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13 मई 2017

स्फटिक आपकी आर्थिक तंगी का नाश करता है-Sphatik Destroys Financial Hardship

Sphatik Destroys Financial Hardship-

स्फटिक(Sphatik)की रासायनिक संरचना सिलिकॉन डाइऑक्साइड है क्रिस्टलों में यह सबसे अधिक साफ-पवित्र और ताकतवर है स्फटिक(Sphatik)एक शुद्ध क्रिस्टल है या फिर यह भी कहा जा सकता है कि अंग्रेज़ी में शुद्ध क्वार्टज क्रिस्टल का देसी नाम स्फटिक है 'प्योर स्नो' या 'व्हाइट क्रिस्टल' भी इसी के नाम हैं यह सफ़ेदी लिए हुए रंगहीन पारदर्शी और चमकदार होता है यह सफ़ेद बिल्लौर अर्थात रॉक क्रिस्टल से हू-ब-हू मिलता है-

स्फटिक आपकी आर्थिक तंगी का नाश करता है-Sphatik Destroys Financial Hardship

स्फटिक(Sphatik)एक रंगहीन पारदर्शी निर्मल और शीत प्रभाव वाला उपरत्न है इसको कई नामों से जाना जाता है-'सफ़ेद बिल्लौर' अंग्रेज़ी में 'रॉक क्रिस्टल' संस्कृत में 'सितोपल', शिवप्रिय, कांचमणि और फिटक आदि और सामान्यत: यह काँच जैसा प्रतीत होता है परंतु यह काँच की अपेक्षा अधिक दीर्घजीवी होता है कटाई में काँच के मुकाबले इसमें कोण अधिक उभरे होते हैं-

इसकी प्रवृत्ति ठंडी होती है अत: ज्वर, पित्त-विकार, निर्बलता तथा रक्त विकार जैसी व्याधियों में वैद्यजन इसकी भस्मी का प्रयोग करते हैं स्फटिक(Sphatik)को नग के बजाय माला के रूप में पहना जाता है स्फटिक माला को भगवती लक्ष्मी का रूप माना जाता है- जी हाँ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता दिलाने वाला और विघ्न को मिटाने वाला होता है-

स्फटिक(Sphatik)ख़ास विशेषताएँ-


1- स्फटिक की सबसे बड़ी खूबी और ख़ास विशेषता यह है कि यह पहनने वाले किसी भी पुरुष या स्त्री को एकदम स्वस्थ रखता है इसके बारे में यह भी माना जाता है कि इसे धारण करने से भूत-प्रेत आदि की बाधा से मुक्त रहा जा सकता है कई प्रकार के आकार और प्रकारों में स्फटिक मिलता है इसके मणकों की माला फैशन और हीलिंग पावर्स दोनों के लिहाज से लोकप्रिय है इसकी माला को धारण करने वाले व्यक्ति में धीरे-धीरे सम्मोहन का प्रभाव उत्पन्न होने लगता है-

2- इसे पहनने मात्र से ही शरीर में इलैक्ट्रो-कैमिकल संतुलन उभरता है और तनाव-दबाव से मुक्त होकर शांति मिलने लगती है स्फटिक की माला के मणकों से रोजाना सुबह लक्ष्मी देवी का मंत्र जप करना आर्थिक तंगी का नाश करता है स्फटिक के शिवलिंग की पूजा-अर्चना से धन-दौलत, खुशहाली और बीमारी आदि से राहत मिलती है तथा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती हैं-

3- रुद्राक्ष और मूंगा के साथ पिरोया गया स्फटिक का ब्रेसलेट खूब पहना जाता है इससे व्यक्ति को डर और भय नहीं लगता उसकी सोच-समझ में तेजी और विकास होने लगता है मन इधर-उधर भटकने की स्थिति में सुख-शांति के लिए स्फटिक पहनने की सलाह दी जती है कहते हैं कि स्फटिक के शंख से ईश्वर को जल तर्पण करने वाला पुरुष या स्त्री जन्म-मृत्यु के फेर से मुक्त हो जता है-

4- ज्वर, पित्त-विकार, निर्बलता तथा रक्त विकार जैसी व्याधियों में वैद्यजन इसकी भस्मी का प्रयोग करते हैं और सबसे ख़ास बात आज के युग में स्फटिक आपके कंप्यूटर से निकलने वाले बुरे रेडिएशन(यानी हानिकारक विकिरण)को अपनी ओर खींचकर सोख लेती है स्फटिक को नग के बजाय माला के रूप में पहना जाता है-

