Intoxication-नशे की लत उपचार

8:22 pm Leave a Comment
आज समाज में हमारी युवा पीढ़ी दिनों-दिन Intoxication-नशे की ओर अग्रसर होती जा रही है और दुर्भाग्य से पिछले पांच से दस  सालों में यह बुराई बुरी तरह बढती जा रही है कुछ लोग अपनी मर्जी से नशा(Intoxication)करते हैं लेकिन कुछ शोकिया होते हैं जो बाद में अपने आप को नशे(Intoxication) की आग में झोंक देते हैं परन्तु कुछ कुसंगति के कारण इस लत का शिकार हो जाते हैं-

Intoxication


आजकल के कालेज लाइफ में ये रोग हमारी युवा पीढ़ी(Youth) को इस प्रकार लग गया है कि अनेको घर के बच्चे बर्बादी की कगार पे पहुँच गए है और घर वालो को तब पता चलता है जब वो पूरी तरह लिप्त हो जाते है इससे जादा गंभीर परिणाम यहाँ तक देखने को मिला है कि नशे(Intoxication)की लत पूरी करने के लिए राहजनी ,चोरी इत्यादि करने लगते है कालेज में लड़कियां भी खुद को स्मार्ट(Smart)बताने के लिए भी नशे(Intoxication)का सहारा ले रही है-जिसके गंभीर परिणाम शादी के बाद गर्भवती होने पे बच्चे पे भी पड़ते है-

हर कोई इस बुरी लत से अपने बच्चों और अन्य सदस्यों को बचाना चाहेगा-खुद नशे(Intoxication)की लत के शिकार कुछ लोग यही चाहते हैं की किसी तरह से इस लत से छुटकारा मिल जाए परन्तु उनका इस पर कोई वश नहीं-नशा(Intoxication)व्यक्ति की रगों में पहुँच कर व्यक्ति को अपना गुलाम बना लेता है व्यक्ति मानसिक रूप से पंगु हो जाता है -

यदि हर माँ बाप को यह जब यह ज्ञान हो जाये कि उनका बच्चा  नशा कर रह है तो शायद कुछ जिंदगियां बचा सकें मेरा अभिप्राय केवल इंतना है कि घरवालों को इसकी खबर ही नही लग पाती कि कब और कैसे उनके परिवार का सदस्य नशा करने लग गया है- नशे की लत को छुड़ाने के लिय सरकार ने नशा मुक्ति केन्द्र(De-addiction center)खोल रखे हैं -पता चलते ही वहां से मदद लेनी चाहिए-

यथासंभव यह प्रयास करना चाहिये जो कि नशा मुक्ति के लिए सीधा और सरल रास्ता है-मेरा यह लेख उन लोगो के लिए है जो नशा(Intoxication)छोड़ना चाहते है लेकिन छोड़ नही पाते नशे का संबंध मन मस्तिष्क से है-

शराब पीना और विशेषरूप से धूम्रपान के साथ शराब पीना बहुत ही खतरनाक है इससे अनेकों रोग जैसे कैंसर,महिलाओं में स्तन कैंसर, आदि रोग होते है-ऐसे बुरे व्यसन(आदत)एक मानसिक बीमारी है और इसे को छुडाने के लिए मानसिक बीमारी जैसे इलाज की आवश्यकता होती है-वात होने पर लोग चिंता और घबराहट को दबाने के लिए धूम्रपान का सहारा लेते है-पित्त बढने से शरीर के अन्दर गर्मी लेने की इच्छा होती है और धूम्रपान की इच्छा होती है तथा कफ बढने से शरीर के अन्दर डाली गयी तम्बाकू की शक्ति बढती है -

लेकिन आप इसका इलाज आयुर्वेद के माध्यम से कर सकते है और इसे बनाने के लिए18-20 जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है-सभी औषधियों को निश्चित मात्रा में मिलाकर यह दवा तैयार की जाती है इस दवा का कोई बुरा प्रभाव नहीं है यदि इसे शरीर के वजन और स्वास्थ्य अनुसार दवा की मात्रा तयकर लिया जाता है-इस दवा का प्रयोग किसी का शराब का नशा छुड़ाने, धूम्रपान का नशा छुड़ाने, और अन्य का नशा छुड़ाने (जैसे गुटका, तम्बाकू)में प्रयोग किया जा सकता है-

जड़ी बूटियों का विवरण और मात्रा निम्न है-

गुलबनफशा - 2 ग्राम
निशोध - 4 ग्राम
विदारीकन्द (कुटज) – 15 ग्राम
गिलोय – 4 ग्राम
नागकेसर - 3 ग्राम
कुटकी - 2 ग्राम
कालमेघ - 1 ग्राम
भ्रिगराज – 6 ग्राम
कसनी - 6 ग्राम
ब्राम्ही – 6 ग्राम
भुईआमला - 4 ग्राम
आमला - 11 ग्राम
काली हर्र  - 11 ग्राम
लौंग - 1 ग्राम
अर्जुन - 6 ग्राम
नीम – 7 ग्राम
पुनर्नवा - 11 ग्राम

