Important General Welfare Drug-महा कल्याणकारी औषिधि

8:00 am Leave a Comment
Important General Welfare Drug

आयुर्वेद जगत में वैसे तो सभी औषिधि अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है प्रकृति ने हमें अनेक प्रकार की वनस्पतियाँ आदि जीवनोपयोगी चीजे उपलब्ध कराई है लेकिन कृष्णवल्लभा सर्व रोग संहारक विष्णुप्रिया दिव्य अमृत मयी आरोग्यलक्ष्मी भगवती Basil(तुलसी) आयुर्वेद जगत में प्रत्येक रोग में बहुत ही प्रभावशाली महा-औषिधि है तुलसी शारीरिक व्याधियों के साथ-साथ आंतरिक भावों और विचारों पर भी कल्याणकारी प्रभाव डालती है -

जिस घर में Basil(तुलसी) का पौधा है वह घर अपने आप में तीर्थ सामान है इस प्रकार स्कन्दपुराण एवं पद्मपुराण के उत्तर खण्ड में स्पस्ट रूप से लिखा गया है व्याधि रूपी यमदूत सहज ही नहीं प्रवेश करते है ये सच है कि आरोग्य प्रदान करने में तुलसी का कोई भी मुकाबला नहीं है-


प्राणघातक और दु:साध्य रोगों को निर्मूल करने में तुलसी लाजवाब है आपको जानकारी के लिए ये भी स्पस्ट करता चलूँ कि तुलसी के पत्ते एक माह तक बासी नहीं होते है-

तुलसी धार्मिक,अध्यात्मिक,वैज्ञानिक द्रष्टि से सर्व प्रकारेण हितकारी एवं मंगल-कारी है -तुलसी-पूजन से स्त्रियाँ अपने सौभाग्य एवं वंशवृधि की कामना करती है -तुलसी के पत्ते में मौजूद कोशिकाएं अमृत-रस से परिपूर्ण होती है तथा तुलसी बीज और जड़ औषिधि -गुणों से परिपूर्ण है -

तुलसी में किनोल तथा अल्कलाइड होते है  Ascarbik acid(स्कार्बिक एसिड) और Carotene(केरोटिन) भी अधिक मात्रा में उपलब्ध है जिस घर में लह्लाहता हुआ तुलसी का पौधा है वहां कभी वज्रपात नहीं हो सकता है -

आइये जाने तुलसी किन-किन रोगों की औषिधि है-

1- प्रतिदिन खाली पेट तुलसी की सिर्फ नियमित पांच-सात पत्तियां निगलने से बल-तेज-वीर्य और स्मरण शक्ति(Memory) बढती है ध्यान रहे तुलसी के पत्ते को दांतों से नहीं चबाना चाहिए -सिर्फ निगल जाए-

2- तुलसी बीज को यदि पान में रखकर सेवन करने शीघ्रपतन(Premature Ejaculation)की शिकायत दूर होती है-

3- तुलसी की मंज्जरी पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोंस्टेरान(Sex hormone testosterone)की वृधि कर पौरुष शक्ति प्रदान करता है-

4- तुलसी जड़ का चूर्ण बराबर  की मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण के साथ मिलाकर गोदुग्ध के साथ सेवन करने से इरेक्टाईल डिस फंक्सन(Erectile Dis function ) की समस्या दूर हो जाती  है -

5- तुलसी के नियमित सेवन से स्त्रियों में मासिक धर्म(Menstrual)नियमित हो जाता है जिससे गर्भ-धारण की परेशानी दूर होती है-

6- तुलसी की जड़ और पुराने गुड के साथ मिलाकर दूध से सेवन करे पौरुष आपका बढ़ जाएगा-

7- कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो अग्नि कोण में तुलसी के पौधे को कन्या नित्य जल अर्पण कर एक प्रदक्षिणा(Circumambulation) करे तो विवाह जल्दी होता है और बाधाएं दूर होती हैं-

8- यदि कारोबार ठीक नहीं चल रहा तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखे तुलसी के पौधे में हर शुक्रवार कच्चा दूध अर्पण करें और किसी सुहागिन स्त्री को मीठी वस्तु दें- इससे व्यवसाय में सफलता मिलती है-

9- तुलसी की जड  कमर में बाँधने से गर्भवती स्त्रियों में प्रसव वेदना(Labor pains) कम होती है -

10- तुलसी के नियमित सेवन से विटामिन A तथा विटामिन B समूह की कमी दूर हो जाती है -

11- तुलसी पत्तियों का रस चावल के पानी के साथ सेवन करने से स्त्रियों में प्रदर रोग(Leucorrhoea) जड़ से मिट जाता है-

12- तुलसी पत्तियों को काली मिर्च के साथ खाली पेट सेवन करने से मधुमेह(diabetes) की समस्या में सुधार होता है-

13- तुलसी का रस शरीर से विषाक्त तत्वों(Toxic elements) को शीघ्र बाहर निकाल देता है-

14- तुलसी के पत्ते के रस में नीबू का रस मिला कर पीने से चर्म रोग(Skin diseases) दूर होता है -

15- तुलसी की माला शरीर में धारण करने से संक्रामक बिमारी दूर होती है और शरीर की विधुत शक्ति नष्ट नहीं होती है-

16- तुलसी का रस कफ और वायुजनित रोगों का नाशक तथा दर्द निवारक है इसके सेवन से रक्तदोष दूर होता है-

17- तुलसी पत्तियों को दही के साथ सेवन करने से वजन कम होता है तथा कोलेस्ट्राल कम होता है-

18- तुलसी blood pressure(ब्लडप्रेशर) नियमित करती है पाचनतंत्र को नियमित करती है तथा मानसिक रोगों को दूर करती है-

19- तुलसी हिचकी,खांसी,श्वास रोग में रामबाण है-

20- ये किडनी की कार्यशक्ति में वृधि करती है -तुलसी का रस और शहद के सेवन से किडनी को ताकत मिलती है-

21- तुलसी के सेवन से Mouth ulcers(मुंह के छाले) दूर होते है-

22- तुलसी के सेवन से Wrinkles(झुरियां)ठीक हो जाती है तथा पैरों की बिवाइयाँ भी ठीक हो जाती  है -

23- तुलसी पावडर तथा सूखे आंवले का पावडर बालों का झड़ना(Hair loss) रोक देते है-

24- अपच-कब्ज-गैस(Indigestion-constipation-gas)रोगों के लिए तुलसी रामबाण दवा है-

25- तुलसी के सेवन से injury(घाव)जल्दी भर जाते है और Broken Bone(टूटी हड्डी) भी शीघ्र जुड़ जाती है-

---तो इंतज़ार क्यों आज ही घर में तुलसी का पौधा लाये और अध्यात्मिक उन्नति के साथ रोगों को भी दूर भगाए-

नोट- तुलसी के पत्तों को दांत से न चबाये - यदि तुलसी से होने वाले रोगों का वर्णन करता जाऊँगा तो मुझे तीन चार पोस्ट और भी लिखनी पड़ेगी -कहने का मतलब ये है कि तुलसी लगभग बहुत से रोगों की दवा है -घर में तुलसी का पौधा लगाए ये आपके घर में परेशानी और नकारात्मक उर्जा को भी आपसे दूर रखता है -

Upcharऔर प्रयोग-

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

-->