प्लेटलेट काउंट(Platelet Count) कैसे बढायें

9:42 am Leave a Comment

प्लेटलेट काउंट(Platelet Count) कैसे बढायें-

एक वयस्क व्यक्ति के शरीर के भार में लगभग आठ प्रतिशत भार मानव-रक्त का होता है तथा  एक स्वस्थ मनुष्य का सामान्य Platelet Count एक Microlitre रक्त में लगभग 1,50,000 से 4,50,000 तक रहता है आइये सबसे पहले समझे रक्त के प्रमुख क्या कार्य है-

Platelet Count

रक्त(blood)आक्सीजन एवं पोषक तत्वों को फेफड़ो एवं शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाने का कार्य करती है तथा अवशिष्ट एवं जहरीले पदार्थों को निकालने में भी सहायक है तथा यह शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है तथा प्लेटलेट का सबसे महत्वपूर्ण कारक है शरीर को विभिन्न रोगों के आक्रमण से बचाने का प्लेटलेट(Platelets) का महत्वपूर्ण स्थान है जिसमे मुख्य है-रक्तर्स्राव के दौरान Vascular spasm,Platelet Plug formation एवं रक्त के थक्के जमाने में-

प्लेटलेट काउंट कम होने के कारण-

1- Spleen में प्लेटलेट की उपस्थिति जो कि कैंसर अथवा गंभीर लीवर बीमारियों के कारण होती है -

2- प्लेटलेट के निर्माण में कमी निम्न कारणों से भी होती है -

ल्यू केमीया
कुछ प्रकार की रक्ताल्पता
वायरल इन्फेक्शन
कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाएं
अत्यधिक शराब का सेवन
विषैले रासायनिक पदार्थों से सम्पर्क
B12 जैसे विटामिनों की कमी 

3- प्लेटलेट का सामान्य से अधिक गति से टूटना जो कि निम्न कारणों से होता है-

ऑटो इम्यून बीमारियों के कारण
कुछ दवाइयों के प्रतिक्रिया स्वरूप
रक्त में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण 

4- गर्भवस्था एवं निम्न स्वास्थ समस्याओं के कारण शरीर में ये लक्षण परिलक्षित होने से लगते है जैसे-अत्यधिक लम्बे समय तक रक्तस्राव ,नाक अथवा मसूड़े से अचानक रक्त बहने लगना,मूत्र अथवा मल में रक्त का जाना ,स्त्रियों को मासिक स्राव के दौरान अस्वाभाविक रूप से जादा रक्तस्राव -

5- जिन लोगों का प्लेटलेट काउंट सामान्य से कम होता है प्राय: वे लोग बहुत अधिक थकान एवं सारे समय कमजोरी की शिकायत करते पाए जाते है -

6- हम अपने जीवन शैली में कुछ परिवर्तन करके तथा कुछ खाने-पीने की वस्तुओं को रोजमर्रा के जीवन में शामिल करके प्लेटलेट स्तर(Platelet Count) को अत्यंत शीघ्रता से बढ़ा सकते है आइये देखते है वो क्या है जिसको हम अपने जीवन में लाये और प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहयोग करे-

पपीता(Papaya)- 

पपीता(papaya)एवं पपीते की पत्तियों से प्लेटलेट स्तर(Platelet Count) को कुछ ही दिनों में बढाया जा सकता है तथा पपीते की पत्तियों का रस Dengue बुखार के मरीजों का प्लेटलेट स्तर बढ़ा सकता है -पका पपीता भी खाया जा सकता है अथवा पपीते का रस एक गिलास थोड़े से नीम्बू का रस डालकर दिन में दो या तीन बार भी ले सकते है-पपीते के पत्तों का रस पीसकर निकाला जा सकता है इस कडवे रस का दो चम्मच रस दिन में दो बार पिया जा सकता है ये आपके प्लेटलेट काउंट को तेजी से बढाता है-

गेहूं के ज्वारे(Wheatgrass)-

गेहूं के ज्वारे भी प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में लाभकारी सिद्ध हुए है Wheatgrass सिर्फ प्लेटलेट काउंट(Platelet Count) ही नहीं हिमोग्लोबिन(Hemoglobin) लाल रक्त के कण और सफ़ेद रक्त कण को भी बढाता है यह इसलिए होता है कि Wheatgrass में उच्च मात्रा Chlorophyll होता है जिसकी संरचना मानव रक्त के हिमोग्लोबिन जैसी होती है-

कद्दू(Pumpkin)-

कद्दू भी प्लेटलेट काउंट बढाने में सहायक है क्युकि कद्दू विटामिन A से भरपूर होता है जो कि प्लेटलेट काउंट(Platelet Count) के विकास में सहायता करता है इसके अतिरिक्त यह Cells में उत्पन्न होने वाले प्रोटीन को भी सही मात्रा में नियंत्रित करता है जो कि प्लेटलेट काउंट को बढाने के लिए महत्वपूर्ण है-

पालक(Spinach)-

पालक विटामिन K का एक उत्तम स्त्रोत है जो लो प्लेटलेट काउंट के उपचार में सहायक होता है विटामिन K रक्त का सही थक्का बनाने में मददगार होता है और इस प्रकार ये अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित भी करता है पालक को आप नियमित भोजन में किसी भी रूप में ले सकते है-

आँवला(Gooseberry)-

आयुर्वेदिक उपचार में आँवले का उपयोग प्लेटलेट काउंट को बढाने में बहुत होता है इसमें पाया जाने वाला Vitamin C प्लेटलेट उत्पादन के साथ-साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढाता है आप खाली पेट दो या तीन आंवला ले सकते है या आंवले का रस शहद के दो तीन बार ले सकते है आप भोजन में मुरब्बे का प्रयोग से भी ये लाभ ले सकते है-

विटामिन सी(Vitamin C)-

प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए विटामिन सी जो कि एस्कार्बिक एसिड (Ascorbic Acid) भी कहलाता है इसे बढ़ाना होता है विटामिन सी की उच्च मात्रा Antioxident क्षमता के कारण उच्च मात्रा में देने से प्लेटलेट का क्षरण बहुत ही कम किया जा सकता है आप इसे डॉक्टर की सलाह से ले सकते है-

लहसुन(Garlic)-

रक्त शुद्धिकरण के लिए लहसुन का प्रयोग उत्तम है क्युकि ये स्वाभाविक रूप से एंटीबायोटिक(Antibiotic) है ये रक्त में वसा(Fat) की मात्रा को भी कम करता है -

नोट-

उपरोक्त  सभी का उपयोग करे लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन अवश्य करे -


Upcharऔर प्रयोग-

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

-->