कैसे प्रयोग करे-

उपर दी गयी सभी जड़ी -बूटियों को कूट और पीसकर पाऊडर बना लें -एक चम्मच दवा पाऊडर को एक दिन में दो बार खाना खाने के बाद पानी के साथ ले -इस दवा को खाने में मिलाकर भी दिया जा सकता है -जैसे -जैसे नशे की लत कम होने लगे इस दवा की मात्रा धीरे-धीरे कम कर दे -इस दवा का असर फ़ौरन पता चलने लगता है और लगभग दो माह में पूरी तरह से नशे की लत खत्म हो जाती है लेकिन दवा को कम मात्रा में और 2-3 दिन के अंतर के लगभग 6 माह दे जिससे नशे की लत जड़ से खत्म हो जाए-

ये दवा विज्ञापन वाले बना कर टी वी में आपको ही उलटे सीधे और मनमाने दामो पे बेचते है जबकि आप इसे घर पे ही बना सकते है -

एक और नशा मुक्ति उपाय-

लेख- राजीव दीक्षित द्वारा

एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं हमारे राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है लोगो का नशा छुड्वने के लिए और उस ओषधि का नाम है अदरक  और ये आसानी से सबके घर मे होती है  इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे और उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो  सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो जब भी दिल करे गुटका खाना है तंबाकू खाना है बीड़ी सिगरेट पीनी है  तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो  और यह अदरक ऐसे भी अदभुत चीज है आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहता है  इसको चूसते रहो आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी  तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी शराब पीने का मन ही नहीं करेगा -जैसे ही इसका रस लाड़ मे घुलना शुरू हो जाएगा आप देखना इसका चमत्कारी असर होगा आपको फिर गुटका -#तंबाकू शराब -बीड़ी सिगरेट आदि की इच्छा ही नहीं होगी- 

आप इसे सुबह से शाम तक चूसते रहो और आप ने ये 10 -15 -20 दिन लगातार कर लिया  तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा -

मेरा अनुभव-

पहले मुझे भी गुटखा खाने की आदत जाने कैसे पड़ गई थी तब जब ये आदत गंभीर रूप लेने लगी तो ये प्रयोग अदरक का किया- छुड़ाने के लिए हमने पांच साल पहले इसका उपयोग किया था मै पूरा दिन गुटका खाता था और कभी -कभी रात को भी खा के सोता था एक समय ये भी आया जब मुझे खाना खाने में तकलीफ होने लगी-

आप यकीन करे परिक्षण के लिए ये प्रयोग हमने स्वयं पे आजमाया और सिर्फ तीन दिन में ही मुझे गुटके से नफरत होने लगी लेकिन हमने इसे एक माह जारी रखा और तब से आज तक कभी भी मेरा मन नहीं हुआ है -

अदरक मैं ऐसे क्या चीज है यह अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र(केमिस्ट्री)मे कहते है इसे सल्फर-

अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है और जब हम अदरक को चूसते है जो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है तो ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है तो यह अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है-जो हमारे नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है और विज्ञान की जो रिसर्च है सारी दुनिया मे वो यह मानती है की कोई आदमी नशा तब करता है जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती हैतो उसको बार बार तलब लगती है बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की-तो सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो बाहर से ये तलब खत्म हो जाएगी -इसका राजीव भाई ने हजारो लोगो पर परीक्षण किया और बहुत ही सुखद प्रणाम सामने आए है-बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है-तो आप इसका प्रयोग करे -

अब आप ये सब नहीं कर सकते है तो होमिओपेथी की भी दवा है लीजिए अब  इसके उपयोग का एक दूसरे उपयोग का तरीका भी जाने-

अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है और सस्ता भी है इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं-आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को बोलो मुझे सल्फर नाम की दवा  दे दो-वो दे देगा आपको शीशी मे भरी हुई दवा दे देगा और सल्फर नाम की दवा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है प्रवाही के रूप मे आती है जिसको हम  घोल(Dilution)भी कहते है अँग्रेजी मे -

यह पानी जैसे आएगी देखने मे ऐसे ही लगेगा जैसे यह पानी है ये 5 मिली लीटर दवा की शीशी बीस या तीस रूपये की आती है और उस दवा का एक बूंद जीभ पर डाल लो सवेरे सवेरे खाली पेट फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो -ये 3 खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है  और जो ज्यादा पियक्कड  है जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है  वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे तो एक दो महीने तक करे बड़े बड़े पियक्कड की दारू छूट जाएगी -बस हो सकता है कि दो या तीन महीने का समय लगे - यही सल्फर अदरक मे होता  है और इसका अर्क ही होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है आप आसानी से खरीद सकते है लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत (पोटेंसी)की दवा दूँ आप उसको कहे 200 potency की दवा देदो या आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है.लेकिन जो बहुत ही पियकर है उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले- अगर समाज सेवा करनी है तो आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी और आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं-लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले  और अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे-

बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे आर्सेनिक(ARSENIC)तत्व की कमी होती है,उसके लिए आप ARSENIC- 200 का प्रयोग करे-चाय और काफी भी छुट जायेगी -

गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे फास्फोरस(PHOSPHORUS)तत्व की कमी होती है उसके लिए आप PHOSPHORUS 200 का प्रयोग करे ये गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी इत्यादि छुडा देगा -

शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा सल्फर (SULPHUR)तत्व की कमी होती है उसके लिए आप SULPHUR 200 का प्रयोग करे ये शराब को छुडा देता है लेकिन हो सके तो आप बाज़ार में मिलने वाली अदरक से ही शुरुवात करे आप को इससे ही पूरा लाभ मिल जाएगा-

Upcharऔर प्रयोग-

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