8 मार्च 2016

सुखपूर्वक नींद के लिए आजमायें-Try for Comfortable Sleep

Try for Comfortable Sleep


आधुनिक युग में काम की और घर की टेंसन से व्यक्ति इतना प्रभावित हो चुका है कि रात को सुखपूर्वक नींद (Comfortable Sleep) न आने की परेशानी से जूझ रहा है कई बार हमें काम ज़्यादा रहते है और सोने का भी समय नहीं मिल पाता है और नींद भगाने के लिए चाय कॉफ़ी जैसे पेय पीते जाना सेहत के साथ खिलवाड़ है-

सुखपूर्वक नींद के लिए आजमायें-Try for Comfortable Sleep

सात घण्टों की नींद (Sleep) के बाद भी अगर आप थकान महसूस करते हैं बोझिल महसूस करते हैं आपका मन चिड़चिड़ा रहता है तो ये सारे लक्षण आपके तनाव में होने के और सही नींद ना होने के लक्षण हैं-कई बार हम नींद में स्वप्न देखते रहते हैं एक रात में हम कितनी बार करवटें बदलते हैं कभी मच्छर काट रहे है तो कभी प्यास लगी है कभी आपको शौचालय जाना पड़ता है तथा कभी-कभी थकान के मारे शरीर इतना अकड़ जाता है कि नींद आना मुश्किल हो जाता है-

किसी भी प्रकार के रोग या तनाव में योग निद्रा (Yoga Nindra) एक चमत्कारिक औषधि की तरह काम करती है इसके अलावा योग निद्रा के निरंतर अभ्यास से आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है योग निद्रा का अर्थ है आध्यात्मिक नींद यह वह नींद कहलाती है  जिसमें जागते हुए सोना है

सोने व जागने के बीच की स्थिति है योग निद्रा (Yoga Nindra) इसे स्वप्न और जागरण के बीच ही स्थिति भी कह सकते हैं यह अर्धचेतन जैसा है आपको पता है कि देवता भी इसी निद्रा में सोते हैं-

क्या है योग निंद्रा (Yoga Nindra) -


1- आप सबसे पहले बिस्तर पे आराम से लेट जायें और खुद को किसी चद्दर या कम्बल से ढक ले यदि जादा रोशनी हो तो तो आँखों पर गह्र्रे रंग का कपडा रख ले और अपनी साँसों पर अपना ध्यान केन्द्रित करने का प्रयास करे और यदि हो सके तो आप नाक में थोड़ा घी या तेल लगा लें यदि आप योग निद्रा (Yoga Nindra) के पहले तेज़ी से कपाल भाति प्राणायाम कर ले तो और भी अच्छा अनुभव होगा-

2- आपके मन में जो भी विचार आ रहे है बस आप उनको आने दे उस पर आप कोई भी प्रतिक्रिया न करे और सांस अंदर खीचे तो पेट को उपर उठता महसूस करे और जब बाहर निकाले तो पेट को अंदर जाता महसूस करे- 

सुखपूर्वक नींद के लिए आजमायें-Try for Comfortable Sleep

3- अब आप अपने शरीर के एक-एक अंग पर अपना ध्यान केन्द्रित करते जाए और उस अंग को शिथिल करते जाए यहाँ शिथिल का मतलब ये है कि आप उस अंग को बिलकुल भी न हिलाए सोचे ये सुन्न अवस्था में है सबसे पहले आप ये पैर के अंगूठे से ये कार्य प्रारंभ करे-

4- श्वास द्वारा अर्जित प्राणों की ऊर्जा उस तक पहुँच कर उसे रोग रहीत कर उर्जा दे रही है ऐसा अनुभव करें-ये क्रिया आप कुछ समय तक करे -

5- फिर धीरे धीरे आँखें खोल कर पैर के अंगूठे को हिलाएं और हाथों की उँगलियों को हिलाएं और फिर हाथों को ऊपर खिंच कर शरीर को सक्रीय कर लें-सीधे या दाहिने हाथ की और करवट ले कर उठे हाथों को रगड़ कर पुरे शरीर में हलकी मालिश करते जाएँ आप इस विधि से 10 से तीस मिनट तक योगनिद्रा का अभ्यास करने पर सात से आठ घंटे की गहरी नींद के बराबर विश्राम प्राप्त होता है-

6- योगनिद्रा का लाभ उठाने के लिए कम से कम आपको तीन सप्ताह का अभ्यास जरूरी है-

7- नींद सही ना होने से बहुत से लोगों को स्पॉण्डिलाइटिस या साइनस की समस्या रहती है श्वास ठीक से नहीं ले पाते है ज़ुकाम बना रहता है और सिर दुखता रहता है वो लोग एक बार अवस्य इस प्रयोग को कुछ दिन करके आजमाए-

योग निंद्रा (Yoga Nindra) को बनाए मानसिक जप का आधार-


आप जब ये चाहते है कि यही योग-निंद्रा आपके जीवन में आध्यात्मिक और मानसिक जप की फलीभूत बन जाए तो बस आपको सिर्फ थोडा सा कुछ दिन का अभ्यास करना है-

जब आप निंद्रा के आगोस जाने लगे तो आप को मन ही मन अपने इष्ट या गुरु मन्त्र की मानसिक आवृति करनी है और ये आवृति एक अभ्यास के बाद इस प्रकार हो जायेगी कि आप को लगेगा कि हम पूरी रात मन्त्र जप करते रहे है क्युकि सोती हुई अवस्था में आपका ये जप निरंतर चलता रहेगा सुबह आपको महसूस होगा कि आपने पूरी रात जप किया है इस अभ्यास का सार्थक परिणाम आपको अवस्य देखने में मिलेगा इस प्रयोग से आप देहिक और भौतिक कष्ट से मुक्ति पाते जाते है और आपके न बनने वाले काम भी सफल होने लगते है हाँ समय अवस्य लगता है लेकिन जिसने भी इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया है वो जीवन पर्यन्त इसे करता रहेगा-

जिन लोगो ने गुरु नहीं किया है या जिनका इष्ट नहीं है वे लोग एक साधारण सा मन्त्र "ॐ नम: शिवाय" का मानसिक जप कर सकते है इसका प्रभाव बहुत शक्ति-शाली है -

आप ईश्वरीय शक्ति के पास खिचते चले जाते है और जप धारणा विश्वास ही आपके जीवन में सफलता का कारण बन जाती है-

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