हेल्थ(Health) के लिए सोना जरुरी- Must sleep for Health

नींद आना और भरपूर  नींद आना दोनों में बहुत अंतर है क्युकि नींद हमारे जीवन का अहम् हिस्सा है आपने कभी न कभी तो महसूस किया होगा कि जब आप गहरी नींद या ये समझे चैन की नींद पूरी करके जागते है तो खुद कितना तरोताजा और स्फूर्तिवान महसूस करते है नींद न केवल हमारे स्वास्थ के लिए अच्छी होती है बल्कि हमारी आयु सीमा भी इसी पर र्निभर करती है अगर आप रात में ढंग से सोएगें नहीं तो यह आपके दिमाए पर सीधा असर करेगा- 


आजकल की टेंशन भरी लाइफ में यह लोगों की एक आम समस्या बन गई है पर आप इसे बिल्‍कुल भी आम न समझे क्‍योंकि यह स्लीपिंग डिसऑर्डर (Sleeping Disorders)भी हो सकता है और इसके प्रति लापरवाही बरतना कितना खतरनाक हो सकता है बहुत से लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं है-

नींद न आने की बीमारी के लिए अपनाएं यह उपाय- 

1- आपका बेड़ रूम साफ-सुथरा और हवादार होना चाहिये जिसमें न तो बाहरी आवाज़ आए और न ही किसी प्रकार की अशांती हो। सोते समय तकिया ऊंचा न लें और मुलायम गद्दे पर ही सोएं-

2- सोने से पहले अपने दिमाग को हर चिंताओं से दूर करें और ऐसा करने के लिए आप अपने इष्ट या गुरु में ध्यान लगा सकते हैं याफिर जिन लोगो ने गुरु मन्त्र लिया है उनको "गुरु-मन्त्र" का नेत्र बंद करके मानसिक जप करना चाहिए अच्छी नींद के साथ-साथ उतरोत्तर मन्त्र साधना भी बढती है-

3- जो लोग रात को देर से सोते हैं उनकी तबियत कभी भी ठीक नहीं रह सकती है इसलिए कोशिश करें कि अपना हर कार्य समय पर निपटा कर ठीक समय पर सो जाएं सोने का एक निश्चित समय निर्धारित करे-

4- एक अच्छे स्वास्थ के लिए प्रतिदिन 7 घंटे की नींद लेना आवश्यक है इसके बाद हमारा शरीर पुन: अगले दिन के लिए कार्य करने योग्य हो जाता है -

5- जितना हो सके दिन में कम ही सोएं-अगर आपको रात में किसी कारणवश जगना पड़ गया हो-तो दिन में आप वह नींद पूरी कर सकते हैं- 

6- रात में सोते वक्त अपने सिर और पैर की किसी अच्छे तेल से मालिश करें आपको अच्छी नींद आने में सहायक है-

7- निद्रा में तीव्र मांसपेशीय शिथलीकरण उपचार (शवासन) लाभदायक है- सोते समय सकारात्मक विचार मस्तिष्क को शांति देते हैं-

8- हर सुबह एक निश्चित समय पर उठें और रात को निश्चित समय पर सोएं- लेट नाइट पार्टियों व टीवी का लोभ छोड़ें-

9- सोने से पूर्व मानसिक गतिविधियों की उत्तेजना भी नींद में बाधा पहुंचा सकती है-

देखे -  नींद लाने का आयुर्वेदिक प्रयोग-

10- तीन हफ्तों तक जारी रहने वाली अनिद्रा की अवस्था को ट्रांजियंट इनसोम्निया कहा जाता है यह निद्रा में बाधा की एक अल्पकालिक अवस्था है जिसका मुख्य कारण मानसिक संघर्ष, अपरिचित या नया वातावरण, भावनात्मक सदमा, प्रियजनों की मृत्यु, तलाक या नौकरी में बदलाव आदि हो सकते हैं-

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