Properties Of Bitter Gourd-करेले के गुण

करेले(Bitter Gourd) का स्वाद भले ही कड़वा हो लेकिन सेहत(Health)के लिहाज से यह बहुत फायदेमंद होता है करेले में अन्य सब्जी या फल की तुलना में ज्यादा औषधीय गुण(Properties) पाये जाते हैं करेला खुश्क तासीर वाली सब्जी‍ है तथा यह खाने के बाद आसानी से पच जाता है करेले में फास्फोरस पाया जाता है जिससे कफ की शिकायत दूर होती है करेले में प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस और विटामिन पाया जाता है-

Bitter Gourd


करेला(Bitter Gourd)के गुण- 
  1. कुदरत ने कडवा करेला Bitter Gourd बनाया है लेकिन करेले को निचोड़ के उस की कड़वाहट लोग निकाल देते हैं जबकि करेले का छिलका नहीं उतारना चाहिए और उसका कड़वा रस नहीं निकालना चाहिए तथा हफ्ते में या पंद्रह दिन में एक दिन करेला खाना स्वास्थ  के लिए अच्छा है-
  2. हमारे शरीर में छ: रसों की आवश्यकता होती है -मीठा, खट्टा, खारा, तीखा, कषाय और कड़वा - जिनमे से हम सभी लोग जादातर पांच रस ही खाते है - मीठा,खट्टा,खारा,तीखा, कषाय - लेकिन कड़वा नहीं खाते हैं-जबकि करेले का कडवापन में क्या गुण(Properties)है आइये आपको हम अवगत कराते है-
  3. कड़वे करेले(Bitter Gourd)में बीमारियो से लड़ने की उम्दा शक्ति है- प्रति 100 ग्राम करेले में लगभग 92 ग्राम नमी होती है तथा साथ ही इसमें लगभग 4 ग्राम कार्बोहाइडेट, 15ग्राम प्रोटीन, 20 मिलीग्राम कैल्शियम, 70 मिलीग्राम फस्फोरस, 18 मिलीग्राम, आयरन तथा बहुत थोड़ी मात्रा में वसा भी होती है- इसमें विटामिन ए तथा सी भी होती है जिनकी मात्रा प्रति 100 ग्राम में क्रमश: 126 मिलीग्राम तथा 88 मिलीग्राम होती है-
  4. करेला हमारी पाचन शक्ति को बढाता है जिसके कारण भूख बढती है तथा करेला ठंडा होता है इसलिए यह गर्मी से पैदा हुई बीमारियों के उपचार के लिए फायदेमंद है-
  5. कफ की शिकायत होने पर करेले का सेवन करना चाहिए चूँकि करेले(Bitter Gourd)में फास्फोरस होता है -करेला खाने वाले को कफ की शिकायत नहीं होने पाती है- इसमें प्रोटीन तो भरपूर पाया जाता है- इसके अलावा करेले में कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन पाए जाते हैं- करेले की छोटी और बड़ी दो प्रकार की प्रजाति होती है- जिससे इनके कसैलेपन में भी अंतर आता है-
  6. करेला लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए तो करेला रामबाण औषधि है तथा लकवे के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है- इसलिए लकवे के मरीज को कच्चा करेला खाना चाहिए-
  7. जलोदर रोग होने पर आधा कप पानी में 2 चम्मच करेले का रस(Bitter gourd juice)मिलाकर ठीक होने तक रोजाना तीन-चार बार सेवन करने से फायदा होता है-
  8. पथरी रोगी को दो करेले का रस प्रतिदिन पीना चाहिए और इसकी सब्जी खाना चाहिए- इससे पथरी गलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है-
  9. पीलिया के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद है पीलिया के मरीजों को पानी में करेला पीसकर खाना चाहिए-या करेले के जूस(Bitter gourd juice)का सेवन करे-
  10. दस्त और उल्टी की शिकायत की सूरत में करेले का रस निकालकर उसमें काला नमक और थोड़ा पानी मिलाकर पीने से फायदा देखा गया है-करेले के पत्तों को सेंककर सेंधा नमक मिलाकर खाने से अम्लपित्त के रोगियों को भोजन से पहले होने वाली उल्टी बंद होती है-
  11. करेले के तीन बीज और तीन कालीमिर्च को पत्थर पर पानी के साथ घिसकर बच्चों को पिलाने से उल्टी-दस्त बंद होते हैं-
  12. दमा होने पर बिना मसाले की छौंकी हुई करेले की सब्जी खाने से फायदा होता है-
  13. डायबिटीज के लिए करेला(Bitter Gourd)रामबाण इलाज है- करेला खाने से शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है-करेला मधुमेह में रामबाण औषधि का कार्य करता है- छाया में सुखाए हुए करेला का एक चम्मच पावडर प्रतिदिन सेवन करने से डायबिटीज में चमत्कारिक लाभ मिलता है क्योंकि करेला पेंक्रियाज को उत्तेजित कर इंसुलिन के स्रावण को बढ़ाता है-
  14. करेला खून साफ करता है तथा करेला खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है तथा विटामिन ए की उपस्थिति के कारण इसकी सब्जी खाने से रतौंधी रोग नहीं होता है- 

  15. बवासीर होने पर एक चम्मच करेले के रस में आधा चम्मच शक्कर मिलाकर एक महीने तक प्रयोग करने से बवासीर की शिकायत समाप्त हो जाती है-
  16. गठिया रोग होने पर या हाथ-पैर में जलन होने पर करेले के रस से मालिश करना चाहिए- इससे गठिया के रोगी को फायदा होगा-जोड़ों के दर्द में करेले की सब्जी का सेवन व जोड़ों पर करेले के पत्तों का रस लगाने से आराम मिलता है-
  17. करेले के रस को नींबू के रस के साथ पानी में मिलाकर पीने से वजन कम किया जा सकता है-करेले का रस और एक नींबू का रस मिलाकर सुबह सेवन करने से शरीर की चर्बी कम होती है और मोटापा कम होता है-
  18. REED MORE-
Upcharऔर प्रयोग-
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