Alopecia-एलोपेसिया और उपचार

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गंजापन(Baldness)की स्थिति में सिर के बाल बहुत कम रह जाते हैं गंजापन की मात्रा कम या अधिक हो सकती है गंजापन को एलोपेसिया(alopecia)भी कहते हैं-यह जब असामान्य रूप से या बहुत तेजी से बाल झड़ने लगते हैं तो फिर नये बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर वे पहले के बाल से अधिक पतले या कमजोर उगते हैं इसके चलते बालों का कम होना या कम घना होना शुरू हो जाता है और ऐसी हालत में सचेत हो जाना चाहिए क्योंकि यह स्थिति गंजेपन(Baldness)की ओर जाती है-

Alopecia


एलोपेशिया मुख्यत:तीन प्रकार के है-

एंड्रोजेनिक एलोपेसिया(Androgenic alopecia) - 

यह सर्वाधिक आम(ordinary)है और महिलाओ से ज्यादा पुरुषों को होता है इसीलिए इसे पुरुषों का गंजापन(Men's baldness)भी कहा जाता है यह स्थायी किस्म(stable)का गंजापन है और एक खास ढंग से खोपड़ी पर उभरता है यह कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर पीछे की ओर बढ़ता है यह जवानी के बाद किसी भी उम्र में शरू हो सकता है और व्यक्ति को आंशिक रूप(Partially)से या पूरी तरह गंजा कर सकता है इस किस्म के गंजेपन के लिए मुख्यत: टेस्टोस्टेरॉन(Testosterone)नामक हारमोन(hormone)संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता(heredity)जिम्मेदार होती है-


एलोपेसिया एरीटा(Alopecia Areeta)-

इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों में जहां-तहां के बाल गिर जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच(patch) लगा सा दिखता है इसकी वजह अब तक अनजानी है, पर माना जाता है कि यह शरीर की रोगप्रतिरोधी शक्ति (Immunological potency)कम होने के कारण होता है-

ट्रैक्शन एलोपेसिया(Traction alopecia)-

यह लंबे समय तक एक ही ढंग से बाल के खिंचे रहने के कारण होता है जैसे- कोई खास तरह से हेयरस्टाइल(Hair Style)या चोटी रखना- लेकिन हेयरस्टाइल बदल देने यानी बाल के खिंचाव को खत्म कर देने के बाद इसमें बालों का झड़ना रुक जाता है-

क्या कारण है(What is the reason)-

आनुवंशिक कारणों या उम्र बढ़ने से या हारमोन में परिवर्तन(Hormonal changes)से भी ये रोग होता है -

गंभीर रूप से बीमार पड़ने या बुखार होने से या फिर किसी खास चिकित्सीय कारण(Special medical reasons)- जैसे कैंसर केमोथेरेपी(Cancer Chemotherapy)या अत्यधिक विटामिन ए(Excessive Vitamin A)की वजह से होता है -

भावनात्मक या शारीरिक तनाव(Emotional or physical stress)की वजह से या एक खास ढंग से बाल को लंबे समय तक खींचे रखने से भी बाल कम होते है -

उपचार -दवाओं के इस्तेमाल से(use of drugs)-

माइनोक्सिडिल(Mainoksidil)नामक दवा का इस्तेमाल कम बाल वाले हिस्सों पर रोज करने से बाल गिरना रुक जाता है तथा नये बाल उगने लगते हैं- यह दवा रक्त वाहिनियों(blood vessel)को सशक्त बनाती है जिससे प्रभावित हिस्सों में रक्तसंचार(blood circulation)और हारमोन की आपूर्ति(Hormone supplements)बढ़ जाती है और बाल गिरना बंद हो जाता है- एक और फाइनस्टराइड(Fainstraid)नामक दवा की एक टेबलेट रोज लेने से बालों का गिरना रुक जाता है तथा कई मामलों में नये बाल भी उगने लगते हैं-

ये दवाएं बालों का गिरना कम तो कर सकती हैं पर अधिकांश मामलों में देखा गया है कि दवाएं लेना बंद कर देने से नये उगे बाल पुन: झड़ जाते हैं इनसे खोपड़ी खुजलाने जैसे कुछ साइड इफेक्ट(side effect)होना भी आम बात है-

इनके अलावा एक  कोर्टिकोस्टराइड(Kortikostraid)नामक एक इंजेक्शन भी है जो एलोपेसिया एरीटा(Alopecia Areeta)के मामले में खोपड़ी की त्वचा(skin of the scalp)में दी जाती है यह उपचार आम तौर पर हर महीने दोहराया जाता है कई बार डॉक्टर एलोपेसिया एरीटा के चलते अत्यधिक बाल गिरने पर कोर्टिकोस्टराइड(Kortikostraid)टेबलेट खाने की सलाह भी देते हैं-

उपचार-केश प्रत्यारोपण (hair transplantation)-

इसके तहत सिर के उन हिस्सों जहां बाल अब भी सामान्य रूप से उग रहे होते है वहां से केश-ग्रंथियां(Hair glands)लेकर उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्सों में ट्रांसप्लांट(Transplant)किया जाता है इसमें त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा(risk of infection)बहुत कम होता है और उन हिस्सों में कोई नुकसान होने की संभावना कम होती है जहां से केश-ग्रंथियां(Hair glands)ली जाती है-

उपचार-कॉस्मेटिक (Treatments-Cosmetic )-

गंजेपन से प्रभावित हिस्से को ढंकने के लिए विशेष रूप से निर्मित बालों(Synthetic hair)का प्रयोग किया जा सकता है यहां ध्यान देने की बात यह है कि इन बालों के नीचे की खोपड़ी को नियमित रूप से धोते रहना जरूरी है, इसमें किसी किस्म की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए- 

एक और तरीका है कृत्रिम बालों की बुनाई कराना जिसके तहत मौजूदा बालों के साथ कृत्रिम केशों की बुनाई की जाती है-

आयुर्वेदिक उपचार(Ayurvedic treatments)-

सिर में गंजापन हो या एलोपेशिया की बीमारी हो- तो नारियल के तेल में ततैये के तीन चार छत्ते और दो सौ ग्राम गूलर के पत्तों का रस डालकर पकाएं -जब केवल तेल बच जाए -तो उस तेल की मालिश करें तथा इसके अलावा कौड़ी को नीबू के रस में डालकर रखें - जब वह घुल जाए तो उसकी मालिश सिर पर प्रतिदिन करने से भी गंजापन दूर होता है-

देखे-

Beard-ढाढ़ी या मूंछ के बाल white-सफेद होना

Upcharऔर प्रयोग-

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