गले का फोड़ा-Throat Abscess

गले का फोड़ा-Throat Abscess

गले का फोड़ा-Throat Abscess

यह मरीज एक 65 वर्ष की महिला थी जो हमारे एक सम्बन्धी के घर के सामने रहती थी एक दिन अचानक मै उनके घर पहुँच गया-उन्होंने मुझसे कहा क्या मै उनकी एक सहेली को देख सकता हूँ मैने उनसे कहा कि किसी के कहने से मै किसी के घर मरीज देखने नहीं जाता हूँ-हाँ यदि मरीज बुलाता है तो जा सकता हूँ-

तब तक बच्चो के द्वारा उन्हें मेरे आने का पता चल गया और उन्होंने अपने लड़के को मुझे बुलाने के लिए भेज दिया -जाकर मरीज को देखा-गले में दर्द,सूजन,निगलने में कठिनाई के अतिरिक्त नींद की गंभीर समस्या थी- गहरी नींद में जाते ही नींद का उचटना फिर बहुत बैचेनी,घबराहट आदि होना फिर नींद और फिर यही उपक्रम-

एलोपैथिक नाक,कान,गला विशेषज्ञों के इलाज से दशा बिगडती ही जा रही थी-मैने उन्हें 'लेकेसिस30' दवा लिख कर दे दी और सारी स्थितियों के अनुसार सावधानी बता दी और चला आया-

इस केस में एक विचित्र कथा सामने आई-हुआ यह कि रोगिणी के पति एक बहुत ही सीधे सादे,सज्जन,रिटायर्ड आदमी थे-वे अपनी पत्नी के बिमारी से बहुत चिंतित थे-उन्हें पता लगा कि नई सड़क(ग्वालियर)पर किसी देवता की चौकी भरती है और वहां लोगो की मनोकामनाये पूर्ण होती है-

"हारे को हरि नाम" समझ कर वे भी वहां पहुँच गए- हाँल के अंदर अत्यधिक भीड़ होने के कारण वे बेचारे बाहर ही बरामदे में,जहाँ लोगो के जूते-चप्पल उतरे थे एक टूटी सी बेंच पर जाकर बैठ गए-थोड़ी देर में देवता की सवारी आई-लोगो की पेशी होने लगी-कुछ देर बाद देवता ने कहा कि जाओ,बाहर जो बैंच पर बुजुर्ग बैठे है उन्हें बुला लाओ -वे गए, देवता ने उनसे पूँछा आप वहां क्यों बैठे है ?उन्होंने कहा महराज !मै बहुत परेशान हूँ-मेरी पत्नी की तबियत बहुत खराब है -मै आपसे उन्हें ठीक करने की प्रार्थना करने के लिए आया हूँ-

देवता ने कहा कि आप चिन्ता मत करिए-आपकी पत्नी ठीक हो जायेगी -आपके घर डॉक्टर पहुँच चुका है और उन्होंने मेरा हुलिया भी बता दिया -आप उनका ही इलाज कराना,जाओ सब ठीक हो जाएगा-वे सीधे अपने घर पहुंचे और पूछा कि कोई डॉक्टर आया था ? घरवालो ने बताया डॉक्टर तो नहीं आया,सामने वालो के दामाद आये थे-वे कुछ होम्योपैथी वगैरह करते है सो दवा भी लिख गए है-क्या वे येसे-येसे थे कह कर उन्होंने मेरा हुलिया बखान कर दिया -घरवालो ने पूछा आप ये सब क्यों पूछ रहे है-उन्होंने कहा कि मै चौकी पर गया था तो देवता ने मुझे बताया है-

रात को उनका फोड़ा फूट गया और मवाद वगैरह निकल गया -मरीज ने रात को ही मुझसे मिलने की जिद की परन्तु उनके बड़े बेटे नहीं माने और अगले दिन फिर विशेषज्ञों को दिखा दिया-हालत फिर बिगड़ने लगी तो फिर मेरे पास लाये-बाद में उन्होंने लम्बी जिन्दगी जी-

आप हमारी सभी पोस्ट होम्योपैथी के केस की एक साथ इस लिंक पे जाके देख सकते है -

लिंक- Disease-Homeopathy
  • मेरा पता-
  • KAAYAKALP
  • Homoeopathic Clinic & Research Centre
  • 23,Mayur Market, Thatipur, Gwalior(M.P.)-474011
  • Director & Chief Physician:

  • Dr.Satish Saxena D.H.B.
  • Regd.N.o.7407 (M.P.)
  • Ph :    0751-2344259 (C) 0751-2342827 (R)
  • Mo:    09977423220
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