29 मार्च 2016

शोक मुक्ति का इलाज-Treatment Mourning liberation

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शोक मुक्ति का इलाज-Treatment Mourning liberation

शोक मुक्ति का इलाज-Treatment Mourning liberation

मेरे पडोस में कई मुस्लिम परिवार रहते थे एक मित्र के चार वर्षीय बेटे की मृत्यु हो गई- माँ शोक से हाल-बेहाल हो गई-समझाने बुझाने का कोई असर नहीं था दीवाल से सिर पटक-पटक कर सारा माथा सुजा लिया और हालत बहुत दयनीय हो गई तब वे मेरे पास आये और बोले बच्चा तो चला गया अब बीबी भी जा रही है बचा सकते हो तो बचा लो- 

तत्काल होने वाले शोक,हानि,आदि अकस्मिक घटनाओं के दुस्प्रभाव को दूर करने के लिए 'इग्निशिया' की बहुत प्रशंसा की गई है इसलिए इसकी 1000 पोटेंसी की दो खुराकें आधे-आधे घन्टे से दी गई -आवश्यक होने के कारण मै आफिस चला गया किन्तु मन में बहुत चिन्ता बनी रही-रह-रह कर मन में विचार आता रहा कि जाने उस बेचारी का क्या हाल होगा-

आफिस से वापस आते ही उनके घर गया-बाहर के दरवाजे से सामने ही उनका रसोई घर था-बाहर से ही मैने उसे हांड़ी पकाते हुए देखा-उसे सामान्य देख कर मै निश्चिन्त हो गया बाद में 'आर्निका' और सिर की चोट को देखते हुए 'नेट्रम सल्फ़' देकर चिकित्सा पूर्ण कर दी गई -

  • मेरा पता-
  • KAAYAKALP
  • Homoeopathic Clinic & Research Centre
  • 23,Mayur Market, Thatipur, Gwalior(M.P.)-474011
  • Director & Chief Physician:

  • Dr.Satish Saxena D.H.B.
  • Regd.N.o.7407 (M.P.)
  • Ph :    0751-2344259 (C) 0751-2342827 (R)
  • Mo:    09977423220

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