Love-प्यार और Woman

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Love-प्यार का रहस्य इतना गहरा है जितना समझने की कोशिश की इन्शान ने उतना ही उलझता गया इसके रहस्य को जानने के लिए बहुत से प्रेमी दार्शनिक और कवि बन गए है पुरुष के लिए बस एक बार इसमें डूबना और फिर उससे निकल पाना बहुत मुसकिल है प्यार(Love)से शायद ही कोई निकल पाता है जब तक उसके अहम को ठेस न लगे आखिर क्यों है मुशकिल स्त्री(Woman)को जान पाना -आखिर एक Woman पुरुष से क्या अपेक्षा रखती है -

Love-प्यार और Woman


प्यार(Love)हर व्यक्ति के अंदर रचा बसा होता है बस आवश्यकता है कि उसे कब एहसास होता है और जब उसे प्यार एहसास होता है समझ ले दुनियां और जहान उसे खुबसूरत नजर आने लगती है इन्शान से लेकर पेड़-पौधे-पशु-पक्षी तथा निर्जीव वस्तुओं में भी उसे खूबसूरती का एहसास होने लगता है-स्त्री(Woman)के जीवन में पहला प्यार(Love)बहुत महत्व-पूर्ण होता है-वो अपनी जिन्दगी का पहला प्यार कभी नहीं भूल सकती है भले उसे पहला प्यार नसीब न हो और उसे अनमने मन से शादी करनी पड़े लेकिन पहले प्यार(Love)की कल्पना को वो पूरी जिन्दगी में अपने दिलो-दिमाक से नहीं निकाल पाती है-

लेकिन पुरुष स्त्री(Woman)के मन में क्या है इसको समझ पाना बहुत ही मुसकिल है इस रहस्य को न समझ पाने के कारण ही इस श्लोक की रचना की गई है -

                   " स्त्रियश्चरित्रं पुरुषस्य भाग्यं दैवो न जानाति कुतो मनुष्य:।"

अब प्रश्न ये है कि क्या पुरुष स्त्री(Woman)के अंतर्मन को क्यों नहीं समझ पाता है बात ये है? स्त्री का मनोविज्ञान ही कुछ ऐसा है हमारे भारतीय समाज की परम्परा में लड़कियों की परवरिस का बहुत प्रभाव है उन्हें छोटी-छोटी बातों के प्रति सतर्क किया जाता है बचपन से ही माँ-बाप उसे कम बोलना सिखाते है -इसलिए ही लड़कियां(Girls)जादा शर्मीली स्वभाव की होती है इसी कारण वे अपनी प्यार की भावनाओं को व्यक्त नहीं करती है और हमेशा ये अपेक्षा वे पुरुषों से करती आई है कि प्यार का इजहार पहले पुरुष करे -वैसे भी प्यार के मामले में स्त्री(Woman)के ना-नुकुर का मतलब हाँ ही होता है लेकिन पुरुष स्त्री के सामने खुद की पहल करने में काफी डरा और सहमा सा रहता है-वैसे अब वक्त बदल गया है आज लडकियाँ(Girls)पहले जैसे नहीं रही है-फिर भी अधिकतर लड़कियां आज भी अपने प्रेमी से ही ये अपेक्षा करती है -

आज से तीस साल पहले का एक वाकया है मेरी शादी हो चुकी थी लेकिन हमारे एक मित्र की शादी नहीं हुई थी जब उनकी शादी हुई तो भाभी श्री ने बताया कि कैसे हम दोनों मिले दरअसल दोनों एक ही कालेज में थे और दोनों ही अच्छे दोस्त थे दोनों की दोस्ती कब प्यार(Love)में बदल गई भाभी बताती है कि अब मै इन्तजार कर रही थी कि ये कब प्यार का इजहार करेगे और वक्त गुजरता गया साल गुजरे-अब तो इस बात की खीज भी होने लगी थी कि क्यों ये मेरी भावनाओं को नहीं समझ पा रहे है-चार साल तक बस एक अच्छे दोस्त बने रहे मन ही मन एक दूसरे को चाहते रहे लेकिन किसी ने पहल नहीं की-अचानक ही एक दिन मेरी कालेज की सहेली ने जब इनसे ये कहा-ये दोस्ती कब शादी(wedding)में बदलेगी-तब जाकर इन्होने जुबान खोली-कहा-प्यार तो करता हूँ लेकिन कहने की हिम्मत नहीं है-फिर हिम्मत जुटा कर एक दिन बोल ही दिया-क्या हम लोग हमेशा के लिए एक सूत्र में बंध सकते है और उसका परिणाम आज ये है कि हम अब जाके दाम्पत्य जीवन में बंध सके-हम दोनों आज भी जब याद करते है हंसी आती है-अगर ये मुझे प्रपोज नहीं करते तो शायद ये बात दिल में ही दबी रह जाती -

इस आधुनिक युग में पढी-लिखी लडकियां भी प्रेम(Love)के मामले में अपने प्रेमी से ही इस बात की उम्मीद करती हैं कि पहले उनका प्रेमी उनके सामने अपने प्यार का इजहार करे-

जिन छोटी-छोटी बातों को कभी हम नहीं समझते या फिर समझना नहीं चाहते है वो कभी-कभी प्यार(Love) के बीच दूरियां बढ़ा देती है और कभी -कभी ये दूरियां इतनी बढ़ जाती है कि एक दूसरे से अलग हो जाते है प्यार है तो स्वार्थ से उपर उठ कर सोचो-एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करो -बेतकल्लुफ़ होकर हर छोटी-से-छोटी बातों को शेयर करें-ये जीवन की खुशियाँ बरकरार रहने के लिए आवश्यक है-वर्ना फिर आगे चल कर परेशानी का सबब न बन जाए-

शादी के बाद पत्नी को गुलाम नहीं समझें वो आपकी अर्धागिनी है आप का आधा अंग-मतलब आपके यदि आधे शरीर को कोई परेशानी या रोग हो तो जिस तरह आप अपनी परेशानी समझ कर उसका इलाज करते है-उसी तरह पत्नी भी आपका आधा अंग है उसकी परेशानियों को नजर अंदाज करना उचित नहीं है-जिस तरह वो आपका ख्याल रखती है उसी तरह उसके हर काम में सहयोग करना आपकी भी जिम्मेदारी बनती है-आखिर वो भी हाड-मांस से बनी एक इन्शान है जो दिन भर आपके घर के लोगों की सेवा करती है आपकी जिम्मेदारियां और बच्चों की जिम्मेदारियां उठाती है उसमे आपका एक सहयोग उसके मन की और शरीर की थकान दूर करने के साथ आपसी प्यार को भी मजबूती प्रदान करता है-पत्नी को भी ये एहसास हो कि जिसे वो प्यार करती है उसको भी उसकी फ़िक्र रहती है-

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