Younger-युवा सोच क्या हो रही है

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आज-कल के युवा(Younger) बहुत तेजी से जवानी की दहलीज पर कदम रखने की ओर बढ़ रहे है और ये Younger(युवा) अक्सर सपनों की दुनिया में जीते हैं और वे सेक्स(sex) को लेकर सबसे ही ज्यादा उत्साही होते हैं और इस अति उत्साह में कई गलतियां भी कर जाते हैं वे ऐसी-ऐसी हरकतें कर बैठते हैं जिसका उन्हें बाद में खामियाजा भुगतना पड़ता है-कई बार सेक्स के बारे में जानने की चाहत में बाहरी नुकसान तो कम होता है लेकिन उन्हें नैतिकता(Morality) का नुकसान जरूर उठाना पड़ता है-

Younger-युवा सोच


आइये हम आपको युवाओ(Younger) द्वारा की जाने वाली गलतियोंसे भी अवगत कराते है -

कुछ युवा(Younger) तो पार्कों में कपल्स(Couples) के पास जाकर उन्हें परेशान करते है ये सेक्स और रिलेशनशिप(Sex and Relationship) को लेकर बहुत ज्यादा उत्साही होते हैं इसी उत्साह में वे पार्कों, सिनेमाघरों आदि में एकांत में बैठे प्रेमी जोड़े के पास जाकर उन्हें परेशान करते हैं सेक्स से जुड़ी अपनी कुंठाओं(Frustrations) के चलते वे किसी भी तरह से लड़की को हासिल करना चाहते हैं यही कोशिश परेशानी का सबब है और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है जबकि ऐसे लोग सच पूछिये तो मानसिक रूप से बीमार(Mentally ill) ही कहे जा सकते है-

कुछ मानसिक कुंठाओं(Mental frustrations)से ग्रस्त युवाओं(Younger)को लगता है कि महिलाओं के आंतरिक-वस्त्र(Andergarments) किसी दूसरी दुनिया की चीजें हैं वे छिप-छिप कर उन्हें देखने की कोशिश करते रहते हैं और कई बार बाहर सूख रहे अंडरगार्मेंट्स पर कमेंट करना और कई बार आसपास मौजूद लड़कियों के अंडरगार्मेंट्स में झांकने की कोशिश भी उन्हें बड़ी मुसीबत में डाल सकती है- 

जिज्ञासावश या कुंठा के कारण युवा(Younger)और भी कई गलतियां कर जाते हैं उनमें से एक ये भी है कि अगर उन्हें कहीं से किसी अनजान लड़की का फोन नंबर मिल जाए तो वे उस पर ब्लैंक कॉल करने लगते हैं अश्लील मैसेज और वीडियो शेयर करके भी लड़कियों को परेशान करने से बाज नहीं आते है ऐसे में वे कभी भी साइबर क्राइम(Cyber Crime) के जाल में फंस सकते हैं -

सेक्स एजुकेशन(sex education) की सड़क छाप किताबें पढ़ना सेक्स के बारे में जानने की इतनी ललक इन युवाओं में होती है कि वे कहीं से भी इसके बारे में जानने की फिराक में रहते हैं- इसके लिए वे इंटरनेट से लेकर सड़क -छाप सेक्स एजुकेशन की किताबों तक का सहारा लेते हैं ‘मस्तराम’ टाइप की ये किताबें उन्हें सेक्स एजुकेशन कितना देती हैं इस पर कोई दावा तो किताब छापने वाले भी नहीं कर सकते है लेकिन ये किताबें उनमें सेक्स से जुड़ी कुंठाएं जरूर भर देती हैं और पढने के बाद जो शारीरिक क्षति(physical damage) होती है वो कुछ सालों के बाद पता चलती है तब तक "तोते आपके हाथ से उड़ चुके होते है"

लड़कियों के स्कूल के बाहर घूमना-फिरना और उनकी छुट्टी के वक्त रास्ते में खड़े होने जैसी हरकतें भी इस उम्र में देखी जाती हैं इस बीच लड़कियों को छेड़ना- उन पर फब्तियां कसना जैसी हरकतें करके उन्हें लगता है कि वे अब बड़े हो गए हैं और उनकी यह हरकतें उन्हें लड़कियों की नजर में ऊंचा उठा रही हैं लेकिन ये हरकतें उन्हें पिटवाने के साथ ही पुलिस के चक्कर में भी फंसा सकती हैं-

अपनी उत्सुकता को शांत करने के लिए ये युवा लोग महिलाओं के वॉशरूम(Washroom) में ताक-झांक करने से भी बाज नहीं आते है सेक्स के बारे में अपने सेक्स ज्ञान की कुंजी(Sex Knowledge) को मोटा करने के लिए वे महिलाओं के वॉशरूम में जाकर उसे करीब से देखने भी पहुंच जाते हैं असल में वे जानना चाहते हैं कि महिलाओं के वॉशरूम पुरुषों के वॉशरूम से अलग कैसे होते हैं यह गलती भी कई बार उन्हें भारी पड़ जाती है-

