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26 जुलाई 2017

सच्चे प्यार(True Love)का पता कैसे लगाएं

आपने मेरी पिछली पोस्ट में आप ने पढ़ा कि लक्षण जानकार समझे कि आपको प्रेम(Love)हुआ है लेकिन अब ये भी समझे कि सच्चा प्यार है या सेक्स का आकर्षण है चलिए ये भी जानते है क्युकि यदि आप अभी-अभी रिलेशन में आए हैं और किसी अजनबी के बारे में ये बात तय करना कि वो आपसे सच्चा प्रेम करता है या किसी मनसा यानी की सेक्स अपील के कारण आपके करीब आने की कोशिश कर रहा है तो ये सात बाते आपकी मदद करेंगी उसे समझने के लिए-

How to find out True Love


जी हाँ ये प्यार अंधा होता है ये बात किताबी नही है  अगर आपका पार्टनर आपसे सच्चा प्यार करता है तो वो आपको आपकी सारी कमियों के बावजूद भी अपनाएगा और उसके मन में पाप होगा तो वो बातों को इग्नोर करके सीधे मुद्दे पर आने की कोशिश करेगा-

दूसरी और महत्वपूर्ण बात ये है कि आप उसके साथ अपने आप को कितना सेफ महसूस करते हैं अगर उसका प्यार सच्चा है तो ये फिलिंग आपको खुद ब खुद बता देगी की सच्चाई क्या है-

आप पहले ये जान लें कि आप उस इंसान को कितने समय से जानते हैं और उस पर कितना विश्वास करते हैं अगर आपको ये लगता है कि अभी उसे और जानना बाकी है तो आप कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा समय उसके साथ बिताएं-

ये जानें कि आपका पार्टनर सेक्स को लेकर कितना कंसर्न है क्या वो हर वक्त सेक्स की ही बाते करता है या ये कहता है कि सेक्स करने से प्यार बढ़ता है तो हम आपको ये बता दें कि ये केवल मिथ्या  है- हां सेक्स प्यार का एक हिस्सा है ना कि ये अहम हिस्सा है-ये भी जान लें कि आप सेक्स को किस रूप में लेते हैं अगर आपको इसके लिए सहजता महसूस नही हो रही है तो आप उसे समझा सकते हैं और उसके प्यार को परख सकते हैं-

क्या आपका पार्टनर हर वक्त किसी दूसरे इंसान के बारे में सोचता रहता है या उसकी बाते करता रहता है तो ये जान लें कि प्यार में कमी है-कमी दोनो में से किसी की भी तरफ से हो सकती है या तो आप उसको पूरा प्यार नही दे पा रहे हैं या वो आपको लेकर सिरियस नहीं है केवल हवस के लिए आपके करीब आना चाहता है-

ये जान लें कि आपका पार्टनर आपकी बातों की कितनी परवाह करता है क्या आप उसकी बातों को सही साबित करने के लिए अपने परिवार और दोस्तों तक से झगड़ लेते हैं और वो इसको किस तरह से लेता है हर बहस को एक उचित तरीके से विराम देना चाहिए और समझना चाहिए की पार्टनर को इस बात की कितनी परवाह है ये आपको उसके प्यार की सच्चाई से रूबरू कराएगा-

सच्चे प्यार को तब तक सच्चा नहीं माना जा सकता जब तक की दोनो कि फिलिंग एक सी ना हो जाए- शादी की बात या अपने रिश्ते को अपने दोस्तों या परिवार के साथ शेयर करने से पहले दोनों इस बात के लिए राजी होना चाहिए- दोनो में से किसी एक को भी कोई प्रोब्लम है तो जान लें कि प्यार में कुछ कमी है-

दो प्‍यार करने वाले हमेशा अपनी जिंदगी एक साथ गुजारना चाहते है और इसीलिए वह शादी के बंधन में बंध जाना पसंद करते है- इस अवसर को वह अपने जीवन का सबसे खास पल मानते है- सच्‍चे प्‍यार को इन लक्षणों से आसानी से समझा जा सकता है- आखिर शादी दुनिया का सबसे पवित्र रिश्‍ता जो है-

प्यार या इश्क के रहस्य को ढूंढने के उधेडबुन से परेशान होकर ही किसी विद्वान पुरुष ने संस्कृत के इस श्लोक की रचना की होगी-

" स्त्रियश्चरित्रं पुरुषस्य भाग्यं दैवो न जानाति कुतो मनुष्य:"

आखिर स्त्रियां के मन की थाह लेना पुरुषों के लिए इतना मुश्किल क्यों है?

दरअसल स्त्री का मनोविज्ञान कुछ ऐसा होता है कि वह अपनी भावनाओं का इजहार करने के प्रति अत्यधिक सचेत होती है इसकी सबसे बडी वजह यह है कि भारतीय समाज बचपन से ही लडकियों की परवरिश इस तरह की जाती है कि वे अपने व्यवहार की छोटी-छोटी बातों को लेकर बहुत सतर्क रहती हैं- उन्हें बचपन से कम बोलना सिखाया जाता है- इस वजह से ज्यादातर लडकियां अंतर्मुखी और शर्मीली होती हैं और प्यार के मामले में भी वे स्वयं अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने के बजाय वे इस बात की उम्मीद रखती हैं कि उनका ब्वॉय फ्रेंड या प्रेमी स्वयं उसकी भावनाएं समझने की कोशिश करे-

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