22 मई 2016

Influenza-इन्फ्लुएंजा मात्र दो दिन में

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वर्षा काल के मौसम में कुछ रोगों का जन्म महामारी का जन्म हर साल होता है बस कभी कभी डॉक्टर लोग उसका नाम अवस्य बदल देते है जैसे आजकल "स्वाइन फ्लू" का लोगो में एक भय बना हुआ है अनेक लोग हर वर्ष इस रोग से काल-कलवित हो जाते है आयुर्वेद में इसे Influenza-इन्फ्लुएंजा को वात श्लैष्मिक ज्वर भी कहा जाता है इस रोग का विभिन्न नुस्खो से चिकित्सा की जाती है-

Influenza-इन्फ्लुएंजा


हम अब जिस नुस्खे का वर्णन कर रहे है वह वातश्लैष्मिक ज्वर(Vata influenza)को मात्र दो दिन में ही ठीक कर सकता है और इसे बनाना भी कोई मुश्किल काम नहीं है आप  इसकी सभी सामग्री आयुर्वेदिक दवा बेचने वाले पंसारी से प्राप्त कर सकते है लोगो को बता कर भी आप लाभावान्तित हो सकते है-

सामग्री-


रस सिंदूर- 80 ग्राम
नीम छाल- 10 ग्राम
चिरायता- 10 ग्राम
श्वेत सरसों- 10 ग्राम
भारंगी- 10 ग्राम
मोथा- 10 ग्राम
बहेड़ा- 10 ग्राम
तेजपात- 10 ग्राम
बच- 10 ग्राम
लाल चन्दन- 10 ग्राम
सुहागे की खील- 10 ग्राम
पिप्पली- 10 ग्राम
कूठ- 10 ग्राम

सारी सामग्री को कूट-पीस-घोट ले आपस में और किसी कांच के शीशी में रख ले -

मात्रा-


125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम तक शहद या फिर अदरक के स्वरस के साथ दिन में एक से दो बार रोग के अनुसार दे -

आभार-कविराज अत्रि देव गुप्त

Upcharऔर प्रयोग-

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