मूत्रमार्ग में दबाने से दर्द होता है शोथ के कारण महिला को योनि और पेडू (श्रोणी) में तेज़ दर्द हो सकता है कुछ मामलों में गर्भाशयग्रीवा से पीप बहती हुई दिखाई दे सकती है-

8- हो सकता है कि वाइट डिस्‍चार्ज(सफ़ेद पानी)या यीस्‍ट इंफेक्‍शन का लक्षण हो लेकिन ये गोनोरिया का भी लक्षण हो सकता है इस प्रकार के डिस्चार्ज में योनि में काफी खुजली होती है-

9- महिलाओं में कभी-कभी गोनोरिया के लक्षण इतने हल्के और आम से होते हैं कि इनको देख कर एहसास ही नहीं होता कि यह गोनोरिया ही है- गोनोरिया का पहला लक्षण दस दिनों के भीतर दिख जाता है इसलिये यौन संबन्‍ध बनाने के बाद आपको थोड़ा सचेत रहना चाहिये-

10- अगली पोस्ट में हम आपको गोनोरिया के उपचार के बारे में बताने का प्रयास करेगे-


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