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9 जून 2017

आपको किस बीमारी में कौन सा जूस पीना चाहिए

वैसे तो जूस(Juice)का सेवन लगभग सभी लोग करते ही है लेकिन ये बहुत कम लोग जानते है कि कौन सी बीमारी में कौन सा जूस पीना चाहिए या फिर कौन सा जूस किस बीमारी में लेने से अनेक बीमारी(Disease)का उपचार भी हो जाता है चलिए आपको आज हम आपको एक सामान्य जानकारी से अवगत कराते है-

आपको किस बीमारी में कौन सा जूस पीना चाहिए

किस बीमारी में कौन सा जूस(Juice)ले-


1- जिस व्यक्ति को अनिंद्रा(Insomnia)की शिकायत है यानि की नींद न आने की शिकायत है तो उसे सेब, अमरुद, गाजर, आलू का रस, पालक का रस पीना फायदेमंद साबित होता है -

2- अपच(Indigestion)की शिकायत होने पर प्रात:काल गुनगुने पानी में एक नीम्बू को निचोड़कर पिए तथा भोजन के समय से आधा घंटा पहले एक चम्मच अदरक का रस पिए तथा पपीता , अनन्नास, ककड़ी और पत्ता गोभी का रस, गाजर, चुकंदर और पालक के मिश्रित रस का सेवन हितकारी है-

3- जिसका अस्थिभंग(Fracture)हुआ हो हड्डी विशेषज्ञ से इलाज कराने के बाद जल्दी लाभ के लिए पालक, चौलाई, मेथी, सहजन और अजवाइन के रसों को मिलाकर सेवन करे तथा आंवला,तरबूज,गाजर,अमरुद और पपीते का रस पीने से चोट वाले हिस्से को विशेष आराम मिलता है तथा उचित मात्रा में प्रोटीन प्राप्त होता है-

4- आधा सीसी(Migraine)की शिकायत के रोगी को एक गिलास पानी में एक नीम्बू का रस तथा एक चम्मच अदरक का रस लेना लाभदायक होता है-

5- पाचक रसों में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के अत्यधिक स्राव के कारण अनत्स्त्वचा का क्षय होने से आँतों में उपदंश यानी की घाव हो जाते है इस अतिस्राव का कारण अधिकतर मानसिक तनाव या संताप होता है इस आँतों के घाव यानी आँतों के उपदंश(Syphilis of Intestines)को भरने में गोभी का रस कारगर सिद्ध हुआ है-

6- एसिडिटी(Acidity)के मरीजों को गोभी और गाजर का मिश्रित रस लेना चाहिए उसके बाद ककड़ी, आलू, सेब, मौसमी और तरबूज का रस(Juice)भी ले सकते है तथा दूध का सेवन भी कर सकते है ये एसिडिटी को कम करता है-

7- कोलाइटिस(Colitis)के मरीजों को गाजर और पालक का मिश्रित रस सेवन करना चाहिए तथा गोभी, ककड़ी, सेब, चुकंदर, पपीते, बिल्वफल, संतरे का जूस भी लाभदायक है-

8- पेट में कीड़े(Stomach Worms)होने पर एक गिलास गुनगुने जल में एक चम्मच लहसुन का रस और एक चम्मच प्याज का रस मिलाकर सेवन करना लाभदायक होता है तथा कुम्हड़े और अनन्नास का रस भी उपयोगी होता है इसके बाद मेथी-पुदीने का मिश्रित रस तथा पपीते का रस भी उपयोगी है-

9- जिन लोगों को खाज(Scabies)की शिकायत है उन्हें गाजर और पालक का मिश्रित जूस पीना हितकारी है आलू, पपीते या तरबूज का रस भी पिया जा सकते है तथा इसके बाद आलू का रस खाज वाली त्वचा पर रगड़े -

10- खांसी(Cough)के रोगी को प्रात:काल गर्म पानी में शहद के साथ नीम्बू का रस पीना चाहिए तथा एक गिलास गाजर के रस में एक-एक चम्मच लहसुन, प्याज और तुलसी के रस को भी ग्रहण करना लाभदाई है-

11- गठिया(Gout)के रोगी के लिए गर्म पानी में शहद के साथ नीबू का रस मिलाकर लेना चाहिए तथा गर्म पानी में एक-एक चम्मच लहसुन और प्याज का रस मिलाकर सेवन से गठिया के रोगी को अदभुत लाभ होता है लेकिन शराब मांसाहार तथा अधिक प्रोटीन वाले भोजन का त्याग करना आवश्यक है-

12- चर्मरोग(Skin Diseases)के लिए गाजर और पालक का मिश्रित रस पिए तथा पपीते या आलू के रस के उपयोग के साथ त्वचा पे भी इस रस का लेप करना चाहिए-

13- टायफायड(Typhoid)होने पर प्रात:काल एक गिलास गर्म पानी में एक नीबू का रस सेवन करे या फिर एक गिलास गर्म पानी में एक-एक चम्मच प्याज और लहसुन का रस डालकर पिए-

14- संक्रामक रोग(Infectious Disease)यानी छूत की बीमारी में भी आप एक गिलास गुनगुने पानी में एक नीबू का रस और एक चम्मच शहद डालकर खाली पेट पिए तथा गाजर या मौसमी का रस भी ले सकते है-

15- पायरिया(Pyorrhea)के रोगी को गाजर, सेब, अमरुद को चबा चबा कर खाना चाहिए तथा इसका रस भी सेवन करना हितकारी है और नीबू, संतरे और हरी सब्जियों का रस भी उपयोगी है तथा बीच-बीच में लहसुन+प्याज का रस भी लेते रहना चाहिए-

16- दांत की तकलीफ(Tooth Pain)होने पर संतरा , सेब, गाजर आदि का जूस पिए और नीबू का रस भी उपयोगी है -

17- मूत्राशय रोग(Bladder Disease)की किसी भी तकलीफ में विशेष रूप से चुकंदर, गाजर, ककड़ी , तरबूज तथा हरे नारियल का पानी लाभदायक है-

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