30 मार्च 2016

Are you going to celebrate "April Fool"-क्या आप "अप्रैल फूल" मनाने जा रहे है

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क्या आप हिन्दू धर्म को मानते है या फिर आपमें ईसाइयत रच बस गई है क्या आप को पता है अप्रैल हमारे विक्रमी सवंत के अनुसार हम हिन्दुओ का नया साल होता है जो हमारे लिए पावन दिन है फिर आप क्यों इसे "मुर्खता दिवस " के  रूप में मनाते हो क्या यही हमारे पूर्वजो के संस्कार थे जिनको आज की पीढ़ी खोती जा रही है -

April Fool
April Fool

पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस कह रहे हो और अगर आप दूसरो को मुर्ख बना रहे है तो शायद इस श्रेणी में आप भी है -


पता भी है क्यों कहते है "अप्रैल फूल" -अप्रैल फुल का अर्थ है - हिन्दुओ का मूर्खता दिवस-इसकी वास्तविकता क्या है -ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है-

बहुत दिनों से ये "अप्रैल फूल" बिना सोचे बिना जाने चलता चला आ रहा है इसलिए संस्कृत के साहित्य में कहा गया है "गतानुगति लोक :" मतलब नक़ल करने वाले लोग -यही हिन्दू करता चला आ रहा है और पाश्चात्य सभ्यता की ओर उन्मुक्त है अंग्रेजो की गुलामी से आजादी की लड़ाई लड़ कर देश को आजाद कराने वाले आज जिन्दा होते तो अपना सर पीट लेते कि देश तो आजाद करा लिया लेकिन आज की जनरेशन को कौन आजाद कराये -

मुर्ख हिन्दू कैसे समझें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है "अप्रैल फूल"-"अप्रैल फूल"

इसका मतलब क्या है.?? 

दरअसल जब ईसाइयत अंग्रेजो द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस समय हिन्दू लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से अपना नया साल मनाते थे- जो आज भी सच्चे हिन्दुओ द्वारा मनाया जाता है आज भी हमारे बही खाते और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू होते है पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने सही हो आप-

फिर भी आने वाला 1 अप्रैल इस साल भी नई जनरेशन बड़ी ख़ुशी से "अप्रैल फूल" मनायेगा और हम बेवकूफ इसी तरह ये पेज पे कलम घसीटते रहेगे -

Upcharऔर प्रयोग -

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