Selfie-सेल्फी मुझे भी लेना है

आजकल सेल्फी(Selfie) का दौर है जिसको देखो सेल्फी लेने में लगा हुआ है तरह-तरह की Selfie(सेल्फी) का प्रचलन बड़े-जोर से चल निकला है कल रात की बात है मै एक साईट पे सर्च करने निकल गया तो अजीब-अजीब सेल्फी(Selfie) देखने को मिली पहले कभी सेल्फी का चलन नहीं था आज अपने चेहरे की तस्वीरें खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड और साझा करने का चलन ‘सेल्फी’ नाम से जाना जाने लगा है इसका सबसे जादा प्रचलन 2013 से शुरू हुआ और बदस्तूर आज भी जारी है-

Selfie-सेल्फी मुझे भी लेना है


हमें याद है जब हम पढ़ते थे तो स्कूल के बिदाई समारोह में सभी स्टूडेंट के साथ एक ग्रुप फोटो बनाई जाती थी इसे आप ग्रुप सेल्फी(Group Selfi) का नाम दे सकते है फिर उसे कमरे में लगा कर हर सुबह अपने दोस्तों को देख कर तसल्ली कर लिया करते थे एक ताजा याद बनी रहती थी -

वास्तव में इसका खास श्रेय दो लोगो को दिया जा सकता है पहले हमारे चिरपरिचित अभिनेता सलमान भाई को और दूसरे हमारे प्रधान-मन्त्री जी को-अब तो आलम ये है कि हर व्यक्ति सेल्फी(Selfie) में मस्त है और फिर साथ में सोसल-मिडिया जो है सेल्फी लो और फेसबुक पे अपलोड कर दो -फेसबुक भी कमाल की चीज है एक मिनट में आप अपने क्रिया कलापों को हर जुड़े व्यक्ति को शेयर कर वाह-वाही ले सकते है भले उसका आपका दूर-दूर तक कोई नाता न हो -और हो भी क्यों नहीं -आखिर वास्तविक जीवन में तो हम अपनों से तो कट ही चुके है-

कल एक सेल्फी(Selfie) देख रहा था एक लेडीज ताजमहल के साथ सेल्फी ले रही थी अब बेचारा ताजमहल भी क्या करे जब ये शेयर होगी तो लोग ताजमहल की सुन्दरता पे कम कमेन्ट करेगे तारीफ के पुल तो सेल्फी लेने वाले को मिलेगे -कोई कहेगा वाह आप बहुत सुंदर हो, कोई कहेगा वेरी नाईस,काश हम भी आपके साथ होते -क्या पता ये कमेन्ट ताजमहल के लिए है या सेल्फी(Selfie) लेने वाले के लिए है -अब तो हमारे विदेशो में इसका प्रचलन इतनी तेजी से फैल गया है कि अमरीका के राष्टपति जहाँ जाते है Selfie-सेल्फी लिया बिना नहीं चूकते है हमारे प्रधान-मन्त्री जी भी हर एक के साथ सेल्फी खिचवाने में तनिक भी गुरेज नहीं करते है -

सबसे बड़ी बात है आजकल इसका फर्क हमारे फोटोग्राफर पर पड़ा है उनके दिन तो लद गए बेचारे दिन भर दुकानों पे बैठे कस्टमर के आने की बाट जोहते रहते है -वैसे भी क्यों न हो एक ज़माना था जब पासपोर्ट साइज की फोटो खिचवा लो तो बड़ी अकड के साथ फोटो-ग्राफर कहता था तीन-चार दिन बाद आना -अब तो जगह-जगह बोर्ड टंगे है बस दस मिनट में फोटो ले-तकनीक का कमाल है-

वैसे भी लोग तरह-तरह के रिसर्च करते ही रहते है अभी हाल में अमरीका में ओहियो स्टेट युनिवर्सिटी है वहां सेल्फी का रिसर्च किया गया कि कौन सबसे जादा सेल्फी(Selfie) पोस्ट कर रहा है तो देखने में आया है कि जो व्यक्ति सबसे जादा सेल्फी पोस्ट कर रहा है वो साइकोपाथ(आत्ममुग्ध)है  यानि मेरी बात समझ आ गई होगी कि वह मनोरोगी निकला यदि आप अपनी सेल्फी पोस्ट करते है तो माना जा सकता है कि आप भी आत्ममुग्ध है और आत्ममुग्धता एक बीमारी है-

अच्छी सेल्फी(Selfie) के लिए आवश्यकता है एक अच्छे स्मार्ट फोन की और आपके खुबसूरत चेहरे की -अगर आपका चेहरा खुबसूरत नहीं है तो परेशान न हो आज कल प्लास्टिक-सर्जरी का ज़माना है अपना आपरेशन करा कर आप भी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते है आपके थोबड़े का पूरा नवीनीकरण(modernization) किया जा सकता है फिर आप आराम से चाहे जिसके साथ सेल्फी(Selfie) ले -

