Health Benefits of Mustard Oil-सरसों के तेल के स्वास्थ्य लाभ

9:07 am Leave a Comment
सरसों के तेल से आप सभी लोग परिचित होगे परन्तु आज इसके गुणों के बारे में शायद कम लोगो को ही पता है पहले लोग सरसों का तेल(Musterd oil) का इस्तेमाल करके स्वस्थ रहा करते थे परन्तु वक्त के साथ परिवर्तन होता गया और लोग अनेक प्रकार के रिफाइंड का प्रयोग करते गए जबकि सरसों के तेल को शरीर के लिए बहुत उपयोगी व रामबाण माना जाता हैं-



mustard oils (सरसों के तेल) यानी कि (कडवा तेल) को यदि आप सही तरीके से उपयोग करते है तो सच मानिए आपको किसी और दवाई की भी जरूरत नहीं होगी आइये जानते है इसकी  स्वास्थ-वर्धक जानकारी के बारे में -

सरसों के तेल में दर्दनाशक गुण होता है यदि कमर दर्द हो तो सरसों के तेल में थोड़ी हींग- अजवाइन और लहसुन मिलाकर गर्म कर लें और उसे कमर पर लगाएं- पिंडलियों का दर्द हो तो सरसों के तेल को गुनगुना करके मालिश करना चाहिए-

क्या ये आपके लिए वरदान से कम है- Kya Ye Aapke Liye Vardaan Se Kam Hai

कान का दर्द सताए तो दो बूंद गुनगुना सरसों का तेल कान में टपकाएं -इसमें दो चार कलियां लहसुन की भी मिला सकते हैं आपको इससे लाभ मिलता है -

यदि गठिया से परेशान हों तो सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से दर्द में बहुत राहत मिलती है-

musterd oil(सरसों के तेल) की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है -

How are you healthy-कैसे आप स्वस्थ रहे

mustard oil cholesterol कम करने में अहम् भूमिका निभाता है ये आपके कोलेस्ट्रोल को नियमित रखता है -

आजकल त्वचा की बिमारी अधिक लोगो को देखने को मिल रही है जबकि त्वचा संबंधी समस्याओं में सरसों का तेल बहुत ही फायदेमंद होता है यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है-

सरसों तेल को कई लोग एक टॉनिक के रूप में भी प्रयोग करते हैं यह शरीर की कार्य क्षमता बढ़ा कर शरीर की कमजोरी को दूर करने में सहायता करता है इस तेल की मालिश के बाद स्नान करने से शरीर और त्वचा दोनों स्वस्थ रहते हैं-

जो लोग नियमित ही सरसों के तेल का प्रयोग करते है उनको माइग्रेन की शिकायत नहीं होती है ये माइग्रेन के लिए राहत देने में भी अपनी महत्व-पूर्ण भूमिका निभाता है -

जो लोग खांसी-जुकाम-अस्थमा तथा साइनसाइटिस से पीड़ित होते हैं उनमें सरसों का तेल बहुत ही आरामदायक प्रभाव छोड़ता है-

सरसों में कैरोटिन्स, जियक्साथिंस एंड ल्यूटिन, विटामिन ए, सी और के की मात्रा भरपूर होती है और इन सभी विटामिन होने के कारण यह एंटीऑक्सीडेंट भी है जो बढ़ती उम्र में होने वाले निशान-झुर्रियां और रिंकल को दूर करने में आपकी काफी मदद करता है-

एक अच्छी हेल्थ की पहचान तभी होती है जब आपको खुलकर भूख लगती है  इसके लिए आपका स्वास्थ्य भी अच्छा होना चाहिए इसके लिए सरसों का तेल बेस्ट है सरसों का तेल पेट में गैस्ट्रिक जूस की तरह हमारे ऐपिटाइजर के रूप में काम करता है जिससे भूख बढ़ने लगती है इसलिए आज से ही खाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल करना शुरू करें-और आपका जितना मन करे उससे भी अधिक खाने की कोशिश और हेल्दी रहें-

जबसे लोगो ने सरसों के तेल से मुंह मोड़ा है मोटापे की समस्या दिनों-दिनों अधिकतर बढती गई है आपको पता है कि सरसों के बीज में बी-कॉम्पलेक्स विटामिन जैसे-फोलेट,थियामाइन, नियासिन, रिबोफ्लाविन होता है सरसों का तेल हमारी बॉडी के मेटाबॉल्जिम को बढ़ाता है जिससे वजन कम करने में आसानी होती है-

सरसों के तेल से गर्मियों में होने वाली स्किन टैन और आंखों पर पड़ने वाले डार्क सर्कल को कम करने में मदद करता है इसके लिए आप सरसों के तेल में बेसन, दही और कुछ बूंदे नींबू की मिलाकर चेहरे पर लगाएं-फेस मास्क को 10 से 15 मिनट चेहरे पर लगा कर रखे उसके बाद ठंडे पानी से चेहरे को धो लें इस मास्क को हफ्ते में दो या तीन बार लगाएं-जिससे टैन स्किन और डार्क सपॉट को कम करने में मदद करता है-

क्या आप जानते है कि सरसों के तेल में ग्लुकोजिलोलेट होता है जो कैंसर विरोधी गुण होने की वजह से कैंसर ट्यूमर(गांठ) होने से बचाता है सरसों में अधिक लाभकारी गुण होने की कारण से ग्लुकोजिलोलेट और कोरोरेकटल कैंसर से बचाने का काम करता है -

सरसों के तेल musterd oil  में नारियल के तेल को मिलाकर फेस की 5 से 6 मिनट सर्कल में चहेरे की मसाज करें मसाज करने के बाद वाइप से या गीली रूई से चेहरे को साफ करें इस मसाज से चेहरे का ब्लड़ सर्कुलेशन बढ़ता है और स्किन का कलर भी लाइट होता है-

यदि आप रोजाना खाने या चहेरे पर सरसों का तेल यूज करते है तो यह स्किन में होने वाली ड्रायनेस-डलनेस और जलन को खत्म करता है-

कुछ काम के नुस्खे- Kuch Kaam Ke Nuskhe

सरसों के बीज में सेलेनियम एंड मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है इन दोनों में एंटी-इन्फ्लामेटरी होता है सरसों के तेल को रोजाना खाने से अस्थमा-सर्दी और ब्रेस्ट में होने वाली दिक्कतों में बहुत लाभ मिलता है-

इसे भी देखे-

गाय के पुराने घी के गुण- Gaay Ke Puraane Ghi Ke Gun

Upchar और प्रयोग-

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

-->