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25 जुलाई 2016

Urticaria-शीतपित्त का Treatment

Urticaria-शीतपित्त को छपाकी या पित्ती उछालना भी कहा जाता है शीतपित्त रोग में Hives(तीव्र खुजली) के साथ उत्पन्न होने वाले दादोड़े समस्त शरीर में विभिन्न आकार में भी हो सकते है रोग की chronic urticaria(तीव्र-अवस्था) में हल्का बुखार तथा वमन भी हो सकती है इसकी उत्पत्ति किसी एलर्जिक प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरूप भी मानी जाती है -

Urticaria

Hives-पित्ती होने के लक्षण-

  1. शरीर पर एकाएक चकत्ते से उभर आते है और इन चकत्तों में stress hives(तेज खुजली) होती है और फिर इससे शरीर लाल हो जाता है -
  2. चकत्ते उभरते ही माथा,सिर,कान,नाक,और चेहरे का जादातर हिस्सा कुछ सूज जाता है -
  3. वमन और मितली भी हो सकती है-
  4. चकत्तों के किनारे लाल रंग के होते है-
  5. आमतौर पर ये urticaria(पित्ती)  छाती और पेट पर निकलते है-
  6. Urticaria in children(बच्चो में चकत्तों) के अतिरिक्त ये पीडिकाये और फफोले के रूप में हो सकते है-

Urticaria-आसान Treatment -

  1. शीतपित्त के चकत्ते निकलने पर गर्म जल पिलाकर रोगी को कम्बल ओढ़ाकर सुला दे-इससे पसीना आएगा और रोगी को आराम होगा-
  2. गेरू का लेप करे या फिर सरसों के तेल में गेरू को पीस कर मिला कर उसकी रोगी के शरीर पे मालिस करे तथा कम्बल ओढ़ाकर सुला दे-
  3. चक्रमर्दमूल का चूर्ण घी में मिलाकर दे-
  4. त्रिफला चूर्ण दो ग्राम,पिप्पली आधा ग्राम,दिन में दो बार शहद से दे-
  5. गाय का घी 20 ग्राम,काली मिर्च का चूर्ण 10 ग्राम को आपस में मिला ले रोगी को 1 ग्राम से 3 ग्राम दे -
  6. महागंधक रसायन 250 मिलीग्राम ,गिलोय सत्व 1 ग्राम ,शहद और कच्ची हल्दी के स्वरस से सेवन कराये-

यूनानी योग-

पोदीना 6 ग्राम जल में घोटे और इसमें 10 ग्राम शक्कर मिलाकर दिन में दो बार पिलाए -

एक और अन्य  प्रयोग-

हल्दी 250 ग्राम ,काली मिर्च ,फिटकरी,तथा सोना गेरू 125 मिलीग्राम के अनुसार ,दूर्वा घास का स्वरस 250 मिलीग्राम -इन सभी को लेकर जल की सहायता से अच्छी तरह घोटे -अब तो किलो शक्कर में 5 मिलीलीटर चूने का पानी मिलाकर चाशनी तैयार करे -उपरोक्त सभी सामग्री मिलाकर अच्छी तरह उबाले-फिर छानकर रख ले तथा रोगी को इसमें से 25 मिलीलीटर की मात्रा में दिन में दो बार पिलाए-


Upcharऔर प्रयोग-

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