2 सितंबर 2017

किशमिश के स्वास्थ लाभ क्या हैं

Benefits of Raisins


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi



किशमिश (Raisins) को सभी लोग जानते है हर घर में सभी लोग किसी न किसी रूप में प्रयोग करते है लेकिन क्या आपको पता है कि किशमिश एक औषिधि भी है इसे किन-किन रोगों के लिए प्रयोग में लिया जा सकता है और इसके क्या लाभ है आइये जाने इसके क्या लाभ है-


किशमिश के स्वास्थ लाभ क्या हैं

धातु-क्षीणता (Semen impairment) में लाभकर-


दो माह तक नियमित रूप से सुबह के समय नाश्ते में यदि 25 ग्राम किशमिश (Raisins) का उपयोग किया जाता है तो यकीन माने धातुक्षीणता (Semen impairment) की बीमारी समाप्त हो जाती है-

अंडकोष (Testicles) का फूल जाना-


बहुत से लोगो को अंडकोष में पानी भरने की शिकायत रहती है तथा अंडकोष फूल जाता है तो आप कुछ दिन तक किशमिश (Raisins) का सेवन शुरू कर दे आपको लाभ मिल जाएगा-

पीलिया (Jaundice) में इसके लाभ-


पीलिया की बिमारी यकृत (लीवर) की कमजोरी और शरीर में खून की कमी (Anemic) के कारण होती है लेकिन किशमिश में लौह तत्व या आयरन बहुत अधिक मात्रा में मौजूद रहता है जो खून को बढाने में आपकी मदद करता है यकृत की कमजोरी के कारण पीलिया के रोगी अक्सर कब्ज (Constipation) से ग्रस्त रहते है किन्तु किशमिश की प्रकृति दस्तावर एवं कब्जनाशक है इन्ही कारणों से पीलिया के रोगियों के लिए किशमिश का सेवन बहुत ही लाभकारी है -

मुंह की दुर्गन्ध (Mouth deodorant) से छुटकारा-


कफ-विकृति, अजीर्ण, अपच आदि कारणों से यदि मुख से दुर्गन्ध आती हो-तो कुछ दिनों तक नित्य किशमिश को मुंह में चबा-चबाकर खाने से मुख की दुर्गन्ध दूर हो जाती है-

सावधानियां-


किशमिश में कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) की मात्रा बहुत अधिक (77.3%) होती है इसलिए डायबिटीज के रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए किशमिश दस्तावर होती है इसलिए अतिसार रोगियों को किशमिश के सेवन से बचना चाहिए इसकी तासीर भी गर्म होती है इसलिए उन बच्चो के लिए भी किशमिश का सेवन हानिकारक है जो ग्रीष्म और वर्षा ऋतु में फोड़े-फुन्सी के शिकार हो जाते है-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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