पाकिस्तान में भी ये क्रेज बढ़ गया है अब तो वहां के पत्रकार भी आतंकवादियों के साथ सेल्फी लेने से भी नहीं हिचकते है और आतंकवादी तो जिसका सर कलम करने वाले होते है सेल्फी के साथ-साथ पूरा वीडियो ही अपलोड करते है -

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लाग में लिखा है कि सेल्फी विधा में अंतरंगता(Intimacy) दिखती है- कहते हैं कि फोटो खींचने की यह चमत्कारिक विधि(Wondrous method) है जिनके साथ सेल्फी ली जाती है उनके संग एक खास तरह की अंतरंगता को दिखाती है- जो सेल्फी लेता है वो काफी संतुष्ट हो जाता है- दिक्कत यह है जब हम सेल्फी को लेकर सीमा पार करने लग जाते हैं अभी हाल में ऐसे कुछ परिणाम सामने आये है-

कुछ दिन पहले मीडिया में खबर थी मुम्बई के तीन स्टूडेंट अपने जन्म-दिन पर झील के किनारे सेल्फी लेने की होड़ में जान गँवा दी वो अच्छी सेल्फी आये इसलिए आगे-और आगे गहरे पानी में चले गए और बाकी दोस्त ये सोचते रहे अभी बाहर आ जाएगा और एक नया केस आगरे का भी टी.वी पर था आगरा के पास रेलवे ट्रैक दौडती ट्रेन के साथ सेल्फी के चक्कर में अपनी जान से हाथ धो बैठे -मेरी सलाह है सेल्फी ले और खूब अपलोड करे बस अपने इस पागलपन में आप अपनी जान न गँवाए -

क्रेज ये आ गया है लोग मुर्दे(dead) के साथ भी सेल्फी(Selfie) लेने लगे है सच विश्वास न हो तो गूगल महराज की शरण में जाके सर्च करे आपको मुर्दे के साथ ली गई सेल्फी मिल जायेगी वैसे ये सेल्फी लेने वाले अपने धुन के बड़े पक्के होते है ट्रेन में चढ़े और दरवाजे पे लटक कर सेल्फी ली और अपलोड कर दी पागलपन की हद तब हो जाती है कल एक जटाजुट धारी अघोरी के साथ किसी को सेल्फी लेते देखा फिर भिखारी के साथ ली और बन्दे ने अपलोड कर दी सोचता हूँ हम भी सोचते है कि इसकी आदत डाल ही ले वर्ना हमारे नाती-पोते ये न कहने लगे कि हम बैकवर्ड क्लास के है-

कल रात जब सेल्फी की पोस्ट देखते देखते मुझे नींद आई तो सपने में देखा लोग पर्यटक स्थल पे कैसी -कैसी सेल्फी ले रहे है एक खुबसूरत लड़की अपने कुत्ते के साथ सेल्फी(Selfie) लेने में मस्त है कोई घोड़े के साथ कोई कार के साथ सेल्फी लेने में लगा है कई लोग अंगेजो के साथ सेल्फी ले रहे है आने वाले समय में लोग जब लोग बाथरूम में भी ली गई सेल्फी फेसबुक पे अपलोड करेगे -और फिर आपको ये कमेन्ट पढने को मिलेगे - "काश हम भी साथ होते ...."

एक व्यंग-है कृपया दिल से न ले -


Upcharऔर प्रयोग-
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3 comments:

  1. बहुत ही उम्दा लेख है, इसके बारे में शब्दनगरी (http://shabdanagari.in/post/33581/i-also-have-to-take-a-Selfie-bhi-ek-selfie-lena-4431994) पर आपके पेज पर पढ़ा और फिर सर्च करके आपके इस ब्लॉग तक आ गया. आपके व्यंग्य वास्तव में समाज का सजीव चित्रण करते हैं

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    1. Shubham Sharma जी धन्यवाद आपका लेख पढने के लिए - वास्तव में आज समाज में एक भेड़ चाल चल रही है उसने किया हम करेगे लोग समझने का प्रयास भी नहीं कर रहे है कि हम किस बात को अपनाए और किस बात को छोड़ दे - सेल्फी लेने की आदत अधिक से अधिक पाल लेना भी हमें एक तरह से बीमार बना देता है क्युकि सेल्फी लेने वाला व्यक्ति जब उसे सोसल मीडिया पे अप लोड करता है या फिर दूसरों को शेयर करता है तो उसको लोगो की वाह-वाही से जो क्षणिक आनंद मिलता है वही आनंद प्राप्त करते करते उसमे अपनी अवहेलना सुनने की आदत खत्म हो जाती है और जब किसी कारण उसे जीवन में अवहेलना का सामना करना पड़ता है तब वही व्यक्ति मानसिक रूप से विकृत हो उठता है -

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