इस उम्र में सेक्स को लेकर युवा(Younger)बहुत ज्यादा उत्सुक होते हैं और ऐसे में वे पब्लिक प्लेस में लड़कियों से चिपकने की भी कोशिश से बाज नहीं आते है भीड़ भरी बस हो या मेट्रो और बड़े मेले, ये युवा लड़कियों के ज्यादा से ज्यादा करीब पहुंचकर उन्हें छूने की हर कोशिश करते हैं- ऐसे में लड़किेयों से चिपकना, उन्हें जबरदस्ती छूने की कोशिश करना कई बार इन युवाओं को कानून के पचड़ों में फंसा देता है- इसके अलावा पब्लिक के बीच सरेआम जिल्लत का भी सामना करना पड़ जाता है-

जैसे-जैसे मोबाइल और इंटरनेट क्रांति आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे ये बीमारी भी बढ़ रही है यौवन की दहलीज पर कदम रखने की तरफ बढ़ रहे युवा(Younger) भी गलती से इस जाल में फंस जाते हैं -होस्टल में रहने वाले युवा अपने ही कुछ साथिओं के साथ पोर्न फिल्मो के प्रति अपनी रुझान को रोक नहीं पा रहे है -आगे चल कर इसके घातक परिणाम जैसे-नपुंसकता,स्वप्न-दोष,टेडा-पन,सूजाक आदि अनेक बीमारियों से दो चार होना पड़ता है -छोड़ दीजिये ऐसे मित्रो का साथ वो "आपके दोस्त नहीं दुश्मन है" जो आपको गलत मार्ग पे ले जा रहे है-

जब आप मनोरंजन के लिए और सेक्स के बारे में जानने के लिए अश्लील वीडियो का सहारा लेते हैं उनकी यह गलती तब और बढ़ जाती है, जब वे ऐसे वीडियो दोस्तों के साथ शेयर भी करने लगते हैं ऐसे में उनके कानून के जाल में फसंने की गुंजाइश बहुत ज्यादा होती है-

इस उम्र में हम-उम्र लड़कियों से दोस्ती होना आम बात है लेकिन तेजी से जवान हो रहे लड़के हर मुमकिन कोशिश करते हैं कि उनकी गर्लफ्रेंड किसी तरह बेडरूम तक पहुंच जाए- ऐसे में वे अपने दोस्तों तक से लड़ पड़ते हैं वे दोस्ती के इस रिश्ते में सेक्स खोजने की भरसक कोशिश करते हैं कई बार तो यह कोशिश जबरदस्ती तक पहुंच जाती है कच्ची समझ के कारण ऐसा कदम उठाने के कारण उन्हें जुवेनाइल होम की सैर भी करनी पड़ सकती है-

सेक्स से जुड़ी अपनी कुंठाओं को पूरा करने के लिए युवा हद से ज्यादा हस्तमैथुन करने लगते हैं हस्तमैथुन से किसी तरह की कोई उस समय कमजोरी नहीं आती है लेकिन बार-बार इस क्रिया से उनकी सेक्स से जुड़ी कुंठाएं और बढ़ती जाती हैं जो आगे चलकर उनके लिए घातक हो सकती हैं उनके खुद के लिए और समाज के लिए भी-

परिणाम-

आजकल के युवा बिंदास लाइफ जीना पसंद करते हैं उन्हें अपनी लाइफ में किसी का भी हस्तक्षेप पसंद नही है बहत्तर फीसदी युवाओं को बिंदास लाइफ, नशा और सेक्स पसंद है  युवाओं को शादी से पहले सेक्स संबंध गलत नहीं लगते है सर्वे में 72 फीसदी युवाओं ने माना कि अगर रजामंदी हो तो शादी से पहले सेक्स को वे गलत नही मानते है -

ये है जल्द से जल्द जवान होने की सोच का परिणाम की शादी से पहले ही नामर्दी की दवा खोजे देखे जाते है और असमय ही बुढ़ापे की तरफ अग्रसर हो जाते है-

पहले के लोग जो संयम से अपने शरीर की रक्षा करते थे उनकी उम्र के साथ-साथ शारीरिक छ्मताये भी होती थी पैसठ सत्तर साल की उम्र में भी संभोग करने में सक्षम पाए जाते थे आज के युवाओ में पूरी उम्र भी इतनी नहीं रह गई है तीस साल में ही खुद का खेल खतम कर लेते है-

क्या आप बता सकते है कि जो लड़की को शादी करके घर में लाते है उसकी इक्छाओ की पूर्ति करना और संतुष्ट करना आपकी नेतिक जिम्मेदारी नहीं है फिर सोचे कि ये कसूर आखिर किसका है ...?


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