Improve Yourself Like Mirror-खुद को निखारे आईने की तरह


Improve Yourself Like Mirror-खुद को निखारे आईने की तरह-

हम और आप इस दुनियां में एक समयावधि तक के लिए ही आये है और समय पूरा होने पे सभी को ये जीवन छोड़ कर जाना है बस यही एक यथार्थ सत्य(the truth is) है तो फिर अपना जीवन कांच की तरह न बनाए जो आप दुसरो को चुभे बल्कि खुद को आईना बनाने का सफल प्रयास करे जिसमे लोग अपना प्रतिबिम्ब देख सके इसलिए खुद को निखारे -Improve Yourself

The truth(सत्य) ये भी है कि कभी-कभी बोला गया कटु सत्य आपको कष्ट में अवश्य डाल देता है लेकिन ये भी सत्य है कि आपको अंदर की आत्म-संतुष्टि भी देता है -meaning of truth(सत्य का अर्थ) को  समझना आपके जीवन को उन्नतिशील बना देता है -

आप जो शिक्षा दुसरो को देना चाहते है तो एक बार तो सोचे क्या आप उसका पालन अपने जीवन में करते है सिर्फ अच्छे कपडे पहनने से आप की सुन्दरता तो निखर सकती है लेकिन आंतरिक सुन्दरता आपके अंदर समाहित गुणों की होती है जिनसे आप जीवन में निखरते है -


जब भी आप कही जाए या किसी से मिले तो मुस्कराहट आप के चेहरे पे हो क्युकि ये एक येसी चाभी है जो आपके प्रगति के रास्ते खोल देती है लोगो को ये न लगे कि आप घमंडी है बल्कि आप मिलनसार है इस प्रकार सामने वाला आपसे दोस्ती का इक्छुक होगा -

खुद में आत्मविश्वास को जाग्रत करे हर बात में एक वजन लाये हल्कापन आपकी प्रतिभा को गिरा सकता है सोच समझ कर बोले जो भी बोले सच का समावेश हो क्युकि आपका बोला गया झूठ कुछ समय बाद आपको ही याद नहीं रहता है हो सकता है सामने वाला आपकी बातो को याद रक्खे-

सबसे पहले applying makeup आपका साधारण हो ये आवश्यक है जादा मेकअप आपको हंसी का पात्र न बना दे यदि पार्टी में है तो सबसे स्वयं ही आगे बढ़ कर मिलिए और ख़ुद लोगों से बात-चीत कीजिये बजाये इंतज़ार करने के कि कौन आपसे पहले बात करेगा ऐसा करने से आप मिलनसार और एक आत्मविश्वास से भरे हुए इंसान नज़र आएँगे लोग आपको पसंद करेंगे-

दूसरी बात जब भी किसी से बात करे उनकी आँखों में आँखें डाल के बात करें ताकि सामने वाले को लगे कि आप उनकी बात ध्यान से सुन रहे हैं और उनकी बात आपके लिए मायने रखती है जब आप किसी को ध्यान से सुनते है तो आप उसकी इज्जत ही बढाते है और जब इज्जत देगे तभी आप इज्जत पाने के अधिकारी है -

हम सभी Importance की अपेक्षा करते है तो आप सामने वाले को उसके नाम से बीच-बीच में संबोधन देते रहे क्युकि हर व्यक्ति का नाम उसके लिए ख़ास मायने रखता है और जब वो इज़्ज़त से और एक अपनेपन से लिया जाए तो उसका असर बहुत गहरा पड़ता है-

लम्बी-लम्बी फेक बाते न करे तो ही अच्छा है क्युकि ये जरुरी नहीं है सामने वाला बेवकूफ है दुनियां में सभी तरह के लोग है तुरंत भांप लेते है कि आप कितनी लम्बी फेक रहे है जो उनके लिए लपेटना मुस्किल हो रहा है और आगे से वो आपको नजर-अंदाज कर सकते है खुद को ignore होने से बचाना है तो जो बोले वजन के साथ सत्य ही बोले -

किसी की आलोचना से बचे हो सकता है जिसकी आप आलोचना कर रहे हो सामने वाले की उससे आत्मयिता हो और कुछ ही पल में वो आपको अपनी नजरो से गिरा दे आप में भी कुछ न कुछ बुराई है ही वर्ना आप भगवान् का दर्जा प्राप्त कर लेते इसलिए "आलोचना" से बचे -

                                     कांच पर पारा चढाएं तो 
                                     वह आईना बन जाता है 
                                     और किसी को आईना दिखाएं तो 
                                     देखने वाले का पारा चढ़ जाता है-

देखे -  

Upcharऔर प्रयोग-
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