25 अप्रैल 2017

जीवन रक्षक घोल क्या है कैसे घर पर बनायें

हमारे सभी के शरीर में प्राकृतिक रूप से जलीय अंश की एक सामान्य मात्रा होती है और जब किसी भी कारण से जब यही जल की मात्रा सामान्य रूप से कम हो जाती है तो इसे ही मेडिकल भाषा में निर्जलीकरण या डिहायड्रेशन(Dihayadration)कहते है और इस कमी का जल्द ही सुधार किया जाना आवश्यक होता है इस स्थिति को सुधारने की क्रिया को हम पुनर्जलन(Rehydration)करना कहते है आप सभी को इस जीवन रक्षक घोल(O.R.S)की जानकारी अवश्य होनी चाहिए ताकि उल्टी-दस्त होते ही आप घर पर तुरंत ही जीवन रक्षक घोल रोगी को पिला सकें और उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा कर सकें-

जीवन रक्षक घोल क्या है कैसे घर पर बनायें

जीवन रक्षक घोल(O.R.S)घर पर बनाने की विधि-


सादा नमक(Plain salt)- एक चाय का चम्मच 
खाने का सोडा(Baking Soda)- एक चम्मच 
पानी उबाल कर ठंडा किया हुआ(Boiling Cold water) -आठ गिलास या तीन लोटा 
नीबू का रस(Lemon juice)-1/2 नीबू 
शक्कर(Sugar)- 1/4चम्मच 

1- ठन्डे किये पानी में सभी उपरोक्त चीजो को मिला कर कांच या मिटटी के बर्तन में रक्खें बर्तन साफ़ होना चाहिए भूल कर भी आप इसे ताबें या पीतल के बर्तन में न रक्खें और 12 घंटे के बाद इस घोल को दुबारा ही बनाना चाहिए-

2- बच्चों को जब भी उल्टी-दस्त शुरू होते ही जीवन रक्षक घोल(O.R.S) देना शुरू कर देना चाहिए देर करने से हालत बिगड़ सकती है पानी की कमी से मृत्यु तक हो सकती है इसलिए लापरवाही उचित नहीं है-

3- उम्र के अनुसार आप इसकी मात्रा निर्धारित कर सकते है अगर बच्चा दूध पीता है तो उसे माँ का दूध नहीं बंद करे साथ ही इस घोल को चम्मच द्वारा अवश्य थोड़ी-थोड़ी देर से देते रहे-

4- ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स (ओआरएस) डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण को दूर करने का ये सबसे किफायती और प्रभावशाली उपाय है इसके जरिये शरीर को इलेक्ट्रॉल्स ग्लूजकोज और जल की पर्याप्‍त मात्रा मिलती है ये बच्चों के दस्त लगने पर किसी संजीवनी से कम नहीं है इससे बच्चों का दस्त ठीक हो जाता है डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों को बिना चिकित्सकीय सलाह के भी ओआरएस का घोल दिया जा सकता है इसके कारण बच्चों की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने से भी बच सकती है-

5- ओआरएस(O.R.S)को दुनिया भर में सराहा जाता है इसे इस सदी की सबसे बड़ी चिकित्सीय उपलब्धि भी माना जाता है अगर डायरिया बढ़ जाए या दस्त के साथ खून आए तो भी डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए- अगर बच्‍चे को दस्‍त के साथ लगातार उल्टियां भी हो रही हों तो भी आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

6- आज-कल बाजार में ओआरएस(O.R.S) के पैकेट उपलब्ध है लेकिन कभी-कभी अचानक जब रात को ये परेशानी हो और आपको मेडिकल न खुला हो तो आप इसे तुरंत घर पे बना सकते है-

मात्रा-

बच्चे की उम्र 6 महीने से कम है तब 10 मिलीग्राम और 6 महीने से ज्यादा है तब उसे 20 मिलीग्राम ORS घोल देना चाहिए-इसी तरह 2 साल से छोटे बच्चों को दस्त के बाद कम से कम 75 से 125 मिलीग्राम ORS घोल देना चाहिए और अगर बच्चा 2 साल से बड़ा है तब उसे 125 से 250 मिलीग्राम घोल रोजाना देना चाहिए-


Upcharऔर प्रयोग-

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