स्फटिक(Sphatik)के उपयोग इस प्रकार हैं-


1- इसे स्फटिक(Sphatik)मणि भी कहा जाता है स्फटिक बर्फ के पहाड़ों पर बर्फ के नीचे टुकड़े के रूप में पाया जाता है यह बर्फ के समान पारदर्शी और सफेद होता है यह मणि के समान है इसलिए स्फटिक के श्रीयंत्र को बहुत पवित्र माना जाता है यह यंत्र ब्रम्हा, विष्णु, महेश यानि त्रिमूर्ति का स्वरुप माना जाता है-लक्ष्मी प्राप्ति के लिए आप इसे पूजा स्थल में रखें-

2- स्फटिक(Sphatik)श्रीयंत्र का स्फटिक का बना होने के कारण इस पर जब सफेद प्रकाश पड़ता है तो ये उस प्रकाश को परावर्तित कर इन्द्र धनुष के रंगों के रूप में परावर्तित कर देती है और यदि आप चाहते है कि आपकी जिन्दगी भी खुशी और सकारात्मक ऊर्जा के रंगों से भर जाए तो घर में स्फटिक श्रीयंत्र स्थापित करें यह यंत्र घर से हर तरह की नेगेटिव एनर्जी को दूर करता है घर में पॉजिटिव माहौल को बनाता है-

3- जिस घर में यह यंत्र स्थापित कर दिया जाता है वहां पैसा बरसने लगता है साथ ही जो भी व्यक्ति इसे स्थापित करता है उसके जीवन में नाम पैसा दौलत शोहरत सब कुछ होता है बस इसे विधान से स्थापित करवाए-इसे स्थापित करने के लिए आपको किसी योग्य विद्धवान से ही इसकी पूर्ण विधान से स्थापना करानी चाहिए और बिना नागा इसकी पूजा का विधान है-

4- आप अपनी नित्य पूजा भी इससे कर सकते है स्फटिक(Sphatik) की माला के मणकों से रोजना सुबह लक्ष्मी देवी का मंत्र जप करना आर्थिक तंगी का नाश करता है स्फटिक के शिवलिंग की पूज-अर्चना से धन-दौलत, खुशहाली, बीमारी से राहत और पॉजिटिव पावर्स प्राप्त होती हैं-

5- रुद्राक्ष और मूंगा संग पिरोई स्फटिक(Sphatik) का ब्रेसलेट हीलिंग यंत्र के तौर पर खूब पहना जाता है इससे डर-भय छूमंतर होते देर नहीं लगती-सोच-समझ में तेजी और विकास होने लगता है तथा मन इधर-उधर भटकने की स्थिति में, सुख-शांति के लिए स्फटिक के पेंडेंट पहनने की सलाह दी जती है स्फटिक के शंख से ईश्वर को जल तर्पण करने वाला या वाली जन्म-मृत्यु के फेर से मुक्त हो जता है तथा साथ-साथ खुशकिस्मती आपके घर-आंगन में वास करने लगती है-

6- एक खास बात और है कि अगर आपके बेटे या बेटी का पढ़ाई-लिखाई में मन न लगे और एकाग्रता के अभाव के चलते वह पढ़ाई में कमजोर हो तो फौरन स्फटिक(Sphatik) का पिरामिड उसके स्टडी टेबल या स्टडी रूम में रखने से उत्तम नतीजे आने लगते हैं यही नहीं स्फटिक यंत्र के सहारे तमाम रुकावटें हटती जाती  हैं स्फटिक आपको सही समझ-बूझ से नवाजता है-

7- यह विविध वास्तु दोषों के निराकरण के लिए श्रेष्ठतम उपाय है स्फटिक(Sphatik)श्री यंत्र पर ध्यान लगाने से मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है उच्च यौगिक दशा में यह सहस्रार चक्र के भेदन में सहायक माना गया है कार्यस्थल पर इसका नित्य पूजन व्यापार में विकास देता है तथा घर पर इसका नित्य पूजन करने से संपूर्ण दांपत्य सुख प्राप्त होता है यदि पूरे विधि विधान से इसका पूजन यदि प्रत्येक दीपावली की रात्रि को संपन्न कर लिया जाय तो उस घर में साल भर किसी प्रकार की कमी नही होती है-

8- अपने आसपास के वातावरण में इनका प्रयोग किया जा सकता है जैसे ऑफिस में मेज पर रखकर या रोगी के बिस्तर के आसपास या तकिए के नीचे रखकर ऊर्जा शक्ति के क्षेत्र को बढाया जा सकता है-

9- स्फटिक शक्तिवर्घक प्रकृति का यह अनमोल सुरक्षा कवच मन, रोग एवं भावनाओं के उद्वेग को शांत कर शरीर व मन की शिथिलता को दूर कर स्वास्थ्य लाभ देता है-

10- स्फटिक(Sphatik)आत्मविश्वास और निर्भयता प्रदान कर व्यक्तित्व को निखारता है तथा आघ्यात्मिक विकास में सहयोग करता है-

नोट- असली स्फटिक आप जहाँ से भी लें गारंटी के साथ ले 

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