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17 जून 2017

जोड़ों के दर्द का अचूक इलाज

हमेशा से मनुष्य जोड़ों के दर्द(Joint Pain)यानी संधि-पीड़ा रोग(Rheumatoid Arthritis)से जूझता रहा है काफी लोग इस जिद्दी रोग से पीड़ित लाचारी का जीवन जीने को मजबूर है घुटनों का दर्द(Knee Pain)विभिन्न वात-रोग एक बहुत बड़ी समस्या बने हुए है बहुत से लोग पच्चपन और साठ साल की आयु तक पहुँचते- पहुँचते इस व्याधि से पीड़ित हो जाते है और फिर व्यक्ति एलोपैथिक डॉक्टर के पास जाता है वहां डॉक्टर पेनकिलर दवाएं दे देता है लेकिन बस कुछ वक्त के लिए ही राहत मिलती है जैसे ही दवाओं का असर खत्म होता है स्थिति वापस पुन:लौट आती है और सबसे मजे की बात ये है एलोपैथिक डॉक्टर भी ये जानता है कि इसे जड़ से खत्म नहीं कर सकता है और पेशेंट को दवा दिए चला जाता है-

जोड़ों के दर्द का अचूक इलाज


दर्द निवारक(Painkiller)के बार-बार लेने से आपके गुर्दों(Kidney)को भी नुकसान पहुँचता है कई दर्द निवारक तेल भी उपलब्ध है आपको इनसे राहत तो थोड़ी बहुत मिलती है मगर स्थाई लाभ उससे भी नहीं मिल पाता है -

आयुर्वेद में इस पीड़ा से मुक्त होने के अनेको उपाय बताये गए है आज "Upcharऔर प्रयोग" एक ऐसा ही नुस्खा आपके लिए लाया है जिसे प्रयोग करके आप इस पीड़ा से काफी हद तक निजात पा सकते है-

जॉइंट पेन(Joint Pain)के लिए आज एक विशेष लाभकारी पाक बनाना बतायेगे जो हर्बल(Herbal)होने के साथ-साथ आपके शरीर को किसी भी प्रकार से क्षति भी नहीं पहुंचाएगा-

जोड़ो के दर्द(Rrthritis Treatment) का इलाज-


लाभकारी पाक-

सामग्री-

सोंठ- 5 ग्राम 
काली मिर्च- 5 ग्राम
पीपर- 5 ग्राम
पीपरामूल- 4 ग्राम
चित्रक मूल- 4 ग्राम
च्वय- 4 ग्राम
धनिया- 4 ग्राम
बेल की जड़- 4 ग्राम
अजवायन- 4 ग्राम
सफ़ेद जीरा- 4 ग्राम
काला जीरा- 4 ग्राम
हल्दी- 4 ग्राम
दारुहल्दी- 4 ग्राम
अश्वगंधा- 4 ग्राम
पाठा- 4 ग्राम
बायबिडंग- 4 ग्राम
गोखुरू- 4 ग्राम
खरैटी- 4 ग्राम
हरड- 4 ग्राम
बहेड़ा- 4 ग्राम
आंवला- 4 ग्राम
शतावरी-4 ग्राम
मीठा सुरेजान- 4 ग्राम
शुद्ध कुचला- 4 ग्राम
बड़ी इलाइची- 4 ग्राम
दालचीनी- 4 ग्राम
तेजपात- 4 ग्राम
नागकेसर- 4 ग्राम
योगराज गुग्गल- 7.5 ग्राम 
शुद्ध कपूर- 500 मिलीग्राम 

उपरोक्त सभी सामग्री को कूट-पीस छान कर तैयार करे- 

एरंड बीज गिरी- 250 ग्राम 
शुद्ध घी- 130 ग्राम 
गाय का दूध- आधा किलो 
खांड- आवश्यकता अनुसार 

बनाने की विधि-


एरंड बीज की गिरी को पीस कर गाय के दूध में मिला कर मावा तैयार करे फिर तैयार मावा को घी में मिलाकर भून ले फिर उसमे खांड की चाशनी बना ले और चाशनी को मिला ले अब उपर तैयार किये सामग्री को अंत में मिला दे इस प्रकार ये पाक बन जाता है-

मात्रा-


10 से 15 ग्राम दिन में दो बार दूध के साथ ले-

गुण-उपयोग-


इस पाक का सेवन नियमित कुछ दिन करते रहने से विभिन्न प्रकार के वात-विकार, आमवात, शूल, सूजन, वृषण वृधि एवं उदरशूल आदि में लाभ करता है-

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