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8 जुलाई 2016

Blood Donation-ब्लड डोनेशन से लाभ

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बहुत से लोगों के मन में ये दुविधा रहती है कि ब्लड डोनेट करने से हमारे शरीर में कमजोरी आएगी जबकि ये बात कोई -कोई ही जानता है कि ब्लड डोनेशन(Blood Donation) करने के क्या लाभ है फिर क्यों आप नहीं सोचते है कि खुद के लाभ को लेते हुए आप दूसरों की जान बचाने में भी सहभागी बने ये आपके लिए दुनियां का सबसे बड़ा पुण्य कार्य भी है -

Blood Donation


Blood Donation-रक्तदान करने से न केवल किसी व्यक्ति का जीवन बचता है, बल्कि रक्तदाता में नई कोश‍िकओं का सृजन करता है-

Blood Donation-रक्तदान-कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है-इससे ज्यादा कैलोरी और वसा को बर्न होता है और पूरे शरीर को फिट रखता है-

रक्तदान(Blood Donation) आयरन का स्तर नियंत्रित करता है जिससे रक्त को गाढ़ा बनाता है और उसमें फ्री रेडिकल डैमेज बढ़ता है-

देश में हर साल 250 सीसी की चार करोड़ यूनिट ब्लड की आवश्यकता पड़ती है और सिर्फ पांच लाख यूनिट ब्लड ही उपलब्ध हो पाता है फिर जरा सोचे कि कितने लोग इस ब्लड से वंचित रह जाते है आप किसी के जीवन को बचाने में सहभागी बने क्युकि ब्लड का उत्पादन नहीं किया जा सकता है और न ही इसका कोई विकल्प आज तक है -ब्लड की कमी का एकमात्र कारण जागरूकता का अभाव है-

हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा खून होता है-Blood Donation सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है इसमें जितना खून लिया जाता है वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है-

ब्लड डोनेशन(Blood Donation) से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है डॉक्टर्स का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है- जो कि हृदय के लिए बहुत ही अच्छा होता है तथा एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है-

ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है- इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है-18 साल से अधिक उम्र के स्त्री-पुरुष जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो एक वर्ष में तीन-चार बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं-

ब्लड डोनेट करने योग्य लोगों में से अगर मात्र 3 प्रतिशत भी खून दें तो देश में ब्लड की कमी दूर हो सकती है ऐसा करने से असमय होने वाली मौतों को रोका जा सकता है-रक्तदान नहीं करने वाले भी ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करके खुद भी स्वस्थ रहे तथा कई लोगों की जान बचा सके-

ब्लड डोनेट से पहले-

  1. ब्लड डोनेट करने वाले शख्स को रक्तदान के 24 से 48 घंटे पहले ड्रिंक नहीं करनी चाहिए-
  2. ब्लड डोनेट करने से पहले व कुछ घंटे बाद तक धूम्रपान से परहेज करना चाहिए-
  3. ब्लड डोनेट करने से पहले पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के सही व स्पष्ट जवाब देना चाहिए-
  4. ब्लड देने से पहले मिनी ब्लड टेस्ट होता है जिसमें हीमोग्लोबिन टेस्ट,ब्लड प्रेशर व वजन लिया जाता है ब्लड डोनेट करने के बाद इसमें हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, सिफलिस व मलेरिया आदि की जांच की जाती है इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर डोनर का ब्लड न लेकर उसे तुरंत सूचित किया जाता है-यानी कि हर बार आपका चेकअप भी होता रहता है-
  5. Blood Donation करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं इससे शरीर में किसी भी तरह की कमी नहीं होती है-
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