Homeopathy-Chronic Kidney inflammation-गुर्दे की पुरानी सूजन

Chronic Kidney inflammation

डबरा(ग्वालियर) के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डाक्टर अहमद साहब को लगभग आठ वषों से- तब से जब वे मेडिकल कालेज में पढते थे क्रोनिक नेफाइटिस की तकलीफ़ थी तेज दर्द, पेशाब में जलन आदि सारे लक्षण थे -एलोपैथिक दवाइयों निष्फल हो चुकी थी - डाँक्टर गौड साहब ने मुझे दिखाने का सुझाव दिया - मैंने जाकर देखा और उनके लक्षणों का अध्यन किया - वेसे तो दवा देने मैँ किसी के यहाँ जाता नहीं हूँ पर उस दिन मेरा एक मित्र आया हुआ था - उसे छोडने मुझे बस स्टेण्ड तक आना ही था सो मैंने कह दिया कि आधे घन्टे में मैं इधर आ ही रहा हूँ आपकी दवा भी लेता आऊँगा -

दवा ले कर जब मैं पहुंचा तो उनकी पत्नी जो स्वयं डाक्टरनी हैं वे भी आ गई - वे कहने लगी कि रात को इनको बहुत दर्द होता है इंजेक्शन लगाने पडते हैं तथा सिकाई आदि भी करनी पडती है - आपकी होम्योपैथी दवा से तो लाभ होने में इन्हें बहुत समय लगेगा - उनकी पत्नी जी होम्योपैथिक दवा देने के कतई भी मूड में नहीँ थीं - मैं भी धर्मसंकट में फँस गया हमने सोचा कि पहिले तो मुझे बुलाया और अब जब मेँ दवा ले कर आया तो दवा लेने से इंकार हो रहा है- 


मैं भी कुछ अपमानित सा महसूस कर रहा था आखिर में डॉक्टर साहब ने कहा कोई बात नहीं है आप दवा दीजिये - मै दवा खाऊँगा - मैं भी कुछ जोश में आ गया और मैंने कहा मैडम- इनको जो कुछ होना है आज की तारीख में ही होना कल से नहीं -यह कह कर मैंने 'केन्थरिस 1000' की एक पुडिया उनके मुह में डाल दी दूसरी पुडिया आधे घन्टे के बाद लेने के लिये कह दिया और 'मेग्नेशियाफांस 6एक्स' की 15-20 गोलियाँ आधा कप गुनगुने पानी में घोल कर रख दी और बता दिया कि यदि दर्द हो तो दो-दो चम्मच दबा 10-10 मिनट से पी ले - 

कल सुबह सात बजे मेँ आपको देखने के लिये फिर आऊँगा दूसरे  दिन सुबह पहुंचने पर डॉक्टर साहब को मैंने अपने बंगले के बगीचे में टहलते देखा - मैंने उन से कहा कि ये उपाय क्या कर रहे है- आपको तो हिलने डुलने के लिये भी मना किया गया था-वे बोले मुझे दर्द वैगेरह तो कुछ है नहीं- कई दिनों से पडे-पडे परेशान हो गया था, सोचा छोडा टहल लूँ -

आप कहते है तो में लेट जाता हूँ तब मैंने कहा मेरी तरफ से कोई भी मनाही नहीं है यदि अगर आप दौड लगा सकते हो तो दौड़ भी लगा लें -इतने में आँखे मलते हुए मैडम भी आ गई -डॉक्टर साहब को बिस्तर पर न देख कर वे भी कुछ घबराई हुई थी - मैंने कहा कहिये मैडम रात को कितनी बार इंजेक्शन लगाये, कितनी बार सिकाई की - उन्होने कहा कि दूसरी खुराक खाते ही ये सो गये -मैं भी तीन-चार रातों से जगी हुईं थी सो में भी सो गई--आप इन्हें से पूछिये रात का हाल-

"वेर्वेरिस वल्गेरिस" मूल अर्क की 5-5 बूंदें दिन में दो बार एक माह तक लेने के बाद सब कुछ ठीक हो गया -दबा बन्द कर दी - वैसे ग्वालियर  जाकर पिक्चर तो वे तीसरे दिन ही देख आये थे-

मेरा पता है -

होम्योपैथी दवा के लिए रोगी ही फोन करे ताकि उसके लक्षण(Symptoms) को जाना जा सके केवल बेमतलब जानकारी मात्र के लिए डिस्टर्व न करे-

KAAYAKALP

Homoeopathic Clinic & Research Centre

23,Mayur Market, Thatipur, Gwalior(M.P.)-474011

Director & Chief Physician:

Dr.Satish Saxena D.H.B.

Regd.N.o.7407 (M.P.)

Mob :  09977423220(फोन करने का समय - दिन में 12 P.M से शाम 6 P.M)

Dr. Manish Saxena

Mob : -09826392827(फोन करने का समय-सुबह 10A.M से शाम4 P.M.)

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प्रस्तुतीकरण- Upcharऔर प्रयोग-
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