Homeopathy-Arm bone fracture-बाँह की हड्डी का फ्रेक्चर

Arm bone fracture

डबरा में मेरे एक मित्र सिसोदिया जीते बडे भाई की एक छोटी सी दुर्घटना में दाहिने बाहँ की हड्डी टूट गई थी और सरकारी अस्पताल में उस पर प्लास्टर चढा दिया गया -शाम को जब मैं उन्हें देखने पहुचा तो देखा कि उंगलियों में कुछ नीलापन दिखा - मुझे लगा कि जरूर कोई नस दब गई है जिससे खून का प्रवाह रुक गया है -तुरन्त प्लास्टर कटवाया गया क्योंकि गेग्रीन होने का खतरा था-


दूसरे दिन उम्हें लश्कर(ग्वालियर) में आंर्थोंपैडिक डॉक्टर डॉ.बालचन्दानी जी को दिखाया गया - उन्होने दुवारा प्लास्टर कर दिया- किन्तु एक वर्ष तक इलाज चलने के बाद भी हड्डी नहीं जुडी - उन्होने मनों हडजुडी का रस पी लिया और जिसने भी जो कुछ बताया सो किया मगर हड्डी नहीं जुडी - इसके बाद उन्हें आल इण्डिया इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साइन्स,दिल्ली मे दिखाया गया - उन्होंने उसकी नेलिंग कर दी पर फिर भी हड्डी नही जुडी और कष्ट उठाते-उठाते दो साल बीत गये - सिसोदियया जी की दौलत गंज लश्कर में रेडियो इलेक्ट्रोनिक्स नाम की दुकान थी - इस बीच में मेरा स्थानान्तर भी ग्वालियर हो गया - एक दिन मेँ दुकान पर बैठा था तो उन्होंने कहा कि मेरा दाहिना हाथ है, मेरे बच्चे अभी छोटे छोटे हैं ओर मैं दो साल से परेशान हूँ-तुम इतने बडे डॉक्टर हो तुम भी कुछ नहीं करते- 

मैंने उनसे कहा कि आप कह रहे हैं कि मैं बडा डॉक्टर हूँ  पर क्या आपने मुझ से कभी सलाह ली या कुछ इलाज़ करने को कहा अब वे थोडा झिझके -पूछा तुम इसमें क्या कर सकते हो - मैंने कहा अधिक से अधिक जोड ही सकता हूँ और तो इससे अधिक करूँगा क्या -तब वे बोले करो इलाज़ - मैंने दवा लिख दी जो उन्होंने मंगाकर खाना शुरू कर दी-

दुकानों पर तो प्राय: सभी प्रकार के लोग आते रहते हैं - इनकी दुकान पर भी एक होम्योपैथक डॉक्टर आ गये और हाथ में प्लास्टर चढा देखकर पूछा क्या हो गया -उन्होंने कहा फेक्चर है - वे बोले इसका तो होम्योपैथी से बहुत अच्छा इलाज़ होता है - उन्होंने कहा होम्योपैथिक दवा ही ले रहा दूँ और दवा की शीशी उनके हाथ में पकड़ा दी - उसे देख कर वे बोले ये दवा तो किसी बेवकूफ ने लिखी होगी - वे बोले नहीं तो - डाँक्टर साहब ने कहा फिर कोई नया होगा - उन्होंने कहा नहीं तो वे तो बहुत अनुभवी है - वे बोले तो फिर वह आपका कोई दुश्मन है -सिसोदिया जी ने उनसे पूछा कि आप ऐसा क्यों कह रहे है तो उन्होंने कहा कि यह हड्डी जोडने की नहीं हड्डी काटने की दवा है- सिसोदिया जी भीतर से बाहर तक हिल गये - बात भी ठीक है कि जो व्यक्ति दो साल से कष्ट उठा रहा हो ओर उसे कोई गलत दवा दे दे तो दुख तो होगा ही-

दो एक दिन बाद मेरा फिर उधर जाना हुआ - वे तो गुस्से में भरे बैठे थे सो मेरे ऊपर फट पडे - बोले मुझसे तुम किस जनम की दुश्मनी निकाल रहे हो - मै हँसता रहा - वे बोले हाँ, मेरे रोने के दिन है और तुम्हारे हँसने के दिन है - मैंने कहा कि भाई साहब अगर आप रोये तो मेरा हँसना तो रोने से भी बुरा होगा - वे बोले उल्टी दवा लिखने के लिये तुम्हें और कोई नहीं मिला - मैं अब यहाँ बता दूँ कि मैंने उन्हें 'केल्केरिया फ्लोर 30ऐक्स' लेने को लिखा था - मैंने उन्हें समझाया कि अपके हाथ की हड्डी इसलिये नहीं जुड पा रही क्यों कि उसके बीच में गैप रह जाने के कारण दोनों ओर के सिरों के मुंह बन्द होगये हैं - ऐसे में कैलस का बहाव कैसे हो सकता है - फ्रेक्चर ऐसी जगह हुआ है जहॉ और कोई दुसरी हड्डी भी नहीं है मेरे पास ऐसा कोई छेनी हथीडा तो है नहीं जो मैं उसे खोल सकूं इस लिये मैंने जानबूझ कर हड्डी काटने की दवा लिखी है - जब मुह खुल जायेगा तो बारीक- बारीक रेशों में कैलस निकलना शुरू होगा तब ऐक्स-रे में देख कर हड्डी बढाने की दवा दूँगा - वे संतुष्ट हो गये और बोले मुझे तुम्हारा पूरा बिश्वास है देखो दवा तो मैं खा ही रहा  हूँ-

बाद में 'केल्केरिया फांस 6ऐक्स' तथा 'सिम्फासटम 30' आदि दवायें देने से हड्डी जुड गई -एक दिन मैंने उन्हे दुकान पर घन चलाते तथा घर पर भरी बाल्टी जीने से ऊपर ले जाते देखा तो रोका, भाई साहब ये क्या करते हैं आप - मेरे भतीजे-भतीजी अभी छोटे-छोटे है - उन्होंने कहा, कोई बात नहीं मेरा छोटा भाई बहुत बडा डॉक्टर है-

मेरे चिकित्सा जीवन में यह केस एक मील का पत्थर है जिसकी स्मृति चिरस्थाई रहेगी-

मेरी होम्योपैथी सभी पोस्ट यहाँ है 

प्रस्तुतीकरण - Upcharऔर प्रयोग 
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