Shankh-शंख के क्या-क्या फायदे

Shankh-शंख का महत्त्व धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी है वैज्ञानिकों का मानना है कि शंख(Shankh)ध्वनि के प्रभाव में सूर्य की किरणें बाधक होती हैं अतः प्रातः व सायंकाल में जब सूर्य की किरणें निस्तेज होती हैं तभी शंख-ध्वनि करने का विधान है इससे आसपास का वातावरण तथा पर्यावरण शुद्ध रहता है और आयुर्वेद के अनुसार शंखोदक भस्म से पेट की बीमारियाँ, पीलिया, कास प्लीहा यकृत, पथरी आदि रोग भी शंख(Shankh)के प्रयोग से ठीक होते हैं-

Shankh-शंख के क्या-क्या फायदे


तंत्र शास्त्र के अनुसार सीधे हाथ की तरफ खुलने वाले शंख(Shankh)को यदि पूर्ण विधि-विधान के साथ करके इस शंख को लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर में अलग-अलग स्थान पर रखने से विभिन्न परेशानियों का हल हो सकता है दक्षिणावर्ती शंख(Dkshinavarti Shankh)को तिज़ोरी मे रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है इसलिए घर में शंख रखा जाना शुभ माना जाता है-

लक्ष्मी के हाथ में जो शंख(Shankh)होता है वो दक्षिणावर्ती(Dkshinavarti)अर्थात सीधे हाथ की तरफ खुलने वाले होते हैं वामावर्ती शंख को जहां विष्णु का स्वरुप माना जाता है और दक्षिणावर्ती शंख(Dkshinavarti Shankh)को लक्ष्मी का स्वरुप माना जाता है दक्षिणावृत्त शंख घर में होने पर लक्ष्मी का घर में वास रहता है-

वर्तमान समय में वास्तु-दोष के निवारण के लिए जिन चीज़ों का प्रयोग किया जाता है उनमें से यदि शंख(Shankh)आदि का उपयोग किया जाए तो कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं यह न केवल वास्तु-दोषों को दूर करता है बल्कि आरोग्य वृद्धि, आयुष्य प्राप्ति, लक्ष्मी प्राप्ति, पुत्र प्राप्ति, पितृ-दोष शांति, विवाह में विलंब जैसे अनेक दोषों का निराकरण एवं निवारण भी करता है-

शंख(Shankh)के क्या-क्या फायदे-

मान्यता है कि छोटे-छोटे बच्चों के शरीर पर छोटे-छोटे शंख बाँधने तथा शंख(Shankh)में जल भरकर अभिमंत्रित करके पिलाने से वाणी-दोष नहीं रहता है। बच्चा स्वस्थ रहता है पुराणों में उल्लेख मिलता है कि मूक एवं श्वास रोगी हमेशा शंख बजायें तो बोलने की शक्ति पा सकते हैं-

शंख(Shankh)के जल से शालीग्राम को स्नान कराएं और फिर उस जल को यदि गर्भवती स्त्री को पिलाया जाए तो पैदा होने वाला शिशु पूरी तरह स्वस्थ होता है साथ ही बच्चा कभी मूक या हकला नहीं होता है यदि कोई बोलने में असमर्थ है या उसे हकलेपन का दोष है तो शंख बजाने से ये दोष दूर होते हैं शंख बजाने से कई तरह के फेफड़ों के रोग दूर होते हैं जैसे दमा, कास प्लीहा यकृत और इन्फ्लून्जा आदि रोगों में शंख ध्वनि फायदा पहुंचाती है-

रूक-रूक कर बोलने व हकलाने वाले यदि नित्य शंख(Shankh)के जल का पान करें तो उन्हें आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा दरअसल ये मूकता व हकलापन दूर करने के लिए शंख-जल एक महौषधि है-

शंखों में भी विशेष शंख जिसे दक्षिणावर्ती शंख(Dkshinavarti Shankh)कहते हैं इस शंख में दूध भरकर शालीग्राम का अभिषेक करें फिर इस दूध को निरूसंतान महिला को पिलाएं इससे उसे शीघ्र ही संतान का सुख मिलता है-

बर्लिन यूनिवर्सिटी ने भी शंख(Shankh)ध्वनि का अनुसंधान करके यह सिद्ध किया कि इसकी ध्वनि कीटाणुओं को नष्ट करने कि उत्तम औषधि है-

पूजा-पाठ में शंख बजाने से शरीर और आसपास का वातावरण शुद्घ होता है और सतोगुण की वृद्घि होती है जो मनुष्य के विकास में सहायक होता है-

जहां तक शंख(Shankh)की आवाज जाती है इसे सुनकर लोगों के मन में सकारात्मक विचार पैदा होते हैं और वे पूजा-अर्चना के लिए प्रेरित होते हैं ऐसी मान्यता है कि शंख की पूजा से हमारी कामनाएं पूरी होती हैं-

चूंकि माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु, दोनों ही अपने हाथों में शंख को धारण करते हैं लिहाजा शंख को बेहद शुभ माना जाता है साथ ही ऐसी मान्यता है कि जिस घर(Shankh)में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास होता है और दिनों दिन उन्नति होती है-

शंख बजाने से फेफड़े का व्यायाम होता है और स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है खासतौर पर श्वास के रोगी के लिए यह बेहद असरदार माना गया है आयुर्वेद के अनुसार शंख(Shankh)बजाने से दमा, यकृत और इन्फ़्लुएन्ज़ा जैसी बीमारियां भी दूर होती हैं-

पूजा के समय शंख में जल भरकर देवस्थान में रखने और उस जल से पूजन सामग्री धोने और घर के आस-पास छिड़कने से वातावरण शुद्ध रहता है क्योकि शंख(Shankh)के जल में कीटाणुओं को नष्ट करने की अद्भूत शक्ति होती है साथ ही शंख में रखा पानी पीना स्वास्थ्य और हमारी हड्डियों, दांतों के लिए बहुत लाभदायक है शंख में गंधक, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे उपयोगी पदार्थ मौजूद होते हैं इससे इसमें मौजूद जल सुवासित और रोगाणु रहित हो जाता है इसीलिए शास्त्रों में इसे महाऔषधि माना जाता है-

शंख में जल रखने और इसे छिड़कने से वातावरण शुद्ध होता है शंख में कैल्श‍ियम और फॉस्फोरस के गुण मौजूद होते हैं लिहाजा शंख(Shankh)में रखे पानी के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं-

प्रयोग के लिए कुछ दिन के लिए शंख(Shankh)को घर में लाये और उपरोक्त नियम-अनुसार लाभ प्राप्त करे-
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Dkshinavarti Shankh-दक्षिणावर्ती शंख की घर में स्थापना करे 


Upcharऔर प्रयोग-
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